उत्तर प्रदेश: बाबा रामदेव बोले: ग्रेटर नॉएडा से शिफ्ट करेंगे फ़ूड पार्क, तो सरकार में मचा हडकंप, योगी ने की बाबा को मनाने औए जल्द मामला सुझाने की बात.....

06 Jun 2018
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): हमारे देश में सरकारें किस तरह से काम करती हैं और किस तरह से उनकी उदासीनता का खामियाज़ा उद्यमियों और कारोबारियों को भुगतना पड़ता है इसका एहसास आज फिर हुआ जब पतंजलि जैसे मशहूर ब्रांड ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नॉएडा से अपने फ़ूड पार्क को कहीं और शिफ्ट करने की बात कही. पतंजलि की और से आचार्य बल कृषण ने सरकार के इस उदासीन रवैये की आलोचना करते हुए पतंजलि के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर फूड पार्क को शिफ्ट करने की बात कही थी और यूपी में प्रशासन पर जमकर निशाना साधा था.  ये आलम तो तब है जब सूबे में बीजेपी की सरकार है और हर कोई ये जानता है कि बाबा बीजेपी की आँखों के तारे हैं. अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है तो दुसरे उद्यमियों के साथ क्या बीतती होगी इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

लेकिन जैसे ही ग्रेटर नोएडा में बनने वाले पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क पर ये बवाल शुरू हुआ तो उत्तर प्रदेश सरकार के हाथ-पांव फूल गए.खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ ही घंटे में बाबा रामदेव से बात की और मामले को जल्द सुलझाने का भरोसा दिलाया. जिसके बाद यूपी सरकार की ओर से ये भरोसा दिलाया गया कि फूड पार्क ग्रेटर नोएडा से बाहर नहीं जाएगा और मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. वहीँ पतंजलि ग्रुप के प्रवक्ता एस के तिजारावाला के मुताबिक, 'नोएडा में बनने वाले पतंजलि फूड पार्क की जमीन के टाइटल सूट के लिए केंद्र सरकार की ओर से दो बार नोटिस भेजा गया था. लेकिन योगी सरकार की ओर से पतंजलि को टाइटल सूट नहीं सौंपा गया. इस वजह से ये दिक्‍कत आई है. यही नहीं इस वजह से दो और फूड पार्क को लेकर भी दिक्‍कत हो सकती है.'

इन सब ख़बरों के बीच बाबा रामदेव का कहना है कि 'केंद्र सरकार के मंत्रालय फूड प्रोसेसिंग मिनिस्ट्री ने अनुमति दी थी और कहा था कि जल्द से जल्द यहां पर मेगा फूड पार्क बना लें. लेकिन योगी सरकार ने इसके प्रति उदासीन रवैया दिखाया और उसको निरस्त कर दिया.' सरकार के इस रवैये से बाबा बहुत नाराज़ हैं और इसी सब के चलते उन्होंने इस फ़ूड पार्क को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही थी.

आखिर क्या है ये पतंजलि फ़ूड पार्क परियोजना......!

दरअसल पिछली सरकार में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने बाबा रामदेव की पतंजलि को यहाँ ग्रेटर नॉएडा में फ़ूड पार्क खोलने के लिए स्वीकृति दी थी, जिसकी कुल लागत 1666.80 करोड़ रुपये थी. ये फूड पार्क 455 एकड़ में बनना था. यूपी में अखिलेश यादव ने मुख्‍यमंत्री रहते हुए इस फूड पार्क की आधारशिला रखी थी. इसे जल्द से जल्द बन जाना था लेकिन अब जमीन विवाद को लेकर मामला अटकता दिख रहा है. वहीँ  बाबा रामदेव के मुताबिक, इस फूड पार्क से 8000 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार और 80 हजार लोगों को परोक्ष रोजगार मिलता. अब देखने वाली बात ये है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद क्या ये मामला जल्दी से सुलझ जाता है या फिर से व्ही ढाक के तीन पात वाली कहानी दोहराई जाती है.

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