SC/ST act का विरोध कर रहे कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनन्दन ठाकुर गिरफ्तार, फिर रिहा...... समर्थकों में भारी रोष......

11 Sep 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे बीजेपी की मुश्किलें भी बढती हुई नजर आ रही हैं... SC/ST act के खिलाफ देश भर के सवर्णों में बीजेपी का विरोध बढ़ता ही जा रहा है..... मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार जैसे कई प्रदेशों में बीजेपी को विरोध का सामना करना पड़ रहा है.....कहीं बीजेपी के सांसदों और विधायकों मंत्रियों को चूड़ियाँ भेंट की जा रही हैं तो कहीं उन्हें काले झंडे दिखाए जा रहे हैं... इतना ही नहीं कई जगह से तो बीजेपी के मंत्रियों को कार्यक्रम छोड़कर भागना पड़ा.... लगता है की अब ये SC/ST act बीजेपी के लिए मुसीबत बन गया है जो न निगलते बन रहा है न उगलते... हालांकि बीजेपी ने ये साफ़ कर दिया है कि वो इस एक्ट को न तो वापिस लेंगे और नाही इसमें किसी तरह का बदलाव करेंगे लेकिन जिस तरह से इस एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज बीजेपी के खिलाफ हो रहा है वो निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का विषय है क्योंकि आजतक ऐसा माना जाता रहा है की स्वर्ण समाज बीजेपी को ही बोत करता आया है.... मतलब साफ़ है की आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इसकी  भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है...... इसी कड़ी में आज बड़ी हलचल ये हुई कि उत्तर प्रदेश सरकार ने SC/ST एक्ट का विरोध कर रहे कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर को आगरा में गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद देश भर में उनके समर्थकों में सरकार के खिलाफ रोष और बढ़ गया.......देवकीनंदन आगरा में विरोध प्रदर्शन की जिद कर रहे थे. जबकि वहां जिला प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी है.

गौरतलब है कि देवकीनंदन ठाकुर एससी एसटी एक्ट संशोधन के विरोध को लेकर आजकल काफी चर्चा में हैं. इसी बात का विरोध करने के लिए वो आगरा में प्रदर्शन करना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हालांकि बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. देवकीनंदन ठाकुर एससी एसटी एक्ट का विरोध करने मंगलवार को आगरा आए थे. लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी. अनुमति न मिलने पर उन्होंने कमला नगर स्थित एक होटल में दोपहर 2 बजे प्रेस कांफ्रोस की. प्रेस कांफ्रेंस के 2 घंटे बाद यानी 4 बजे उनको शांति भंग के आरोप में धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस उनको गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई जहां से उनको निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद ठाकुर देवकीनन्दन मथुरा के लिये रवाना हो गये. प्रेस कांफ्रेंस में देवकीनंदन ने बताया कि उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. सोशल मीडिया के माध्यम से उनको जान से मारने की भी धमकी दी गई है. ये सब एससी एसटी एक्ट कानून का विरोध करने पर किया जा रहा है.

सरकार द्वारा की गई इस गिरफ्तारी का कई बुद्धिजीवियों ने भी विरोध किया है.....मशहूर कवि कुमार विश्वास ने इस गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए ट्वीट किया... उन्होंने कहा कि "जातिगत वोटों की बेशर्म लालसा में पहले तो इस सरकार ने संसद में एससी-एसटी एक्ट का बिल लाकर बाबा साहेब द्वारा प्रदत और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिष्ठित समान नागरिक अधिकारों का अपहरण किया....अब उसका विरोध कर रहे कथावाचक को गिरफ्तार करके सरकार ने ये सिद्ध कर दिया कि उसके अहंकार ने विवेक का अपहरण कर लिया है.........

गौरतलब है कि देवकीनंदन एक कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु हैं, जिन्होंने SC-ST एक्ट के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए 'अखंड इंडिया मिशन' नाम का एक दल भी बनाया गया है. इस दल के वो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं....एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव को समाज बांटने वाला बताते हुए भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार अगले दो महीने में इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रूप में बदल दे. यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम सब मिलकर देश को जातिगत राजनीति वाले दलों से स्थाई समाधान देंगे. कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर हाल ही में अपने एक विवादित बयान को लेकर खूब चर्चा में रहे. उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा था- 'दो महीने का समय हमने लिया है, अगर हमें हल मिल गया तो हम कुछ नहीं करेंगे. अगर नहीं मिला तो वो करेंगे जो भारत के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं.'

देवकीनंदन ठाकुर का जन्म 12 सितंबर 1978 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुआ था. वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के ओहावा गांव के एक ब्राह्मण परिवार से हैं. उनकी मां श्रीमद्भागवतगीता महापुराण में काफी विश्वास रखती थीं. उनके अलावा उनके 4 भाई और दो बहनें भी हैं. 6 साल की उम्र में वह घर छोड़कर वृंदावन पहुंचे और ब्रज के रासलीला संस्थान में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने भगवान कृष्ण और भगवान राम की भूमिकाएं निभाईं. श्रीकृष्ण (ठाकुरजी) की भूमिका निभाने की वजह से घर में उन्हें 'ठाकुरजी' कहा जाने लगा. कहा जाता है कि 13 साल की उम्र में उन्होंने श्रीमद्भागवतपुराण कंठस्थ कर लिया. उन्होंने निंबार्क संप्रदाय के अनुयायी के रूप में गुरु-शिष्य की परंपरा के तौर पर दीक्षा ली.

18 साल की उम्र में दिल्ली के शाहदरा में श्रीराममंदिर में श्रीमदभागवत महापुराण के उपदेश लोगों को दिए. इसके बाद उन्होंने कई जगहों पर श्रीकृष्ण और राम कथा का वाचन किया और उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने लगी. बता दें कि ट्विटर पर उनके 3 लाख 27 हजार फॉलोअर्स जबकि फेसबुक पर 25 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

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