आवाज़(संजीत खन्ना): बहादुरगढ़, 6 जनवरी, बहादुरगढ़ शहर की दशकों पुरानी नए बस स्टेंड की मांग अब सिरे चढ़ चुकी है। भाजपा विधायक नरेश कौशिक की उपस्थिति में शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 पर सेक्टर 9 के समीप बाई पास पर नए बस स्टेंड के लिए प्रस्तावित स्थल पर भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य आरंभ हो गया। करीब 23 करोड़ रुपए की लागत से 16 एकड़ में नया बस स्टेंड व वर्कशाप का निर्माण 21 महीने में पूरा होगा। इस बस स्टेंड के निर्माण से बहादुरगढ़ शहर में यातायात सेवाओं को नया विस्तार मिलेगा। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बहादुरगढ़ के लोगों की मांग पर नया बस स्टेंड बनाने की घोषणा करते हुए ग्रांट भी मंजूर की। विधायक नरेश कौशिक ने भूमि पूजन के दौरान आयोजित यज्ञ में मुख्य यजमान के तौर पर क्षेत्रवासियों के साथ आहुति डालते हुए नए बस स्टेंड को क्षेत्र के लोगों के लिए नववर्ष का तोहफा बताया। भूमि पूजन के उपरांत संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विधायक कौशिक ने बताया कि 9 एकड़ में बस स्टेंड व सात एकड़ में वर्कशॉप का निर्माण होगा। नए बस स्टेंड पर 18 बेज का प्रावधान किया गया है साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से भवन का भी निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ शहर को इसी वर्ष मेट्रो की सुविधा भी मिलने जा रही है। कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सटा होने के कारण बहादुरगढ़ आने वाले समय में डेवल्पमेंट का एक बड़ा कॉरिडोर बनेगा।

 
पिछली सरकार ने किया छल, भाजपा ने किया विकास : कौशिक

इस मौके पर भाजपा विधायक नरेश कौशिक ने बस स्टेंड की मांग पर पूर्व की सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने दस साल में लोगों को गुमराह किया गया। चुनाव से पहले महज पत्थर लगाकर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया गया। पूर्व की सरकार ने बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति व बजट मंजूर किए बिना नए बस स्टैंड का शिलान्यास कर बहादुरगढ़ के लोगों के साथ छल किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने पर बहादुरगढ़ के लोगों की इस मांग को सिरे चढ़ाया गया। दोनों सरकारों की कार्यशैली को स्पष्ट करने में बहादुरगढ़ का बस स्टेंड एक बड़ा उदाहरण है। जब 2019 में यह बस स्टेंड बनकर तैयार होगा तो लोगों के सामने झूठ की राजनीति करने वाले बेनकाब होंगे। उन्होंने मेट्रो परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जो भी बाधाएं थी वह सब पिछली सरकार की देन थी लेकिन वर्तमान सरकार ने समान विकास व पारदर्शी व्यवस्था की अपनी नीयत से एक दिन भी काम रूकने नहीं दिया। 

 

लालू के अलावा दोषी फूल चंद, महेश प्रसाद, बाके जुलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को भी 3.5 साल कैद और 5 लाख रुपये की सजा दी गई है......

आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): देश के बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने आज (6 जनवरी) लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया है. गौरतलब है कि देवघर ट्रेजरी मामले में फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया गया. अब लालू यादव को इस अदालत से जमानत नहीं मिल सकेगी. इसके लिए उन्हें जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा. वहीँ अगर लालू प्रसाद यादव 5 लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुकाते हैं तो उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

लालू के अलावा इस मामले में कुल 16 लोगों को दोषी ठहराया गया था. लालू के अलावा दोषी फूल चंद, महेश प्रसाद, बाके जुलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को भी 3.5 साल कैद व 5 लाख रुपये की सजा दी गई है. जबकि अन्य 6 दोषियों को 7 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है. दरअसल साल 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे, जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर 1997 को मुकदमा दर्ज किया था और लगभग 21 साल बाद इस मामले में गत 23 दिसंबर को फैसला आया.

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में 23 दिसंबर को लालू प्रसाद समेत तीन नेताओं, तीन आईएएस अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को अदालत ने दोषी करार देकर जेल भेज दिया था.

वहीं सज़ा के ऐलान होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने ट्विटर पर कहा कि वह सामाजिक न्याय के लिए जान भी दे सकते हैं. आरजेडी प्रमुख ने ट्वीट किया, ‘बीजेपी का सिंपल सा नियम है ‘हमें फॉलो करो नहीं तो हम तुम्हें ठिकाने लगा देंगे.’ मैं सामाजिक न्याय, सद्भाव और समानता के लिए खुशी-खुशी जान भी दे सकता हूं.’ लालू के इस ट्वीट पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए कहा कि उन्हें समानता की बात नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जब मुख्यमंत्री बनने और बनाने की बात आती है तब उन्हें राबड़ी देवी, तेज प्रताप और तेजस्वी ही दिखाई देते हैं और लोग नहीं दिखते. वहीं कुछ लोगों ने यह कहा है कि लालू के पास जेल में मोबाइल और इंटरनेट है. इसके अलावा कुछ लोग कह रहे हैं कि जेल का ताला टूटेगा और गरीबों का मसीहा बाहर निकलेगा.

इस केस में दोषी करार दिए गये सभी दोषियों को रांची की अदालत से जमानत नहीं मिलेगी. उन्हें इसके लिए हाई कोर्ट का रुख करना होगा. वहीँ राजनीतिक गलिआरों से भी फैसला आते ही प्रतिक्रियाएं आणि शुरू हो गयी हैं. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि हम न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हैं. यह बिहार की राजनीति के लिए एेतिहासिक फैसला है. यह एक अध्याय का अंत है.

वहीँ लालू के सुपुत्र और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि न्यायपालिका ने अपना काम किया है. हम कोर्ट के फैसले की कॉपी आने के बाद हाई कोर्ट जाकर बेल के लिए अप्लाई करेंगे.

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दोस्ती किसी से छुपी हुई नहीं है. जिसके चलते मोदी पहले इस्राइल गए, दोनों देशो के बीच वहां कई समझौते भी हुए. हालांकि कई राजनीतिक दलों ने मोदी के इस दौरे पर सवाल भी उठाए और ये आरोप लगायाकि मोदी के इस दौरे से भारत अपने पुराने दोस्त फिलिस्तीन को खो देगा, लेकिन मोदी नहीं माने. अब ये दोस्ती और परवान चढ़ रही है और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आ रहे हैं. सूत्रों की मानें तो नेतन्याहू अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक ख़ास तोहफा देने वाले हैं.14 जनवरी से शुरू हो रही अपनी भारत यात्रा के दौरान नेतन्याहू अपने दोस्त मोदी को  खारे पानी को पीने लायक शुद्ध बनाने वाले गल-मोबाइल जीप गिफ्ट देने वाले हैं.

दरअसल पिछले साल जुलाई में अपनी इस्राइल यात्रा के दौरान मोदी ने नेतन्याहू के साथ इस ‘बुग्गी’ जीप में बैठकर भूमध्य सागर के तट की सैर की थी और खारे पानी को पीने लायक बनाने का नमूना भी देखा था. और अब सूत्रों की मानें तो नेतन्याहू अब यही जीप मोदी को तोहफे में देने जा रहे हैं.

गौरतलब है कि नेतन्याहू जहां अपने चार दिवसीय भारतीय दौरे की तैयारियों में जुटे हैं वहीं सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि जीप ‘‘वास्तव में’’ भारत के लिये रवाना भी हो चुकी है और इस्राइली प्रधानमंत्री द्वारा मोदी को तोहफे में दिये जाने के लिये समय पर भारत पहुँच जाएगी. हालंकि तोहफे की कोई कीमत नहीं होती वो अनमोल होता है लेकिन बताया जा रहा है इस कि जीप की कीमत करीब 3.9 लाख शेकेल यानी करीब 70 लाख रूपये है.

बहरहाल इतना साफ़ है कि मोदी की विदेश नीति में इस्राइल एक ख़ास स्थान रखता है और वहां के मुखिया उनके अच्छे दोस्त भी हैं. यानी व्यापार के साथ-साथ जहाँ निजी सम्बन्धों को भी प्राथमिकता दी जाए तो अंजाम कुछ अलग ही होता है. जब मोदी इस्राइल गये थे तो किस तरह से इस्राइल ने उनकी मेजबानी की थी उसका नज़ारा पूरी दुनिया ने देखा था. अब बारी मोदी की है, देखते हैं कि वो अपने इस दोस्त के लिए क्या कुछ नया करते हैं.(इनपुट:भाषा)

आवाज़(संजीत खन्ना): झज्जर, 04 जनवरी। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवानने वीरवारको लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार की फलैगशिप योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें , परिणाम बेहतर मिलेंगे। बैठक में सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली शिकायतों के त्वरित निवारण, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुए जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निवारण, विकास कार्यो के लिए जिला के लिए माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन मे तेजी लाने आदि की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला उपायुक्त सोनल गोयल के दिशा निर्देशानुसार सभी विभाग सरकारी कार्यो में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा दें।

वहीँ सीएम विंडो के नोडल अधिकारी एवं नगराधीश अश्विनी कुमार ने विकास कार्यो की समीक्षात्मक बैठक में बताया कि जिले में अभी तक 4962 शिकायत दर्ज हुई हैं, इनमें से 4443 शिकायतों का निवारण हो चुकाहै। अतिरिक्त उपायुक्त ने बाकि शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो प्रदेश के मुख्यमंत्री और आमजन के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने जिला में 29 अक्टूबर को जिला स्तरीय जनता दरबार आयोजित कर आमजन की शिकायतों को सुना था और अधिकारियों को मौके पर ही शिकायत निवारण के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सीएम जनता दरबार में दर्ज शिकायतों को संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर निवारण कर उनके कार्यालय में एक्शन टेकन रिपोर्ट भिजवाएं। समीक्षात्मक बैठक सीएम घोषणाओ पर अब तक हुई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सीएम की घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जरूरत है ताकि जिला के विकास कार्यो को और तेज गति प्रदान हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्य समय पर पूरे होने से आमजन को लाभ मिलता है।बैठकमें एसडीएम बेरी संजय राय,नगराधीश अश्विनी कुमार, जिला परिषद सीईओ शिखा, सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

आवाज़(संजीत खन्ना): झज्जर, 4 जनवरी। झज्जर जिला के गांव जहांगीरपुर स्थित पंडित जागेराम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को माडर्न संस्थान बनाया जाएगा। वहीं झज्जर जिला के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की बड़ी औद्योगिक इकाईयों की मदद से जिला स्तरीय रोजगार मेला भी आयोजित होगा तथा इलाके में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को तवज्जो मिलेगी। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की मांग पर यह घोषणाएं राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य, औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विपुल गोयल ने गुरूवार को गांव जहांगीरपुर में पंडित जागेराम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पंडित जागेराम की प्रतिमा का अनावरण करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।उल्लेखनीय है कि गांव जहांगीरपुर में आईटीआई के निर्माण के लिए पंडित जागेराम ने साढ़े पांच एकड़ जमीन दान दी थी। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने में योगदान के लिए हरियाणा सरकार ने संस्थान का नामकरण पंडित जागेराम के नाम पर कर दिया तथा संस्थान में उनकी आदमकद प्रतिमा भी लगाई गई जिसका गुरूवार को अनावरण किया गया।हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि पंडित जागेराम की दानवीरता आने वाले समय में सारे गांव को प्रेरणा देगी। उनकी जयंती को जहांगीरपुर गांव में ग्राम गौरव दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह इलाका हर तरह से गौरवशाली है। स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा, दानवीर पंडित जागेराम, विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर, कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन-तीन मेडल लाने वाले पहलवान तथा युद्ध में बहादुरी के लिए दो-दो विक्टोरिया क्रॉस रिसलदार बदलूराम व उमराव सिंह को मिले। उन्होंने लोगों को इनसे प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा काम करो कि बरसों बाद लोग आपको याद करें। जहांगीरपुर आईटीआई को शिक्षा व संस्कार की स्थली बताते हुए उन्होंने कहा कि आज पंडित जागेराम की प्रतिमा का अनावरण करते हुए हम दो-दो मंत्री खुद को अभिनंदित महसूस कर रहे हैं।

वहीँ  उद्योग एवं वाणिज्य, औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विपुल गोयल ने संस्थान के लिए भूदान करने वाले पंडित जागेराम को महान विभूति बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का संकल्प है कि हर जिला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक मॉडर्न आईटीआई बने और झज्जर जिला में गांव जहांगीरपुर की आईटीआई को विकसित किया जाएगा। उन्होंने हरियाणा के कृषि मंत्री एवं बादली से विधायक ओमप्रकाश धनखड़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य दिया है उस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में कृषि मंत्री धनखड़ दिन रात काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए औद्योगिक विकास के लिए नई उद्योग नीति तैयार की गई है। जिसके तहत राज्य को चार श्रेणियों क्रमश: ए,बी,सी व डी में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अब तक 450 जॉब फेयर आयोजित किए जा चुके है। गुरूग्राम, रोहतक व बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाईयों की मदद से जल्द ही झज्जर जिला मेंजॉब फेयर आयोजित होगा।

 

 

आवाज़(संजीत खन्ना, झज्जर): फर्जी इनवॉइस व कागजातों के जरिए प्राईवेट बसों के रूट परमिट लेने के मामले का झज्जर के बलजीत पूर्व सरपंच व राजपाल सुराह द्वारा फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ के जाने के बाद करीब 70 बसों के परमिटों पर तलवार लटक गई है और मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। विभागीय स्तर पर भी परमिट प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच के आदेश ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते वर्ष के आरंभ में सरकार द्वारा विभिन्न मार्गों पर रूट परमिट दिया जाए जाने की योजना शुरू की गई थी। इसी योजना के तहत अथॉरिटी लेटर मिलने के 90 दिनों के दौरान बसें खरीदी जानी थी।

मामले को उजागर करने वाले शिकायतकर्ता राजपाल पुत्र महेंद्र सिंह निवासी गांव सूराह व बलजीत सिंह पूर्व सरपंच सुराह ने बताया कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी झज्जर में हुई है और झज्जर के अलावा अंबाला, रोहतक, हिसार में फर्जीवाड़ा परमिटों के मामले में सामने आया है। उन्होंने बताया कि जिसमें सर्वाधिक अकेले झज्जर से हैं। अलॉटमेंट की प्रक्रिया फर्जी कागजातों के कारण लटक गई हैं और मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच गया है। राजपाल सिंह ने बताया कि अथॉरिटी लेटर मार्च 2017 के दौरान विभाग द्वारा ट्रांसपोर्टरों को जारी किया गया। लेकिन कई ट्रांसपोर्टरों ने 90 दिनों के दौरान बसेें न खरीद कर अवधि बीतने के काफी दिनों बाद बसें खरीदी गई और बसें खरीदने का इनवॉइस, इंश्योरेंस, अस्थाई नंबर फर्जी तरीके से 90 दिनों की अवधि के दौरान दिखा कर परमिट लेने में गड़बड़ी की गई। राजपाल व बलजीत सिंह के अनुसार फर्जीवाड़े के चलते ही झज्जर व  रोहतक के असिस्टेंट आरटीए पहले ही सरकार द्वारा निलंबित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के समक्ष उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मामला हाईकोर्ट में जाने के कारण जिन रूट परमिटों के लिए फर्जी दस्तावेज दिए गए वे बसें अब रूट पर चलने की बजाए ट्रांसपोर्टरों के यहां खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि पूरा फर्जीवाड़ा विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत के जरिये हुआ और बड़े भ्रष्टाचार के इस मामले को पूरी तरह से उजागर करने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

आवाज़ (ब्यूरो, महाराष्ट्र) महाराष्ट्र के पुणे में 200 साल पुराने युद्ध की बरसी को लेकर जातीय संघर्ष छिड़ गया है, यहां के भीमा-कोरेगांव में सोमवार को बरसी पर हुए कार्यक्रम के दौरान हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हैं, जगह-जगह हिंसक प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस मामले में सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं,

पुलिस के मुताबिक दलित समुदाय के 5 लाख से ज्यादा लोग भीम कोरेगांव की 200वीं वर्षगांठ मनाने के लिए पुणे शहर में जमा हुए थे, इस लड़ाई में ब्रिटिश सेनाओं ने 1 जनवरी 1818 को पेशवाओं की सेना को शिकस्त दी थी, हर साल एक जनवरी को हजारों दलित जयस्तंभ तक मार्च करते हैं, पिछले वर्षों पर नजर डालें तो कभी हिंसा का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है,

29 दिसंबर को भीम कोरेगांव से लगभग 5 किमी दूर वाडु बुद्रुक गांव में एक ढांचे के पास, जिसे गोविंद गोपाल महाराज की कब्र माना जाता है, एक बोर्ड बरामद हुआ था। बोर्ड के मुताबिक 1689 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने मराठा राजा छत्रपति संबाजी महाराज की हत्या की थी और महार जाति ने उनकी अंत्येष्टि की थी, महार एक दलित समुदाय है,लेकिन स्थानीय मराठा मानते हैं कि उनके पूर्वजों ने संबाजी महाराज ने अंत्येष्टि की जाएगी, मराठा और ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने बोर्ड पर लिखी बात पर आपत्ति जताई है, उन्होंने कहा कि यह गलत जानकारी है, ऐसा कोई तिहासिक प्रमाण मौजूद नहीं है, वही पुलिस ने कहना है कि इसी वजह से दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई।

पुलिस ने बताया कि किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले ही वधु बुद्रुक गांव में सुरक्षाबल तैनात किया गया था। लेकिन सोमवार की सुबह सैकड़ों लोग (ज्यादातर मराठा समुदाय के) वधु बुद्रुक गांव में जमा हो गए। आशंका है कि ज्यादातर सोशल मीडिया पर आह्वान की वजह से जमा हुए थे। एक ग्रामीण के मुताबिक सुबह तक सब ठीक था, लेकिन दोपहर को कोरेगांव भीम और आसपास के सनसवाड़ी, शिकरापुर और अन्य जगहों से हिंसक झड़प की खबरें आने लगीं। पुलिस की गाड़ियां और फायर टेंडर समेत सैकड़ों वाहन फूंक दिए गए। इसके बाद घटनास्थल पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया।

आवाज़( ब्यूरो,पलवल) हरियाणा के पलवल जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, सोमवार रात एक व्यक्ति ने 6 लोगों की हत्या कर दी, बताया जा रहा है कि इस साइको किलर ने  6 लोगों की हत्या रॉड से की है,घटना के बाद पूरे इलाके मॆ सनसनी फैल गई है,आपको बता दे कि ये हत्याएं शहर के सिटी थाना एरिया के 100 मीटर के दायरे में अलग-अलग जगह पर हुई थीं, फिलहाल साइको किलर पुलिस की गिरफ्त में है,

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस का कहना है कि कि सभी हत्याओं को एक ही शख्स ने अंजाम दिया है, सिरफिरे कातिल की तस्वीर एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, वही साइको किलर की पहचान हो गई है,जिसका नाम नरेश बताया जा रहा है, और वह मछगर का रहना वाला है, DSP लोहान ने बताया कि आरोपी ने बिना किसी वजह के वारदातों को अंजाम दिया है, पुलिस के अनुसार, आरोपी बहकी बहकी बातें कर रहा है, इस मानसिक रोगी व्यक्ति नरेश ने मंगलवार की सुबह दो से चार बजे के बीच ये हत्याएं  की, सबसे पहले अस्पताल में एक महिला की हत्या करने के बाद आरोपी ने मोती कॉलोनी पार्क के चौकीदार, रसूलपुर रोड से सुरेश इंजीनियरिंग वर्क्स के चौकीदार, रसूलपुर रोड मार्केट के चौकीदार, सहित कुल 7 लोगों पर रॉड से हमला किया,वही मौके पर छह लोगो की मौत हो गई,और एक को पलवल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, आरोपी नरेश को सोहना रोड के समीप पलवल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है(इनपुट: दैनिक जागरण)

 

 

आवाज़ न्यूज़ ब्यूरो (गुरुग्राम): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन रवाना होने वाले हैं। इससे पहले वो अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। इस विस्तार के चलते जहां राजीव प्रताप रूडी, फग्गन सिंह कुलस्ते और उमा भारती समेत 6 मंत्रियों के इस्तीफे मांग लिए गए हैं वहीं इनकी जगह नए लोगों को जगह दी जा सकती है। कैबिनेट मंत्रियों ने गुरुवार रात अपने इस्तीफे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सौंपे हैं।

जिन लोगों ने इस्तीफा दे दिया है उनमें जल संसाधन मंत्री उमा भारती, कलराज मिश्र, महेंद्रनाथ पांडेय, कौशल विकास और राजीव प्रताप रुडी, संजीव बालियान और फग्गन सिंह कुलस्ते शामिल हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं।

इससे पहले गुजरात चुनाव से जुड़े मंत्रियों के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को एक-दो और मंत्रियों को तलब किया था।

बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया से बातचीत में कहा था- "मुझे लगता है कि रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मेरे पास ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी।" उनके इस बयान से कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और बल मिला था।

कुछ मंत्रियों का भार होगा हल्का

 
सूत्रों के मुताबिक, कई-कई मंत्रालयों का काम देखने वाले कुछ अन्य मंत्रियों के भी भार हल्के किए जाएंगे। इनमें स्मृति ईरानी, हर्षवर्द्धन और नरेंद्र तोमर प्रमुख हैं। स्मृति ईरानी और तोमर दरअसल वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बन जाने के बाद उनके छोड़े मंत्रालयों को भी संभाल रहे हैं। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदल सकते हैं।

इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की देर रात तक बैठक जारी थी।नए घटकों को मिलेगी जगहमंत्रिमंडल विस्तार में अन्नाद्रमुक और जदयू को भाजपा की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का पुरस्कार मिलेगा।

अन्नाद्रमुक के नेता और लोकसभा उपाध्यक्ष थंबी दुरई मंत्री बनाए जा सकते हैं। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात भी की। जदयू से भी किसी को मंत्री बनाया जाएगा। बिहार से और मंत्री बनाए जाने के कारण ही रुडी से इस्तीफा लिया गया है।

चुनावी राज्यों को मिलेगी तवज्जो

 
सूत्रों के मुताबिक जिन राज्यों में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां से मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे राज्यों में कर्नाटक सबसे आगे है। मंत्रिमंडल से बाहर होने वाले कुछ नेता राज्यपाल भी बनाए जा सकते हैं। इनमें कलराज मिश्र का नाम सबसे ऊपर है। कलराज को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा है।

उल्लेखनीय है कि इसके पहले मोदी मंत्रिमंडल का 9 नवंबर, 2014 और 5 जुलाई, 2016 को विस्तार किया गया था। रविवार को ही क्योंराष्ट्रपति शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के दौरे पर हैं। तिरुपति दर्शन के बाद वह शनिवार को लौटेंगे। प्रधानमंत्री रविवार को चीन यात्रा पर जाएंगे।

मथुरा में संघ की बैठक शुक्रवार से शुरू हो रही है और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक दिन वहां मौजूद रहेंगे। ऐसे में रविवार सुबह ही कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।भाजपा संगठन में भी फेरबदल तयमंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा संगठन में भी फेरबदल किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने वाले कुछ मंत्री संगठन में जा सकते हैं। मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री महेंद्रनाथ पांडेय गुरुवार को ही उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बना भी दिए गए।

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