Items filtered by date: Friday, 12 January 2018

आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): आपको याद है न राहुल गाँधी का मोदी सरकार पर वो हमला जिसमे उन्होंने मोदी सरकार को सूट-बूट की सरकार करार दिया था, साथ ही उनपर लाखों का सूट पहनने का इल्ज़ाम लगाया था. यानी उनका कहना ये था कि सरकार के पैसे को नरेंद्र मोदी अपने सूट-बूट में उड़ा रहे हैं. यानी नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के कुछ ही महीनों बाद उनका एक सूट काफी विवादों में आ गया था. राहुल गाँधी ने जिस सूट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था उस बंद गले वाले सूट में उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी भी लिखा हुआ था. राहुल ने ये इल्ज़ाम लगाया था कि यह सूट काफी महंगा है यानी इसकी कीमत लाखों रूपए है. राहुल गांधी ने इसी सूट को निशाना बनाते हुए बीजेपी सरकार को सूट बूट की सरकार कहा था. अब एक आरटीआई के जरिये देश के प्रधानमंत्रियों द्वारा कपड़ों पर खर्च की जाने वाली रकम को लेकर रोचक जानकारी आई है, जिसके बाद ये पीएम मोदी के कपड़ों के साथ जुड़ा विवाद भी खत्म होता नजर आ रहा है, साथ ही राहुल गाँधी के सूट-बूट वाले ब्यान पर अब वो खुद घिरते हुए नज़र आ रहे हैं. दरअसल प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया है कि पीएम मोदी के निजी पोशाक पर खर्च की जाने वाली रकम भारत सरकार द्वारा वहन नहीं की जाती है.

आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभरवाल ने पीएमओ से जानकारी मांगी थी कि 1998 से लेकर अबतक देश के प्रधानमंत्रियों के कपड़े पर कितना खर्च किया गया है. इस काल अवधि में अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह भी आते हैं. पीएमओ ने अपने जवाब में स्पष्ट रूप से कहा था कि मांगी गई सूचना व्यक्तिगत किस्म की है और इसे सरकारी रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता है. पीएमओ ने जवाब में यह भी कहा कि पीएम के निजी लिबास पर खर्च की गई राशि सरकार वहन नहीं करती है. आरटीआई कार्यकर्ता रोहित सभरवाल ने कहा कि अब यह विवाद हमेशा के लिए खत्म हो गया है कि भारत सरकार प्रधानमंत्रियों के कपड़े पर भारी पैसे खर्च करती है. इस जानकारी के बाद बीजेपी ने कहा है कि विपक्षी दलों को अब समझ जाना चाहिए कि वह बेकार में हंगामा खड़ा कर रहे थे.

बीजेपी नेता जीवन गुप्ता ने टीओआई को बताया कि यदि देश का प्रधानमंत्री अच्छे कपड़े पहनता है तो इससे देश की अच्छी छवि बनती है. उन्होंने कहा कि पीएम ने मात्र एक बार ही डिजाइनर सूट पहना था, जिसे बाद में नीलाम कर दिया गया था, और इससे मिले पैसे को स्वच्छ भारत अभियान में खर्च किया गया था.गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान यह चर्चित सूट पहना था. बाद में इसे नीलाम किया गया था. इस सूट को गुजरात के व्यापारी लालजीभाई तुलसीबाई पटेल ने खरीदा था. इसके लिए उन्होंने 4 करोड़ 31 लाख 31 हजार 311 रुपये चुकाये थे. यह बोली 20 फरवरी 2015 को लगाई गई थी.

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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 14 जनवरी से भारत यात्रा पर आने वाले हैं, जहाँ के प्रधानमंत्री उनके अच्छे दोस्त भी हैं. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की दोस्ती के कारण दोनों देशों के रिश्ते भी मजबूत हो रहे हैं. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल गये थे तो जिस तरह से वहां पर उनका स्वागत हुआ था उसे पूरी दुनिया ने देखा था. अब बारी भारत की है क्योंकि अब इस्राइली प्रधानमंत्री भारत आ रहे हैं. हालांकि हालिया घटनाक्रम पर नज़र डालें तो जिस तरह से भारत ने यरुशेलम के मुद्दे पर भारत ने इस्राइल के खिलाफ वोट दिया था उस से ये सम्भावना जताई जा रही थी कि दोनों देशों के रिश्तों के कुछ खटास आ सकती है. लेकिन अब इन मुद्दों पर जब इस्राइली प्रधानमंत्री से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि वह यरुशलम के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा इस्राइल के खिलाफ वोट देने से निराश नहीं हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। गौरतलब है कि भारत ने दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था जिसमें यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिका के फैसले की आलोचना की गई थी।

दरअसल नेतन्याहू 14 जनवरी को भारत की यात्रा के लिए रवाना होंगे। अपनी इस यात्रा से पहले उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर है मैंने सोचा था कि अलग वोट होगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे भारत और इस्राइल के बीच रिश्ते में कोई बड़ा बदलाव आएगा।’’ इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जुलाई में यहूदी देश की यात्रा की थी और वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। नेतन्याहू ने कल एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर कोई वह देख सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा मील का पत्थर थी। भारत की मेरी यात्रा अन्य मील का पत्थर है।’’ यह पूछे जाने पर कि टैंक रोधी निर्देशित मिसाइलों को विकसित करने से संबंधित लाखों डॉलर का रक्षा सौदा रद्द करने के भारत के हालिया फैसले का क्या असर होगा, इस पर इस्राइली नेता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस सौदे पर ध्यान दिए बिना आप आर्थिक या अन्य संबंधों का विस्तार देखने जा रहे हैं।’’ सभी मोर्चों पर रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देते हुए नेतन्याहू ने उम्मीद जताते हुए कहा, ‘‘कुछ समय बाद मैं उम्मीद करता हूं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के वोट में बदलाव देखूंगा।’’ इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत के साथ, लातिन अमेरिका और अफ्रीका में अन्य देशों के साथ संबंध सभी मोर्चों पर मजबूत हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर इसमें समय लगेगा।’’

(इनपुट: भाषा)

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