आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): जैसे ही कल उपचुनाव के नतीज़े आये सियासी गलिआरों में इस बात को लेकर चर्चा तेज़ हुई की मोदी को हराना है तो विपक्ष को एक होना होगा.यानी जो चीज़ अबतक असम्भव दिख रही थी अब वही संभव दिख रही है बस विपक्ष को अपने मतभेद भुलाकर एक होना होगा. जिसके लिए प्रयास भी शुरू हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ ये महागठबंधन अब कर्नाटक तक पहुँच गया है और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 2019 से पहले-पहले पूरे देश में मोदी के खिलाफ विपक्ष की लाम्बंदी होगी. बीजेपी के लिए महज़ विपक्ष की लामबंदी ही चिंता का विषय नन्हीं है बल्कि दिनोंदिन पार्टी के अपने वोट बैंक और खिसकता जनाधार भी चिंता का विषय है. ऐसे में बीजेपी से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोग और नेता भी इस बात पर चिंता जताने लगे हैं कि आखिर क्यों बीजेपी दिनोंदिन अपने वोट-बैंक को खोटी जा रही है.

ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब कल उपचुनाव के नतीजे आये. बीजेपी की हार पर नजर डालें तो या तो पार्टी का वोट-बैंक या तो घर से बाहर वोट डालने के लिए निकला ही नहीं या फिर उन्होंने बीजेपी को उस तादाद में वोट नहीं किया जितना की पहले होता था. पार्टी के इसी खिसकते जनाधार को लेकर बीजेपी से जुड़ी सामाजसेविका एवं माँ कालका धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्षा सुधा भारद्वाज ने भी चिंता जताई है. सुधा का कहना है कि पार्टी की इस हार की सबसे बड़ी वजह मोदी का दलित और पिछड़े वोट बैंक के प्रति प्रेम है. मोदी इसी वोट-बैंक को पाने के चक्कर में अपने वोट-बैंक को खोते जा रहे हैं जिसका खामियाज़ा पार्टी को भुगतना पड़  रहा है.

सुधा की मानें तो अगर बीजेपी नहीं सुधरी तो ये तो बस शुरुआत है इसका असली असर तो 2019 में देखने को मिलेगा जब बीजेपी के पुराने लोग भी उसे वोट नहीं देंगे. सुधा ने मोदी को सलाह दी कि मोदी को ये समझना होगा दलित और पिछड़े वोट-बैंक कभी भी बीजेपी के पक्ष में नहीं रहे. आप आंकड़े उठा कर देख लीजिये. और अब कितना दलित और पिछड़े का वोट आपको मिल रहा है वो भी आपके सामने है. आप अपने वोट-बैंक को खोते जा रहे हो. वहीँ राम मंदिर के मसले पर भी उन्होंने बीजेपी को नसीहत दी और उसपर राम मंदिर के बनाने से मुकरने का इलज़ाम लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर के मुद्दे पर आम-जन को ही नहीं बल्कि पूरे देश के साधू-संत समाज को भी ठगा है. अगर हल कोर्ट के द्वारा ही निकलना था तो क्योंकि सैंकड़ों हिन्दुओं की जानें गवाईं. आपने जन-भावनाओं को अपने राजनीतिक हित के पीछे कुर्वान कर दिया, और अब जब केंद्र में आपकी पूरी बहुमत वाली सरकार है तो आप कहते हैं की मामला कोर्ट में है.

सुधा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने आगे कहा कि  हमारी पार्टी को संतों का आशीर्वाद था. इसके अलावा प्रवीण तोगड़िया जैसे दिग्गज़ हमारे साथ थे. बीजेपी कभी बीजेपी ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य की पार्टी हुआ करती थी. हम सब लोगों ने मिलकर इसे अपने खून-पसीने से सींचा है और यहाँ तक पहुँचाया है. लेकिन अब जो बीजेपी आप देख रहे हैं इसमें हमारी कोई जगह नहीं है. पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता आडवाणी, मुरली मनोहर, जोशी, शांता कुमार, गोविन्दाचार्य, यशवंत सिन्हा आज कहाँ हैं. आज तो बस सब कुछ रिमोट से चल रहा है. बीजेपी अब प्राइवेट लिमिटेड पार्टी हो गई है जिस[पर बस दो लोगों का अधिकार है. वही सब कुछ करते हैं. लेकिन अब कार्यकर्ता सब समझ गया है. झूठ और काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती. अगर बीजेपी अभी नहीं चेती तो 2019 में उसे इस बात का खमियाज़ा भुगतना पड़ेगा. अभी भी वक़्त है पार्टी के कार्यकर्ता को सम्मान दो. उसकी बात सुनो, उसके ऊपर अपनी बात मत थोपो... सुधा ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि अभी नहीं चेते तो फिर वही कहना पड़ेगा कि अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत......

 

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): देश में हुए उपचुनाव की 4  लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों के नतीजे घोषित किये गये जिसके बाद देश में सियासी घमासान और तेज़ हो गया है. नतीजों को बीजेपी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है वहीँ फूलपुर और गोरखपुर के बाद उत्तर प्रदेश में इसे विपक्ष के लिए संजीवनी के तौर पर देखा जा रहा है. चुनाव के नतीजों पर एक नजर डालें तो बीजेपी महज़ 2 सीटें ही जीत सकी. जिसमे एक लोकसभा सीट है तो एक विधानसभा सीट. वहीँ सबसे चर्चित सीटों पर नजर डालें तो इसमें उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट, नूरपुर की विधानसभा सीट और महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट के नाम प्रमुख हैं. जिसमे उत्तर प्रदेश की कैराना और नूरपुर सीटों में एक बार फिर से बीजेपी के ऊपर विपक्ष भारी पड़ा और बड़े मार्जिन से यहाँ विपक्ष के उम्मीदवारों के बीजेपी के उम्मीदवारों को धूल चटा दी. वहीं महाराष्ट्र की पालघर सीट ने बीजेपी की लाज बचा ली और यहाँ से एक बार फिर से बीजेपी उम्मीदवार विजयी हुए.

ऐसे में पहले अगर लोकसभा सीटों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की कैराना सीट में मुकाबला बीजेपी बनाम सारा विपक्ष था. आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन को आरएलडी, सपा, बसपा और कांग्रेस का समर्थन हासिल था वहीँ बीजेपी ने पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगंका सिंह के ऊपर दांव लगाया था. यानी बीजेपी यहाँ सहानभूति वोट और अपने विकास के सहारे चुनाव लड़ रही थी. लेकिन विकास हार गया और विपक्ष की उम्मीदवार तबस्सुम ने 44,618 वोट से बीजेपी की मृगंका सिंह को हरा दिया. यानी यहाँ जिन्नाह पर गन्ना भारी पड़ गया या यों कहें की जाट और मुस्लिम के इस पुराने गठबंधन ने एक बार फिर से एक होकर बीजेपी को धूल चटा दी. हालांकि बीजेपी ने यहां ध्रुबिकरण की कोशिश तो की थी लेकिन जानकारों की मानें तो ये दांव बीजेपी को उल्टा पड़ गया. हिन्दू वोट बैंक में से जात छटक कर आरएलडी के पक्ष में फिर से एक बार इकठ्ठा हुआ जिसने बीजेपी के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया.

वहीँ महाराष्ट्र की बात करें तो यहाँ दो लोकसभा सीटों पर बीजेपी बनाम विपक्ष का मुकाबला था जिसमे गोंदिया-भंडारा सीट पर कांग्रेस और एनसीपी मिलकर बीजेपी को हराने में लगे हुए थे और पालघर सीट पर बीजेपी का मुकाबला अपनी पुरानी सहयोगी शिवसेना से ही था. जब नतीजे आये तो गोंदिया-भंडारा सीट विपक्ष के खाते में गिरी. यहाँ कांग्रेस-एनसीपी के उम्मीदवार मधुकर राव  कुकड़े ने बीजेपी के हेमंत पटेल को 12,352 वोटों से हरा दिया. वहीँ पालघर सीट ने बीजेपी की लाज़ रख ली. यहाँ बीजेपी के राजेन्द्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वनगा को 29,574 वोटों से हराकर अपनी सीट बचाई और जीत अपने नाम की. तो वहीँ नागालैंड में बीजेपी की सहयोगी पार्टी एनडीपीपी के तोखेहो येपथोमी में लगभग 1.73 लाख वोटों के बड़े अंतर से एनपीएफ के सी अपोक जमीर को हराकर बीजेपी के लिए कुछ राहत देने का काम किया.

अब अगर विधानसभा चुनाव की बात करें तो सबसे चर्चित उत्तर प्रदेश की नूरपुर सीट एक बार फिर से विपक्ष के सांझे उम्मीदवार नईमुल हसन के खाते में गई जहाँ उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार को 5,662 वोट के अंतर से हरा दिया, तो उत्तराखंड की थराली सीट ने बीजेपी को कुछ राहत दी. यहाँ बीजेपी की मुन्नी देवी ने अपनी सीट पार्टी की झोली में डालते हुए कांग्रेसी उम्मीदवार को 1981 वोटों के अंतर से हराया.इसके अलावा भाजपा के लिए पूरे देश से कोई अच्छी खबर नहीं आई और सब जगह पार्टी को हार का मुंह देखना पडा. पंजाब की शाहकोट से कांग्रेस के उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी 38,801 वोटों से जीते तो बिहार में आरजेडी के शाहनवाज़ आलम ने 41,000 वोटों से जीत दर्ज की. जीत के बाद आरजेडी की ख़ुशी का ठिकाना न रहा और उनके तेज्श्वी यादव ने जीत को लालूवाद से जोड़ दिया और अपने नितीश चच्चा को बोले की आपको लालूवाद समझने में अभी वक़्त लगेगा. 

बिहार के पड़ोस में बसे झारखण्ड से भी बीजेपी के लिए बुरी खबर ही आई जहाँ पर विपक्षी झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने गोमिया और सिल्ली दोनों सीटों पर बीजेपी को करारी मात देते हुए मुख्यमंत्री रघुबर दास के विकास पर सवालिया निशान लगा दिया. गोमिया सीट पर झामुमो की बबिता देवी ने 1344 वोटों से जबकि सिल्ली में झामुमो की सीमा महतो में बीजेपी उम्मीदवार को 13,508 वोटों के अंतर से हराकर बीजेपी को करारा झटका दिया.

कमोवेश ऐसा ही कुछ देखने को मिला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी जहाँ की अम्पाती सीट पर कांग्रेसी उम्मीदवार ने 3191 वोटों के अंतर से अपने नाम कर कांग्रेस के चहरों को एक बार फिर से ख़ुशी से महका दिया. तो वहीँ पश्चिम बंगाल की महेशतला सीट तृणमूल कांग्रेस के तुलाल दास ने 62,831 मतों से अपने नाम कर ये साबित किया कि पश्चिम बंगाल में ममता का जादू बरकरार है और बीजेपी के लिए यहाँ झंडे गाड़ना अभी दूर की कौडी है. इसके अलावा केरल की चेंगन्नुर सीट पर एलडीएफ के साजी चेरियन ने 20,956 वोटों से जीत दर्ज की तो कर्नाटक की आरआर नगर सीट पर कांग्रेस के एन मुनिरतना ने 25400 वोटों के भारी अंतर से बीजेपी को बड़ा झटका दिया.

यानी उपचुनावों के नतीजों ने एक बात साफ़ कर दी है कि विपक्ष की एकजुटता रंग ला रही है और इतना तय है कि बीजेपी के लिए अब यही एकता सबसे बड़ा सरदर्द बन गया है,जिसकी काट ढूँढना उनके लिए बहुत बड़ा यक्श्प्रशन बन गया है. हालांकि बीजेपी उपचुनावों के नतीजों को मोदी के विपरीत नहीं देख रही. पार्टी प्रवक्ता कह रहे हैं की 2019 की लड़ाई में लोग उन्हें ही वोट देंगे क्योंकि यहाँ मोदी के मुकाबले विपक्ष के पास एक भी चेहरा नहीं है जो मोदी का मुकाबला कर सके. और वैसे भी मोदी उपचुनावों में प्रचार नहीं करते तो ऐसे में जनादेश मोदी के विरुद्ध नहीं है बल्कि स्थानीय मुद्दों ने इस चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई. लेकिन बीजेपी की ये दलील पूरी तरह से गले के नीचे नहीं उतरती क्योंकि मोदी विरोधियों को भी एक बात भली तरह पता है कि अगर मोदी को हराना है तो उनसब को मिलकर ही हराना पड़ेगा. अगर अकेले-अकेले लड़ेंगे तो उनका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा. ऐसे में अगर लड़ाई अपने-अपने अस्तित्व को लेकर है तो उनकी एकता होना स्वाभाविक है. उत्तर प्रदेश इसका सबसे बड़ा उदहारण है जहाँ कभी पूर्व और पश्चिम रहे बीएसपी-एसपी आज एक दूसरे के दिल और धड़कन हो गये हैं. यानी उत्तर प्रदेश से संदेश साफ़ है कि मोदी को हराना है तो एक हो जाओ. तो कुल मिलाकर ऐसा कह सकते हैं कि मोदी को हारने के लिए सारा विपक्ष एक होगा और इसकी कवायद जो उत्तर प्रदेश से शुरू हुई थी अब वो पूरे देश तक जायेगी. राजनीतिक पंडित भी इस बात को अब मानने लगे हैं. हालांकि विपक्ष में भी अभी लीडरशिप को लेकर मतभेद है लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि विपक्ष को ये बात भली-भांति पता है कि मोदी को हारने के लिए सब एक हो जाओ नहीं तो मोदी सबको खा जाएगा. इससे पहले कि मोदी सबको खाए मोदी को हराओ ये संदेश साफ़ है. ऐसे में बीजेपी के लिए चुनौतियां बहुत भारी हैं. आने वाले समय में बीजेपी के चाणक्य अमित शाह इसके लिए क्या नीति बनाते हैं ये देखने वाली बात होगी. फिलहाल तो उपचुनाव के नतीजों को देखकर ऐसा ही कहा जा सकता है कि मोदी पस्त और विरोधी मस्त.........

 

आवाज़(बी डी अग्रवाल, रेवाड़ी): एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसपी राजेश दुग्गल ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो अपराध छोड़ दें या फिर शहर छोड़ दें। आज पत्रकारवार्ता के दौरान एसपी ने साफ कर दिया कि अपराधियों को किसी भी सूरत मे बख्सा नही जाएगा। अवैध धंधों मे संलिप्त लोगो पर पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। और बहादुरी से कार्य करने वाले पुलिस जवानों को सम्मानित भी किया जाएगा। 
 
उन्होंने कहा कि आम जनता के सहयोग से ही अपराध पर काबू पाया जा सकता है। जनता बेख़ौफ़ होकर अपने आस-पास हो रहे अपराध व अनैतिक कार्यो की सूचना उन्हें दे। सूचना देने वाले कि पहचान गुप्त रखी जाएगी। 
इस अवसर पर गौ तस्करों से मुकाबला करने वाले पुलिस के जवानों की गो सेवा समिति के सदस्यों ने भी सराहना की। इस अवसर पर पुलिस अधिकारीगण व गोसेवा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

आवाज़(विशाल चौधरी, कैथल): कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राज कुमार सैनी आजकल जी-तोड़ म्हणत करके जनसम्पर्क अभियान छेड़े हुए हैं. लोगों से मिल रहे हैं, उनके दुःख-तकलीफ सुन रहे हैं औए विश्वास दिला रहे हैं कि वो उनके साथ हैं, उनके सुख-दुःख के सांझीदार हैं. सांसद साहब ऐसा करें भी क्यों न, एक तो बीजेपी से अगला चुनाव नामुमकिन सा है क्योंकि वो पहले ही अपनी अलग राजनितिक पार्टी बनाने की घोषणा कर चुके हैं. दूसरा अगर अपनी एक अलग पहचान बनानी है तो फिर लोगों के पास जाना भी पड़ेगा और उनसे जुड़ना भी पडेगा, और ये भी दिखाना पड़ेगा कि वो ही उनके सबसे बड़े हितैषी हैं. अपने इसी मिशन के तहत कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राज कुमार सैनी पहुंचे कैथल की रामनगर कॉलोनी में उनके सम्मान में भट्ट समाज ने समारोह आयोजित किया. 

भट्ट समाज ने अपनी पलकों पर बैठाते हुए सांसद साहब यानी अपने मुख्यातिथि का स्वागत फूल मालाएं और पगड़ी पहनकर किया. अब इतना सम्मान मिले तो दिल तो थोड़ा भावुक हो ही जता है. सैनी जी भी भावुक हुए और बोले कि वो गरीब और पिछड़ा वर्ग की लड़ाई लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में सब लोगों का साथ चाहिए. अपने इस भावुक सम्बोधन के बाद सांसद साहब मीडिया से रु-बी-रु हुए और भूतकाल से लेकर वर्तमान तक के सभी मुख्यमंत्रियों पर जमकर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि पिछले 5 मुख्यमंत्रियों ने जो गरीब और पिछड़ा वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ किया है उसके खिलाफ हमने एक जंग छेड़ी हुई है और 2019 में हम एक अलग राजनितिक दल लाकर जनता को इन्साफ दिलाएंगे. हालांकि पार्टी का नाम क्या होगा उसका क्या एजेंडा होगा अभी वो इस बात को टाल गये.

मौका राजनीतिक था तो भला राजनीति करने से कैसे चूकते, तो कैथल से नगर परिषद चेयरमैन सीट का चुनाव जीतने वाली सीमा कश्यप को सांसद राजकुमार सैनी सीमा कश्यप को बधाई भी दे डाली. और बधाई दें भी क्यों ना सीमा जी भी बैक र्ड समाज से आती हैं तो वहां भी वो एक तीर से कई शिकार कर गये. अब बारी कांग्रेस को निशाने र लेने की थी. तो फिर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष निशाने पर आये. सैनी साहब ने अशोक तंवर की सूबे में चल रही साइकिल यात्रा पर तंज़ कसते हुए कहा    कि क तंवरकेवल नौटंकी कर रहे  हैं और उनकी साइकिल यात्रा तो एक तरह की मैय्यत(अर्थी) यात्रा है. वहीँ जब एक पत्रकार बंधू ने उनसे पूछा कि क्या राहुल गांधी के हरियाणा इ से क्या कांग्रेस यहाँ मजबूत होगी? तो सांसद साहब फिर मूड में आये और बिंदास अंदाज़ में बोले कि    जिन-जिन राज्यों में ल गाँधी  के दौरे हुए हैं कांग्रेस को जीत दिला दी है? वहीँ अनिल विज के राहुल गाँधी को निपाह वायरस कहने वाले बयान पर राज कुमार सैनी ने कहा कि किसी भी नेता को इस तरह की राजनीतिक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए....
 
बहरहाल इतना तो तय है कि राज कुमार सैनी अपनी अलग पार्टी बनायेंगे और चुनाव में उनकी सीधी चुनौती बीजेपी-कांग्रेस और इनेलो को होगी. तो ऐसे में अगर उन्हें इन पुरानी राजनीतिक पार्टियों को पछाड़ना है तो फिर जनता का भारी समर्थन इसके लिए अपेक्षित होगा. और इस समर्थन को वोट में बदलना भी उनके लिए बड़ी चुनौती होगा. अब वो कितना समर्थन जूता पाते हैं और उसको कितना वोटों में तब्दील कर पाते हैं ये तो वक़्त ही बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि राज कुमार सैनी के इस दिलचस्प अंदाज़ ने हरियाणा के कई राजनीतज्ञों की कश्तियों को भंवर में फंसा दिया है. कहीं ऐसा न हो कि हम तो सनम डूबेंगे ही साथ में तुम्हें भी ले डूबेंगे.

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): आर एस एस के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होने के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने हामी क्या भरी कांग्रेस के कई दिग्गजों के पेट में दर्द शुरू हो गया है. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने अपनी तरफ से इसपर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन दबी जुबान सभी कांग्रेसी कह रहे हैं दादा के इस कार्यक्रम में शामिल होने से कांग्रेस को गहरी चोट लगेगी. जिस RSS का वो विरोध करते आये हैं अब उसी के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पूर्व राष्ट्रपति और दिग्गज कांग्रेसी प्रणव मुख़र्जी शामिल हो रहे हैं ये वाकई पूरे देश में कांग्रेस के प्रति नकारात्मक सन्देश देगा वहीँ बीजेपी को आने वाले चुनाव में भी इसका फायदा मिल सकता है. इसीलिए एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने प्रणव दा को चिट्ठी लिखकर इस कार्यक्रम में शामिल न होने का अनुरोध किया है. वहीँ बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने पूर्व राष्ट्रपति का पक्ष में बोलते हुए कहा कि RSS एक राष्ट्रवादी संगठन है न कि कोई पाकिस्तान का आतंकी संगठन जिसके कारण कांग्रेस को मिर्ची लग रही है. '

अब RSS ने भी कांग्रेस की तरफ से जताए जा रहे इस विरोध पर पलटवार किया है. RSS ने कांग्रेस को याद दिलाया है कि ये वही RSS है जिसे पंडित जवाहर लाल नेहरु ने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का न्योता दिया था. गौरतलब है कि RSS के 3000 स्वयंसेवकों ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के निमन्त्रण पर 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में हिस्स लिया था. पंडित नेहरु 1963 की लड़ाई में RSS स्वयंसेवकों द्वारा बॉर्डर पर किये गये कार्यों से बहुत प्रभावित थे. वैसे तो इस कार्यक्रम के लिए देश के कई एनजीओ और सामाजिक संगठनों को न्योता दिया गया था लेकिन ये वो दौर था जब चीन से युद्ध हारने के बाद जवाहर लाल नेहरु के प्रति देश भर में गुस्सा था. इसलिए कई संगठनों ने न्योता मिलने के बाद भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था, वहीँ RSS  ने सिर्फ दो हफ़्तों के नोटिस पर कार्यक्रम में भाग लिया था. 

साथ ही जो लोग प्रणव मुखर्जी के RSS के कार्यक्रम में शामिल होने पर नाराज़गी जता रहे हैं उनकी आलोचना करते हुए RSS ने कहा है कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी 1977 में आर एस एस के निमन्त्रण पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया था. इंदिरा गांधी को ये निमन्त्रण RSS के तत्कालीन वरिष्ठ नेता एकनाथ रानाडे ने दिया था. RSS के मुताबिक प्रणव मुखर्जी कोई पहले व्यक्ति नहीं हैं जो इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. आर एस एस के अनुसार महात्मा गांधी भी उनके एक कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा संघ के मुख्यपत्र "ओर्गेनाइज़ेर" ने अपने हालिया संस्करण में कहा है कि उनके इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ हस्तियाँ शामिल हो चुकी हैं जिनमे सर्वोदय नेता प्रभाकर राव, लोकमान्य जयप्रकाश नारायण, जस्टिस केटी थॉमस, जाने-माने वैज्ञानिक जी. माधवन नायर, के राधाकृष्णन, के कस्तूरीरंगन जैसी हस्तियों के नाम शुमार हैं.

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 7 जून को RSS मुख्यालय नागपुर में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने जा रहे हैं, इस दौरान वो स्व्यम्सेव्कों को सम्बोधित भी करेंगे. ऐसे में कांग्रेस को मिर्ची लग्न स्वाभाविक है. क्योंकि एक तो लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं और दूसरा उनके राष्ट्रिय अध्यक्ष हर मुद्दे पर RSS को निशाने पर ले रहे हैं, उनपर देश की संवैधानिक संस्थाओं को मिटाने का आरोप लगा रहे हैं ऐसे में पूर्व दिग्गज कांग्रेसी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ही RSS  के कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे हैं इससे देश में निश्चित पर क्या संदेश जाएगा इसका अंदाजा कांग्रेस को भली तरह है.

 

आवाज़(रेखा राव, गुरुग्राम): हरियाणा की खट्टर सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हमेशा सुर्ख़ियों में बने ही रहते हैं. उनकी हर मुद्दे पर वेबाकी कई बार चर्चा का विषय बनती है और कई विवादों को भी जन्म देती है. ऐसा ही कुछ इस बार भी हुआ है जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना निपाह वायरस से कर दी. राजनीतिक गलिआरों में उनकी ये प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी हुई है वहीँ कांग्रेस उनके इस बयान के बाद अनिल विज पर हमलावर हो गई है. गौरतलब है कि निपाह वायरस आजकल देश में आतंक की तरह फैला हुआ है. विश्व स्वाथ्य संगठन की मानें तो ये वायरस चमगादड़ से फैलता है जिससे जानवर औए इंसान दोनों ही प्रभावित होते हैं.

दरअसल हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस बार सोशल मीडिया साईट पर लिखा कि राहुल गाँधी निपाह वायरस हैं, जो भी राजनीतिक पार्टी इसके सम्पर्क में जायेगी, फना हो जाएगी. माना जा रहा है कि उनका ये ब्यान कर्नाटक के सन्दर्भ में आया है जहाँ जेडी(एस) ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई है. अब अनिल विज ने इसी गठबंधन को निशाने पर लेते हुए ये हमला किया है.

इससे पहले भी दे चुके हैं कई विवादित ब्यान....

अनिल विज हमेशा ही अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं. अभी हाल ही में खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर भी उन्होंने ब्यान दिया था जो विवादों में घिरा था. उन्होंने कहा था कि कभी कभी किसी को जरुरत पद जाती है तो धार्मिक आज़ादी दी जाती है, लेकिन किसी जगह को कब्ज़ा करने की नियत से नमाज़ पढ़ना गलत है. वहीँ गुजरात चुनाव से ठीक पहले भी अनिल विज ने किसी राजनीतक पार्टी और  नेता का नाम लिए बिना भी तवीत किया था जिसमे उन्होंने कहा था कि "100 कुत्ते मिलकर भी एक शेर का मुकाबला नहीं कर सकते". 

साल 2015 में अनिल विज एक महिला अफसर से भिड गये थे. उन्होंने भरी सभा में महिला अफ़सर को गेट आउट कह दिया था, लेकिन जब महिला अफ़सर ने वहां से जाने से इनकार किया तो वहां से खुद उठकर चले गये थे.

आवाज़(बी डी अग्रवाल, रेवाड़ी): आगामी 3 जून रविवार को  राहगीरी कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा रेवाडी में गढी बोलनी रोड स्थित रेजांगला पार्क से शुरू होगा। उक्त जानकारी देते हुए पुलिस उप-अधीक्षक सतपाल यादव ने बताया कि राहगीरी कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तनाव से मुक्त करना है। यह कार्यक्रम खुशियों भरा व रोचक होगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं, स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम लोगों के तनाव को कम करने तथा संडे को फन डे के रूप में मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहगीरी का यह कार्यक्रम अपने आप में अनूठा कार्यक्रम होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे। कहीं खिलाडिय़ों की प्रतिभा देखने को मिलेगी तो कहीं रस्सा-कस्सी का खेल होगा। साईकिलिंग, स्कैटिंग, सडक़ सुरक्षा, एरोबिक व योग का प्रदर्शन आकर्षण का केन्द्र होंगे। उन्होंने जिले के लोगों का आह्वान किया कि वे इस कार्यक्रम में बढ़चढक़र भाग लें और इस कार्यक्रम का भरपूर मजा लें। राहगीरी कार्यक्रम का समय प्रात: 5:30 बजे से प्रात: 8 बजे तक रखा गया है। 
 
डीएसपी ने बताया कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति तनाव ग्रस्त होता जा रहा है। उन्हें तनाव से निकालकर खुशहाल जीवन प्रदान करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हे। लोगों को इस कार्यक्रम में भाग लेकर अपने जीवन को खुशहाल बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में गैर सरकारी संगठनों, समाज सेवियों, आरएसओ, युवा क्लबों, खिलाडिय़ों, विद्यार्थियों द्वारा बड़ी संख्या में भाग लिया जाएगा। इस कार्यक्रम से जनता व पुलिस के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित होगा, जिससे उनके बीच गैप कम होगा। उन्होंने कहा कि जो भी संस्था व व्यक्ति इस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देना चाहते हैं वे अपना पंजीकरण 30 मई को सायं 5 बजे तक उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय लघु सचिवालय में करा सकते है।
आवाज़(बी डी अग्रवाल, रेवाड़ी): रेवाड़ी पुलिस ने अपनी जान की बाजी लगा कर गोतस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार रात करीब ढाई बजे पुलिस को सूचना मिली कि गो-तस्कर भिवानी की ओर से एक टाटा गाडी मे गाये भर कर कारोली मोड से रेवाडी की और आ रहे है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने डहीना के निकट नाकाबंदी शुरू की थी। परन्तु गो-तस्करों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग करते हुए अपनी गाडी वापिस मोड दी तथा कच्चे रास्ते से कनीना की ओर निकल गए। पुलिस द्वारा पीछा किया गया तो गो-तस्करों ने गाडी मे भरी गायें उठा कर रास्ते मे फेंकनी शुरू कर दी। लेकिन सीआइए इंस्पेक्टर  सतेंदर सिंह अपनी टीम में शामिल एसआई सुनील व अब्बास खान, एएसआई रणबीर, सुभाष, रजक, प्रधान सिपाही शिव कुमार, रामौतार, रविदत्त,प्रदीप, सिपाही प्रवीण, अनिल, सचिन, सतपाल, रमेश व शिकन्दर तथा साइबर सेल से सिपाही विजय कुमार को साथ लेकर गो-तस्करों का पीछा करते हुए गांव माजरी पहुँच गया और नाकाबंदी शुरू कर आरोपियों की गाडी को रूकवाने का प्रयास किया। लेकिन आरोपियों ने टाटा गाडी से बैरिकेट को तोड़ दिया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
 
फायरिंग मे सीआइए मे तैनात एएसआई रणबीर व प्रधान सिपाही रविदत्त गोली लगने से घायल हो गए। दो जवानों को गोली लगने के बाद भी बहादुरी दिखाते हुए सीआइए पुलिस आरोपियों का पीछा करती रही ओर गावं सोडावास-पदमाडा के नजदीक अपने आप को पुलिस द्वारा घिरा देख कर आरोपी गाडी को छोड कर भागने लगे लेकिन पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचने मे सफलता हासिल की है। काबू किए गए आरोपियों की पहचान मेवात जिला के गांव पल्ला निवासी गाडी चालक सुबा उर्फ सबूदीन व शोकिन उर्फ काला व गावं सोप निवासी उमर के रूप मे हुई है। पुलिस ने मौके से टाटा 407 गाडी भी बरामद की है। जांच से पता चला कि काबू किया गया आरोपी सुबा गौ तस्करी गिरोह का सरगना है और राजस्थान का मोस्टवांडेड अपराधी है तथा दिल्ली पुलिस द्वारा उक्त आरोपी पर 50 हजार रूपये ईनाम भी रखा हुआ है। उक्त घटना की सूचना मिलते ही एसपी राजेश दुग्गल ने चंडीगढ से ही फोन कर घटना की पूर्ण जानकारी लेते हुए घायल जवानो से बात कर हाल चाल पूछा। उन्होने कहा कि जिला मे किसी भी सुरत मे किसी भी तरह का अपराध नही पनपने दिया जाएगा। अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाने मे आम जन पुलिस का सहयोग करे। जनता के सहयोग के बिना अपराध पर अंकुश लगान नामुमकिन है। जिला में गो-तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा। हाल ही में दोनों घटनाओं में पुलिस बहादुरी के साथ गो-तस्करों का मुकाबला किया है तथा बदमाशों को कड़ा मैसेज दिया है कि यहां उनके लिए कोई जगह नहीं है। गो-तस्करी के नेटवर्क पूरी तरह खत्म किया जाएगा। गो-तस्करों से मुकाबला करने वाले जवानों को सम्मानित किया जाएगा।
आवाज़(बी.डी. अग्रवाल, रेवाड़ी): आदमी पार्टी  रेवाड़ी इकाई द्वारा कोसली विधानसभा की मीटिंग की गई,जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संदीप यादव ने की। संदीप ने बताया की आने वाली 31 मई को हरियाणा अध्यक्ष नवीन जयहिंद कोसली में आ रहे हैं वो अपने  हाथों से कोसली विधानसभा के ऑफिस का उद्घाटन करेंगे।उद्घाटन समारोह की तैयारी के लिए कोसली ऑफिस मीटिंग में की गई ।जिसमें सभी कार्यकरताओ की ड्यूटी लगाई गई।समारोह में हजारो की संख्या में कार्यकर्ता आयेंगे, इसके लिए सभी पदाधिकारियो को दिशा- निर्देश दिए गए हैं।
 
संगठन मंत्री डॉ अनिल यादव ने बताया कि नवीन जयहिंद का बाईपास से रोड शो कराते हुए ऑफिस स्थल तक लाया जायेगा। गर्मी को देखते हुए कार्यकर्ताओं के लिए ठन्डे पानी की शिकंजी व भोजन की व्यवस्था भी करा दी गई हैं। सभी लोग  ऑफिस खुलने पर खुश हैं क्योकि ये आम आदमी का ऑफिस होगा। इस बैठक में हरीश बिड़ला,योगेश,हर्ष,हरिओम बंसल,संतोष  देवी,राजू,हरीश,जॉली,सागर,प्रवेश,योगेश आदि मौजूद थे।
आवाज़(बी. डी. अग्रवाल, रेवाड़ी):  ओवरलोडिंग वाहनों को रोकने के लिए रेवाड़ी जिला में आरटीए सचिव प्रदीप दहिया द्वारा ओवर लोडिंग वाहनो की बीती रात जांच की गई जिसमें 20 ओवरलोडिंग वाहनों के चालान कर उन पर 12 लाख 9  हजार 500 रूपए का जुर्माना कर ईम्पाउंड भी किया।आरटीए सचिव एवं अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि जिला प्रशासन सिस्टम को सुधारने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं, जिसके तहत रेवाड़ी में आरटीए स्टाफ में फेरबदल भी किया गया है। बीती रात ओवरलोडिंग वाहनो की चैकिंग के लिए टीम गठित कर वाहनों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि चैकिंग का उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा। 
 
प्रदीप दहिया ने बताया कि जिला की सीमा में प्रवेश करने वाले अवैध व ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन की नजर है और इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए इन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा रहा है ताकि ऐसे वाहन चालक जिला में ओवरलोडिंग व अवैध वाहन चलाने की हिम्मत न करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान जिला में ओर सख्ती के साथ चलाया जाएगा। श्री दहिया ने बताया कि ओवरलोडिंग वाहनों से सडके टूटती है तथा दुर्घटनाएं घटने की सम्भावनाएं अधिक रहती है। उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि छुट्टी वाले दिन भी अवैध व ओवर लोडिंग वाहनों की चैकिंग की जाएगी।  
 
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च 2018 से 27 मई 2018 तक रेवाडी जिला में 993 वाहनों के 3 करोड 15 लाख 72 हजार 200 रूपये के चालान आरटीए रेवाडी द्वारा किये गए जिसमें ओवर लोडिंग वाहनों के अतिरिक्त 28 प्राईवेट बसे व 12 स्कूल बसें शामिल है।

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