राजस्थान: टिकेट बंटवारे को लेकर बसुन्धरा और अमित शाह में रार , अब फैसला दिवाली के बाद आने की उम्मीद....... Featured

02 Nov 2018
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची निर्धारित नहीं कर पाई है.... सूत्रों के हवाले से ख़बरें आ रही हैं जिसमे ये कहा जा रहा है कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर एक बार फिरसे बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री राजस्थान बसुन्धरा राजे के बीच ठन गई है... जिसकी वजह से अभी तक उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पा रहा है... सूत्रों की मानें तो जहाँ बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अपने कराये गये सर्वे के आधार पर टिकेट देना चाह रहे हैं.... इसके अलावा वो आर एस एस के सर्वे को भी तरजीह दे रहे हैं... उनके मुताबिक चुनाव में बीजेपी को सिर्फ जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकेट देना चाहिए. अगर अमित शाह के फोर्मुले पर चलें तो मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों के टिकेट कट जायेंगे.... सूत्रों की मानें तो अमित शाह के फोर्मुले के मुताबिक बसुन्धरा के करीबी 6 मंत्रियों और 70 विधायकों  के टिकेट कट जायेंगे......जो निश्चित तौर पर बसुन्धरा के लिए एक बड़ा झटका होगा... इतना ही नहीं चुनावी नतीजों के बाद अगर बीजेपी सरकार बनाने के हालात तक पहुंची तो बसुन्धरा के लिए फिरसे मुख्यमंत्री बनना मुमकिन नहीं होगा, जिसे किसी भी हालत में बसुन्धरा को मंज़ूर नहीं होगा...... सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने साफ़ तौर पर ये कह दिया है कि बीजेपी को किसी को भी इस चुनाव में ओब्लाईज़ करने की जरुरत नहीं है.... अगर दोबारा राजस्थान में बीजेपी को सत्ता पर काबिज़ होना है तो कठोर कदम उठाने होंगे..... यानी अमित शाह ग्राउंड रिपोर्ट और अपने करवाए गये सर्वे के आधार पर टिकेट आवंटन करना चाह रहे हैं....इसके अलावा वो मौजूदा विधायकों के द्वारा पिछले 5 साल में करवाए गये काम और जातिगत आंकड़ों को भी तरजीह दे रहे हैं......

वहीँ बसुन्धरा का मानना है कि सभी को साथ लेकर चलना होगा.... जो लोग लम्बे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती.... यानी बसुन्धरा ने साफ़ तौर पर एक बार फिरसे पार्टी हिघ्कमान को आँख दिखा दी है... और वो इस मुद्दे को लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नही हैं..... वो बीजेपी राज्य इकाई द्वारा तय किये गये नामों को ही फाइनल करने की अपनी मांग पर अदि हुई हैं जिसके कारण अभी तक उम्मीदवारों की सूची तय नहीं हो पा रही है..... जानकारों की मानें तो दिवाली के बाद शाह एक बार फिर से एक एक उम्मीदवार के नाम पर पार्टी की राज्य इकाई से चर्चा करेंगे और उसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम की सूची तय होने की उम्मीद है......

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