गुजरात विधानसभा चुनाव: दिनभर राहुल गांधी ने किये मोदी और उनकी सकरार पर वार पे वार, दलितों और मछुआरों को कांग्रेस के पक्ष में साधने की कोशिश.. Featured

24 Nov 2017
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आवाज़(रेखा राव, एन. एम् चौधरी, गांधीनगर): गुजरात के रण में पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब पूरी तरह से मोदी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं. आज उन्होंने दिनभर मोदी सरकार को कई मुद्दों पर कटघरे में खड़े करते हुए उनपर जमकर निशाना साधा.  अहमदाबाद में दलित शक्ति सम्मलेन में पहुंचे राहुल गाँधी ने सबसे पहले हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने केन्द्र पर सीधे सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि दलित छात्र रोहित वेमुला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि हिन्दुस्तान की वर्तमान सरकार ने की है. दलित स्वाभिमान सभा में राहुल गांधी ने कहा कि "चिट्ठी आती है मंत्री के यहां से और उसको कुचल देते हैं", रोहित वेमुला ने आत्महत्या नहीं की थी, उसकी हत्या हिन्दुस्तान की सरकार ने की थी. दरअसल रोहित वेमुला की आत्महत्या का मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है. रोहित वेमुला हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पीएचडी का छात्र था, जिसने 17 जनवरी 2016 को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. जिसके बाद इस मुद्दे पर काफी राजनीतिक हंगामा हुआ था और ये मुद्दा अबतक राजनीतिज्ञों द्वारा जगह-जगह उछाला जाता है. विपक्ष का आरोप है कि रोहित वेमुला ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ज्यादतियों से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी. वहीँ प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर अपना ब्यान दिया था. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के संबोधन में वेमुला का जिक्र कर पीएम भावुक हो उठे थे. पीएम ने तब कहा था कि इस मुद्दे पर राजनीति एक तरफ है, एक मां ने एक लाल खोया. इसकी पीड़ा मैं भलीभांति महसूस करता हूं.

वहीँ इससे पहले राहुल गांधी ने राज्य के मछुआरा समुदाय के लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि अगर उनकी पार्टी केन्द्र में सत्ता में आती है तो कृषि मंत्रालय की तर्ज़ पर अलग से मत्स्य मंत्रालय भी बनाया जाएगा. राहुल ने मछुआरों को नौका के लिए डीजल की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त करने के लिए भाजपा सरकार की जमकर आलोचना की. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात के मछुआरों को प्रदूषण के कारण अब मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में जाना पड़ता है. लेकिन बड़ी बात ये है कि ये प्रदूषण फैलाया किसने है.  ये प्रदूषण 10-15 उद्योगपतियों ने फैलाया है जो कि मोदी जी के दोस्त हैं.चुनाव प्रचार के लिए दो दिन की गुजरात यात्रा पर आए राहुल ने दौरे के पहले दिन मछुआरा समुदाय को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि कांग्रेस राज्य में जीत हासिल करेगी, जहां वह पिछले 22 वर्ष से सत्ता से बाहर है.

राहुल ने मछुआरों को संबोधित करते हुए कहा कि मछुआरों का काम भी किसानों की ही भांति होता है. कुछ समय पहले आप लोगों ने मांग की थी कि कृषि क्षेत्र के लिए मंत्रालय है तो मछुआरों के लिए क्यों नहीं? मैं आपसे सहमत हूं, और मैं आपसे वादा करता हूं कि केन्द्र में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस इसका गठन करेगी. राहुल ने फिर से नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी सर्कार जब सत्ता में थी तब हम मनरेगा जैसी योजना लेकर आये जिसने न जाने कितने गरीबों और दलितों की जिंदगी बदल दी. हमने मनरेगा के लिए 33000  करोड़ दिए. लेकिन नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नैनो कार परियोजना के लिए टाटा मोटर्स को 33,000 करोड़ रुपए दिए थे. उन्होंने गरीबों का पैसा अमीर उद्योगपतियों को बाँट दिया.राहुल यहीं नहीं रुके. उन्होंने नोटबंदी को लेकर भी मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नोटबंदी में सारे चोरों का पैसा नोटबंदी में बदल गया. लेकिन आम आदमी ने परेशानी झेली.

मतलब साफ़ है कि राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी को जिस तरह से निशाने पर लिया हुआ है उसे देखकर ये कहना लाजिमी है कि राहुल की नज़र गुजरात विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनावों पर है. जिसके लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. जानकारों की मानें तो ये सब कुछ एक सधी हुई रणनीति के तहत किया जा रहा है और इसकी शुरुआत गुजरात से ही की जा रही है. ताकि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में पेश किया जा सके.

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