Items filtered by date: Tuesday, 09 January 2018

आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीय सांसदों से भारत की प्रगति में हिस्सेदार बनने और देश के आर्थिक विकास में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने की अपील की है. प्रथम प्रवासी भारतीय सांसद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में आने वाले निवेश में से आधा पिछले तीन वर्षों में आया है. पिछले वर्ष देश में रिकॉर्ड 16 अरब डालर का निवेश आया. यह सरकार की ओर से दूरगामी नीतिगत प्रभाव वाले निर्णयों के कारण आए हैं जो सुधार और बदलाव के मार्गदर्शक सिद्धांत पर आधारित हैं . वहीँ भारतीय मूल के लोगों को विश्व में भारत का स्थायी राजदूत करार देते हुए मोदी ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत में महत्वपूर्ण बदलाव आया है, हमारे प्रति विश्व का नजरिया बदल रहा है तथा भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं.

उन्होंने कहा कि आप लोग लंबे समय से अलग-अलग देशों में रह रहे हैं. आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है. हमारे उपर ध्यान बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, इसमें बदलाव आ रहा है. मोदी ने कहा, “जैसा पहले था, वैसे ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं”, इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है. व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का, इसमें हो रहे अपरिवर्तनीय बदलाव का परिणाम आपको हर क्षेत्र में नजर आएगा. 

गौरतलब है कि प्रवासी भारतीय सांसदों का यह पहला सम्मेलन है. साल 2003 में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार थी. तब यह माना गया था कि चूंकि महात्मा गांधी सबसे प्रमुख प्रवासी थे और वे 9 जनवरी को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, ऐसे में 9 जनवरी को प्रवासी भारतीयों को समर्पित किया जाए. सम्मेलन को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी संबोधित किया. इसमें एक सत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरुर भी शामिल हो रहे हैं. इस सत्र की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति पी जे कुरियन कर रहे हैं. दूसरे सत्र में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार विशेष अतिथि होंगे, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा के उपाध्यक्ष एम थम्बीदुरई कर रहे हैं. उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के समापन सत्र में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है.

प्रवासी भारतीय सांसदों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विश्व में भारत का प्रभुत्व बढ़ रहा है और इसका श्रेय किसी को जाता है, तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है. भारत आज वैश्विक एजेंडा तय करने वाला देश बनकर उभरा है. जब प्रधानमंत्री जी20 में हिस्सा लेने जाते हैं तब कालेधन के विषय को केंद्र में रखकर बात करते हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि वह इस बारे में सिर्फ कह कर नहीं आते बल्कि जब घर लौट कर आते हैं तब नोटबंदी, जीएसटी जैसी साहसिक पहल का निर्णय करते हैं और दुनिया को यह दिखाते हैं कि हम जो कहते हैं, वह करते भी है. सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री जब हैम्बर्ग जाते हैं तब आतंकवाद से कैसे लड़ा जाए, इस बारे में 11 सूत्री एजेंडा पेश करते हैं. संयुक्त राष्ट्र में जब टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) पर बोलने जाते हैं तब गरीबी उन्मूलन के विषय को सामने रखते हैं. इसके अलावा भी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसी पहल को आगे बढ़ाने का काम किया.

सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी किसी देश की यात्रा करता हूं, तो मेरा प्रयास होता है कि वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से मिलूं. मेरे इस प्रयास का सबसे बड़ा कारण है कि मैं मानता हूं कि विश्व के साथ भारत के संबंधों के लिए यदि सही मायने में कोई स्थायी राजदूत है तो वे भारतीय मूल के लोग हैं. (सौजन्य:भाषा)      

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आवाज़(रेखा राव, गुरुग्राम): सूबे की बीजेपी सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल आते हुए दिख रहे हैं. इस बार हरियाणा में पिछले साल आयोजित हुआ इंटरनेशनल गीता फेस्टिवल राज्य सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ा करता दिख रहा है. दरअसल 25 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच आयोजित हुए इस फेस्टिवल में कितना पैसा लगा, इस बात का खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है, जिसमें एक बेहद ही चौंकाने वाली बात सामने आई है. आरटीआई के जरिए पता चला है कि इस फेस्टिवल में आए वीवीआईपी अतिथियों को जो गीता भेंट की गई थीं, उसकी 10 कॉपियां राज्य सरकार ने 3.8 लाख रुपए में खरीदी थी. यानी गीता की प्रत्येक कॉपी का मूल्य 38 हजार रुपए था. इतनी महंगी गीता खरीदने पर अब विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने हरियाणा की बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

इंडिया टुडे की मानें तो INLD के नेता और हिसार से लोक सभा सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत गीता ऑनलाइन और गीता प्रेस में बेहद ही कम दामों में उपलब्ध है. ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार को इस बात पर सफाई देनी चाहिए कि इतने ज्यादा दामों में गीता क्यों खरीदी गई. इसके साथ ही आरटीआई में एक और बात का खुलासा भी हुआ है कि इस इवेंट में दो बीजेपी सांसदों को भी पैसे दिए गए थे. जिसमे बीजेपी सांसद हेमा मालिनी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नाम शुमार हैं. RTI में ये खुलासा हुआ है कि सांसद हेमा मालिनी को 20 लाख तो वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को 10 लाख रुपए दिए गए थे.

अब INLD इसी मुद्दे पर सरकार को घेर रही है. दुष्यंत चौटाला ने सूबे की सरकार के साथ प्रधानमंत्री मोदी को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, लेकिन उन्हीं के सांसदों को इतना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है और वह भी एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए. चौटाला ने कहा कि खट्टर सरकार ने इस कार्यक्रम में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार कुछ लाखों में ही इसका आयोजन कर देती थी. INLD नेता ने कहा, ‘अगर हरियाणा सरकार इस मामले पर कोई जांच नहीं करेगी तो मैं कैग (CAG) से इसकी शिकायत करूंगा. इसके साथ ही आरटीआई में यह भी सामने आया है कि ब्रह्म सरोवर की मरम्मत में 1 करोड़ रुपए खर्च किए गए जबकि 2016 में मात्र 38 लाख रुपए में ही इसकी मरम्मत कर दी गई थी. आईएनएलडी ने आरोप बीजेपी पर यह कॉन्ट्रैक्ट करीबियों को देने का आरोप लगाया है.

वहीं हरियाणा सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि गीता महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम था. उन्होंने कहा कि हम इस मामले में जांच का आदेश देंगे और अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा. वहीँ इस मुद्दे पर बीजेपी नेता जवाहर यादव ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं असल में वो गीता की कीमत का नहीं, ज्ञान का विरोध कर रहे हैं ये उनकी नासमझी है. गीता हमारे देश की शान है, पहचान है. यह जीवनदर्शन और सांसारिक ज्ञान का अनमोल खजाना है. इसका हर रूप आत्मिक सुकून और मानसिक शक्ति बांटता है, और जीवन से नकारात्मकता को खत्म करता है. हमारे बीच के कुछ नासमझ स्वार्थवश इस पर टिप्पणी कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है.
वहीँ गीता की कीमत पर उन्होंने कहा कि गीता की सभी प्रतियां पूरी तरह पारदर्शी तरीके से यथासंभव छूट के साथ खरीदी गई और इस प्रक्रिया में ना एक रूपये का भी भ्रष्टाचार हुआ, ना ही कोई प्रति किसी अयोग्य व्यक्ति के घर गई. क्या यह गीता कही से इससे कम क़ीमत पर उपलब्ध है जिसका ऊपर विवरण किया गया है, क्या देश के प्रमुख को पहली बार सम्मान हेतू इस मूल्य का कोई उपहार मिला है .ईश्वर उन सबको सद्बुद्धि दे जो अनजाने में गीता को भी धूमिल करने का विफल प्रयास कर रहे हैं.

 

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आवाज़(संजीत खन्ना, झज्जर): बहादुरगढ़ के रिहायशी कालोनी में शीशे के गोदाम और फैक्ट्री लोगों के लिये जानलेवा हो गये हैं। दरअसल बहादुरगढ़ की आदर्श नगर और छोटूराम नगर के बीचोंबीच बने हुए शीशे के गोदाम और  फैक्ट्रियों में पुरानी बोतलों को पीसकर पानी से साफ किया जाता है और ये पूरा प्रोसस खुले आसमान के नीचे होता है। जिसके कारण शीशे के बारिक कण हवा के जरिये लोगों के घरों में जमा हो जाते हैं। जिसकी वजह से लोग एलर्जी और चर्म रोग का शिकार हो रहे हैं. लेकिन प्रशाशन इन सब बातों के बावजूद आँख मूंदे बैठा है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग कमियां मिलने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं कर रहा जिसके कारण लोगों में भारी रोष व्याप्त है. अब लोगों ने तंग होकर एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है, साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि अगर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो वो धरने पर बैठेंगे.

 
गौरतलब है कि बहादुरगढ़ में शीशे को पीसने और धोने की यूनिट लोगों की जान के लिये खतरा बन गई है। शीशे को पीसने और धोने की यूनिटें रिहायशी कॉलोनी के बीच में है जो सरासर कानून का उल्लंघन है। शहर के आदर्श नगर खुले आसमान के नीचे शीशे की पुरानी और टूटी फूटी बोतलों को पीसने और धोने का काम चल रहा है। हवा के साथ शीशे के पिसे हुये बारीक  कण लोगों के घरों में पहुंच रहे हैं। खाने पीने और सांस के साथ शीशे के बारीक कण लोगों के शरीर में जा रहे हैं जिसके कारण कॉलोनी में चर्म रोग फैलने लगा है। शरीर पर लाल लाल चकते उभरने लगे हैं। महिलाओं का कहना है कि शीशे के कारण उनका और बच्चों का गलियों में निकलना भी दूभर हो गया है।
 
 
कॉलोनी में रहने वाले आर के दलाल का बेटा, बहू और पोता विदेश में रहते हैं। पोते को देखने की चाहत लिये आर के दलाल बताते हैं कि उनका पोता और बेटा यहां घर नही आना चाहते हैं। आर के दलाल के पोते की आंखो में भी इसी शीशे की फैक्ट्री से उड़ा बारीक कण चला गया था। काफी दिनों तक उनका पूरा परिवार परेशान रहा। उसी घटना को याद कर उनका पोता कहता है कि अगर वो यहां आया तो फिर से उसकी आंख में शीशा चला जायेगा। 
 
 
परेशान लोगों ने शीशे की जहर बन चुकी फैक्ट्री की शिकायत सीएम विंडो तक की है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने भी यहां जमकर खामियां पाई । सैम्पल भी लिये लेकिन कार्यवाही नही की गई। हारकर कॉलोनीवालों ने एसडीएम को लिखित ज्ञापन दिया है। एसडीएम ने भी प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर परिषद् के अधिकारियों को लोगों की समस्या के समाधान के लिये बोल दिया है। एसडीएम का कहना है कि कार्यवाही कर लोगों को राहत दिलाई जायेगी।
 
 
शीशे को पीसने और धोने के लिये प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कोई एनओसी भी नही ली गई। ना ही शीशे को धोने के बाद निकलने वाले पानी को साफ करने के लिये ईटीपी लगाई गई है। अवैध रूप से सीवर में शीशे का पानी बहाया जा रहा है। खुले आसमान के नीचे पड़ा पीसा हुआ शीशे पड़ा हुआ है और खुले में ही प्रोसेस के बाद खुले ट्रकों के जरिये शीशे को बाहर भेज दिया जाता है। पूरा प्रोसस और यूनिट गैरकानूनी तरीके से रिहायशी इलाके में चल रही है लेकिन फिर भी कार्यवाही नही होती है।

 

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