राहुल की रणनीति दिखाने लगी है असर, उत्तर प्रदेश का बड़ा मुस्लिम चेहरा और पूर्व बीएसपी नेता नसिमुदीन सिद्दीकी आज कांग्रेस में होंगे शामिल......

22 Feb 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): राहुल गांधी जब से कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं तब से ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि पार्टी में बड़े बदलाव होंगे. लेकिन राहुल ने अध्यक्ष बनने के बाद कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई और पार्टी और संगठन को कैसे मजबूत बनाया जाए इसपर मंथन किया. वो देश में जगह-जगह घूमे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके पार्टी ही हार के पीछे के कारणों को जानने की कोशिश की. अब एक सधे हुए राजनितिक खिलाड़ी की तरह एक विशेष रणनीति बनाई. जिसका असर अब दिखने लगा है. राजनितिक पंडितों की मानें तो राहुल ने पूरी गंभीरता के साथ पार्टी को कैसे मजबूत बनाया जाए इसपर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मिलकर मंथन किया. अब ये रणनीति अपना असर दिखाने लगी है. पहले कांग्रेस छोडकर गये अरविंदर सिंह लवली वापिस आये और अब उत्तर प्रदेश का बड़ा मुस्लिम चेहरा और पूर्व बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी आज कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं. इस बाबत दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी. 

गौरतलब है कि नसीमुदीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश का बड़ा मुस्लिम चेहरा हैं और उन्हें मायावती के बेहद करीबी लोगों में से एक माना जाता था. जिन्हें मायाबती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का इलज़ाम लगाकर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. बीएसपी से निकाले जाने के बाद सिद्दीकी ने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा बनाया था. नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी मायावती की सरकार में मंत्री भी रहे थे. यानी उत्तर प्रदेश मेंमायावती के ख़ास रहे सिद्दीकी अब कांग्रेस का दामन थामने जा रहे हैं. इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो सिद्दीकी के साथ उत्तर प्रदेश के लगभग एक दर्ज़न पूर्व विधायक और सांसद भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. जो निश्चित तौर पर कांग्रेस के लिए 2019 के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस के लिए एक बड़ी कामयाबी हो सकती है.

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस राहुल को 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी के विकल्प के तौर पर प्रस्तुत करना चाहती है. ऐसे में उनकी रणनीति पहले मोदी विरोधी सभी जनाधार वाले नेताओं को कांग्रेस के छत्र तले लाने की है. ऐसे में कांग्रेस ने पार्टी छोड़ कर गये नेताओं को जो अपनी भूल पर पछता रहे हों फिर से कांग्रेस में लाने की कवायद शुरू तो कर ही दी है साथ ही सामान विचारों वाले देश के बड़े नेताओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने की कवायद शुरू की है. नसीमुदीन सिद्दीकी भी इसी कड़ी का एक हिस्सा हैं. अब ये कवायद क्या रंग लाती है और आने वाले लिक्सभा चुनावों में इसका फायदा कांग्रेस को तीन मिलता है ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि कांग्रेस का कुनबा बढ़ रहा है और जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आयेंगे वैसे-वैसे कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं की तादाद भी बढ़ेगी. 

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