प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव में अंधेरा, सोलर लाइट की बैटरी चुरा ले गए चोर......

17 Jan 2018
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): जिस गांव को देश के प्रधानमंत्री मोदी ने खुद गोद लिया हो उसके बारे में अगर कोई सोचे तो ऐसा ही सोचेगा कि वो गांव एक आदर्श गांव बन गया होगा. नागरिकों को तमाम सुख-सुविधाएं मिल रही होंगी. कारण साफ़ है कि देश के प्रधानमंत्री का गोद लिया गांव है. और वो भी ऐसे समय में जब केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी कि सरकार हो. लेकिन यहाँ कहानी बिलकुल उलटी है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए जयापुर गांव में पि‍छले कई महीनों से अंधेरा पसरा हुआ है. ऐसा नहीं है कि यहाँ सरकार कि तरफ से बिजली उपलब्ध न करवाई गई हो. दरअसल यहाँ बिजली के लिए जो सोलर लाइट्स लगाईं गयीं थीं उनमें से ज्यादातर लाइट्स तो ख़राब पड़ी हुई हैं. रही सही कसार चोरों ने पूरी कर दी.वो सोलर लाइट के लि‍ए लगाई गई बैटरी ही चुरा ले गये. पुलि‍स में इसकी शि‍कायत दी गई थी, लेकि‍न इसका कोई फायदा नहीं हुआ.

अब जाकर जब अपर पुलि‍स महानि‍देशक (एडीजी) वि‍श्‍वजीत महापात्रा द्वारा गांव का दौरा किया गया तो स्‍थानीय पुलि‍स हरकत में आई है. गौरतलब है कि पीएम मोदी द्वारा नवंबर 2014 में गोद लेने के बाद उत्‍तर प्रदेश का जयापुर गांव सुर्खि‍यों में आया था. जहाँ विकास कार्यों कि शुरुआत भी हुई जिसके तहत सरकारी बैंक और नि‍जी कंपनि‍यों ने गांव में सोलर लाइटें लगवाई थीं. लेकिन प्रशाशन कि बेरुखी देखिये कि एक साल से गांव में लगी ऐसी 135 स्‍ट्रीट लाइटों में से 80 खराब हैं. इनमें लगी बैटरी चोरी हो गई हैं. गांव वालों ने इसकी शिकायत थाणे में भी कि कोई कार्यवाही नहीं हुई. गांव के प्रधान श्रीनारायण पटेल कि मानें तो उन्‍होंने जयापुर पुलि‍स चौकी के साथ ही रोहनि‍या थाने में भी इसकी शि‍कायत दी थी, लेकि‍न इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

हि‍न्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की रि‍पोर्ट के अनुसार, एडीजी महापात्रा सोमवार (15 जनवरी) को जब जयापुर आए थे, तो उन्‍हें इसकी जानकारी दी गई थी. उन्‍हें बताया गया था कि‍ बैटरी चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के बाद अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है. एडीजी ने इसपर तुरंत कार्यवाही करते हुए स्‍थानीय पुलि‍स को चोरों को पकड़ने के साथ ही गांव में गश्‍ती बढ़ाने को कहा.

 

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