पीएनबी घोटाले के बाद एक और बड़ा बैंक घोटाला आया सामने, गुजरात की एक कंपनी को RBI के डिफॉल्टर लिस्ट में होने के बावजूद कंपनी को मिला लोन 2654 करोड़ का लोन.... Featured

06 Apr 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): देश के बैंकों में दिनोंदिन उजागर हो रहे नए घोटालों ने पूरे देश के साथ-साथ मोदी सरकार की भी नींद उड़ा रखी है. पहले नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बाद एक और बड़ा घोटाला सामने आ रहा है जिसके तार गुजरात से जुड़े हुए हैं. यानी नीरव मोदी के बाद गुजरात के एक और व्यापारी ने बैंक को मोटी चपत लगाई है. यानी एक और घोतालेबाज़ के नाम का उजागर हुआ है. मूलतः गुजरात के इस व्यापारी नाम एसएन भटनागर है. उनकी बिजली उपकरण निर्माता कंपनी डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है. इसके अलावा कंपनी अफसरों के ठिकानों पर सीबीआई ने दस्तावेजों की बरामदगी के लिए छापेमारी भी की है. 

गौरतलब है कि इस लोन घोटाले में एस एन भटनागर के अलावा उसके बेटे अमित और सुमित भटनागर भी फंसे हैं. कंपनी में बतौर एक्जीक्यूटिव कार्यरत दोनों बेटों के खिलाफ भी सीबीआई ने केस दर्ज किया है. कंपनी के निदेशकों पर 2654 करोड़ रुपये धोखाधड़ी कर हासिल करने का आरोप है.

शिकायत के मुताबिक कंपनी के प्रमोटर एसएन भटनागर ने 11 निजी और सरकारी बैंकों से कुल 2654 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. ये तमाम कर्ज 2008 से 2016 के बीच लिए गए. मगर भटनागर के स्वामित्व वाली कंपनी ने कर्ज ही नहीं चुकाया. आखिरकार 2016-17 में बैंक ने लोन की धनराशि को एनपीए घोषित कर दिया.

इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि बैंकों ने भटनागर की कंपनी को तब लोन दिया, जब भटनागर की इस कंपनी को रिजर्व बैंक ने डिफॉल्टर घोषित कर रखा था. इससे लोन घोटाले में बैंक अफसरों की संलिप्तता की ओर साफ़ इशारा हो रहा है. सीबीआई में दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक बैंक ऑफ इंडिया ने सर्वाधिक 670.51 करोड़, बैंक ऑफ वडोदरा का 348.99 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक का 279.46 करोड़ भटनागर की कंपनी पर बकाया है. यह कंपनी वडोदरा में बिजली उपकरण बनाती है.

बहरहाल इतना तो तय है कि देश में बैंकों को चपत लगाने वाला अकेला नीरव मोदी ही नहीं था बल्कि उसकी तरह कई ऐसी बड़ी मछलियां हैं जिन्होंने पूरे तालाब को गन्दा कर रखा है. साथ ही इसमें कई ऐसे बैंक अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने तमाम नियम क़ानून को ताक़ पर रखते हुए इन्हें लोन दिए. और आने वाले वक़्त में इससे जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं. अब देखना ये है कि सरकार इस सब पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम इ=उठाती है क्योंकि दिनोंदिन हो रहे इन घोटालों से जहां देश की जनता का बिश्वास सरकार और बकों से उठता जा रहा है वहीँ विपक्ष एक बार फिर से सरकार पर हमलावर होने वाला है क्योंकि अभी नीरव मोदी वाला किस्सा ख़त्म भी नहीं हुआ था की एक और घोटाला उजागर हुआ वो भी गुजरात से तो फिर तो बवाल होना लाजिमी ही है. कांग्रेस तो पहले से ही प्रधानमंत्री को सिर्फ व्यापारियों का हितेषी बता चुकी है.(इनपुट:जनसत्ता)

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