Items filtered by date: Thursday, 04 January 2018

आवाज़(संजीत खन्ना): झज्जर, 04 जनवरी। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवानने वीरवारको लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार की फलैगशिप योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें , परिणाम बेहतर मिलेंगे। बैठक में सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली शिकायतों के त्वरित निवारण, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुए जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निवारण, विकास कार्यो के लिए जिला के लिए माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन मे तेजी लाने आदि की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला उपायुक्त सोनल गोयल के दिशा निर्देशानुसार सभी विभाग सरकारी कार्यो में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा दें।

वहीँ सीएम विंडो के नोडल अधिकारी एवं नगराधीश अश्विनी कुमार ने विकास कार्यो की समीक्षात्मक बैठक में बताया कि जिले में अभी तक 4962 शिकायत दर्ज हुई हैं, इनमें से 4443 शिकायतों का निवारण हो चुकाहै। अतिरिक्त उपायुक्त ने बाकि शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो प्रदेश के मुख्यमंत्री और आमजन के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने जिला में 29 अक्टूबर को जिला स्तरीय जनता दरबार आयोजित कर आमजन की शिकायतों को सुना था और अधिकारियों को मौके पर ही शिकायत निवारण के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सीएम जनता दरबार में दर्ज शिकायतों को संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर निवारण कर उनके कार्यालय में एक्शन टेकन रिपोर्ट भिजवाएं। समीक्षात्मक बैठक सीएम घोषणाओ पर अब तक हुई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सीएम की घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जरूरत है ताकि जिला के विकास कार्यो को और तेज गति प्रदान हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्य समय पर पूरे होने से आमजन को लाभ मिलता है।बैठकमें एसडीएम बेरी संजय राय,नगराधीश अश्विनी कुमार, जिला परिषद सीईओ शिखा, सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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आवाज़(संजीत खन्ना): झज्जर, 4 जनवरी। झज्जर जिला के गांव जहांगीरपुर स्थित पंडित जागेराम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को माडर्न संस्थान बनाया जाएगा। वहीं झज्जर जिला के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की बड़ी औद्योगिक इकाईयों की मदद से जिला स्तरीय रोजगार मेला भी आयोजित होगा तथा इलाके में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को तवज्जो मिलेगी। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की मांग पर यह घोषणाएं राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य, औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विपुल गोयल ने गुरूवार को गांव जहांगीरपुर में पंडित जागेराम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पंडित जागेराम की प्रतिमा का अनावरण करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।उल्लेखनीय है कि गांव जहांगीरपुर में आईटीआई के निर्माण के लिए पंडित जागेराम ने साढ़े पांच एकड़ जमीन दान दी थी। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने में योगदान के लिए हरियाणा सरकार ने संस्थान का नामकरण पंडित जागेराम के नाम पर कर दिया तथा संस्थान में उनकी आदमकद प्रतिमा भी लगाई गई जिसका गुरूवार को अनावरण किया गया।हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि पंडित जागेराम की दानवीरता आने वाले समय में सारे गांव को प्रेरणा देगी। उनकी जयंती को जहांगीरपुर गांव में ग्राम गौरव दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह इलाका हर तरह से गौरवशाली है। स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा, दानवीर पंडित जागेराम, विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर, कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन-तीन मेडल लाने वाले पहलवान तथा युद्ध में बहादुरी के लिए दो-दो विक्टोरिया क्रॉस रिसलदार बदलूराम व उमराव सिंह को मिले। उन्होंने लोगों को इनसे प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा काम करो कि बरसों बाद लोग आपको याद करें। जहांगीरपुर आईटीआई को शिक्षा व संस्कार की स्थली बताते हुए उन्होंने कहा कि आज पंडित जागेराम की प्रतिमा का अनावरण करते हुए हम दो-दो मंत्री खुद को अभिनंदित महसूस कर रहे हैं।

वहीँ  उद्योग एवं वाणिज्य, औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विपुल गोयल ने संस्थान के लिए भूदान करने वाले पंडित जागेराम को महान विभूति बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का संकल्प है कि हर जिला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक मॉडर्न आईटीआई बने और झज्जर जिला में गांव जहांगीरपुर की आईटीआई को विकसित किया जाएगा। उन्होंने हरियाणा के कृषि मंत्री एवं बादली से विधायक ओमप्रकाश धनखड़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य दिया है उस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में कृषि मंत्री धनखड़ दिन रात काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए औद्योगिक विकास के लिए नई उद्योग नीति तैयार की गई है। जिसके तहत राज्य को चार श्रेणियों क्रमश: ए,बी,सी व डी में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अब तक 450 जॉब फेयर आयोजित किए जा चुके है। गुरूग्राम, रोहतक व बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाईयों की मदद से जल्द ही झज्जर जिला मेंजॉब फेयर आयोजित होगा।

 

 

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आवाज़(संजीत खन्ना, झज्जर): फर्जी इनवॉइस व कागजातों के जरिए प्राईवेट बसों के रूट परमिट लेने के मामले का झज्जर के बलजीत पूर्व सरपंच व राजपाल सुराह द्वारा फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ के जाने के बाद करीब 70 बसों के परमिटों पर तलवार लटक गई है और मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। विभागीय स्तर पर भी परमिट प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच के आदेश ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते वर्ष के आरंभ में सरकार द्वारा विभिन्न मार्गों पर रूट परमिट दिया जाए जाने की योजना शुरू की गई थी। इसी योजना के तहत अथॉरिटी लेटर मिलने के 90 दिनों के दौरान बसें खरीदी जानी थी।

मामले को उजागर करने वाले शिकायतकर्ता राजपाल पुत्र महेंद्र सिंह निवासी गांव सूराह व बलजीत सिंह पूर्व सरपंच सुराह ने बताया कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी झज्जर में हुई है और झज्जर के अलावा अंबाला, रोहतक, हिसार में फर्जीवाड़ा परमिटों के मामले में सामने आया है। उन्होंने बताया कि जिसमें सर्वाधिक अकेले झज्जर से हैं। अलॉटमेंट की प्रक्रिया फर्जी कागजातों के कारण लटक गई हैं और मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच गया है। राजपाल सिंह ने बताया कि अथॉरिटी लेटर मार्च 2017 के दौरान विभाग द्वारा ट्रांसपोर्टरों को जारी किया गया। लेकिन कई ट्रांसपोर्टरों ने 90 दिनों के दौरान बसेें न खरीद कर अवधि बीतने के काफी दिनों बाद बसें खरीदी गई और बसें खरीदने का इनवॉइस, इंश्योरेंस, अस्थाई नंबर फर्जी तरीके से 90 दिनों की अवधि के दौरान दिखा कर परमिट लेने में गड़बड़ी की गई। राजपाल व बलजीत सिंह के अनुसार फर्जीवाड़े के चलते ही झज्जर व  रोहतक के असिस्टेंट आरटीए पहले ही सरकार द्वारा निलंबित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के समक्ष उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मामला हाईकोर्ट में जाने के कारण जिन रूट परमिटों के लिए फर्जी दस्तावेज दिए गए वे बसें अब रूट पर चलने की बजाए ट्रांसपोर्टरों के यहां खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि पूरा फर्जीवाड़ा विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत के जरिये हुआ और बड़े भ्रष्टाचार के इस मामले को पूरी तरह से उजागर करने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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