सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं थमी दिल्ली की जंग, सिसोदिया के पास लौटी ट्रांसफर की फाइल, कोर्ट जा सकती है सरकार.....

05 Jul 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): सुप्रीम कोर्ट ने के ऐतिहासिक फैसले के बाद भी देश की राजधानी दिल्ली में चल रही उपराज्यपाल और सरकार के बीच की लड़ाई ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. बुधवार शाम को सर्विसेज़ विभाग ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की फाइल को लौटा दिया. जिससे ये साफ़ हो गया कि आने वाले दिनों में भी ये लड़ाई इसी तरह जारी रहेगी. वहीँ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की फाइल लौटाने पर कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सर्वोपरि है. फैसलों से अधिकारों की लकीर खींच दी गई है. बताया जा रहा है कि अगर आदेश नहीं माना गया तो दिल्ली सरकार कोर्ट का रुख कर सकती है. इस मुद्दे पर मनीष सिसोदिया आज प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे.

आखिर क्या है ये पूरा माजरा......?

दरअसल, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही देर बाद ही सर्विसेज विभाग ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की भेजी गई फाइल को लौटा दिया. इसकी शुरुआत देर रात उस वक्त हुई जब दिल्ली के नौकरशाह के एक वरिष्ठ अफसर ने उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आदेश पर टका सा जवाब देते हुए उसे मानने से साफ इनकार कर दिया. दिल्ली के सर्विसेज डिपार्टमेंट यानी अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग और सेवा से जुड़े मामलों को देखने वाले विभाग के सचिव ने मनीष सिसोदिया का आदेश वापस लौटा दिया. गौरतलब है कि सिसोदिया के आदेश को न मानने के पीछे दो तर्क दिए गए हैं. एक तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी अगस्त 2016 के नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया गया है और दूसरा ये कि इस नोटिफिकेशन में अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल या मुख्य सचिव के पास है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा था......?

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच काफी लंबे समय से चल रही जंग के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुमकिन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही राज्य को चलाने के लिए जिम्मेदार है. फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर खुशी जता दी है, उन्होंने कहा है कि दिल्ली में लोकतंत्र की जीत हुई है. आम आदमी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र की मोदी सरकार एलजी के जरिए अपना एजेंडा आगे बढ़ा रही है और राज्य सरकार को काम नहीं करने दे रही है.

 

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