गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की क्लीन चिट क्या रहेगी बरकरार?, आज आ सकता है आदेश Featured

05 Oct 2017
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आवाज़ ब्यूरो(अहमदाबाद): गुजरात में 2002 के गोधरा कांड के बाद जो दंगे हुए, उसके दाग उस वक़्त की वहां की सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी पर भी पड़े. हालांकि उस वक़्त उन्हें जांच के  बाद विशेष जांच दल ने क्लीन चिट दे दी, लेकिन पूर्व सांसद एहसान ज़ाफरी की पत्नी ज़किया ज़ाफरी इस से संतुष्ट नहीं थीं. नतीजतन उन्होंने फैसले को चुनौती दी. निचली अदालत ने भी विशेष जांच दल के उस फैसले को बरकरार रखा, लेकिन ज़किया ज़ाफरी ने अपनी  लड़ाई को जारी रखते हुए गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की जिस पर आज फैसला आ सकता है. 

गौरतलब  है कि गुजरात हाई कोर्ट जकिया जाफरी की उस याचिका पर आज अपना आदेश सुना सकता है जिसमें 2002 में हुए गोधरा कांड के बाद के दंगों के सम्बन्ध में तत्कालीन मुख्यममंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष जांच दल द्वारा दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है. इस याचिका पर सुनवाई गुजरात हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी के सामने 3 जुलाई को पूरी हुई है. जिस पर आज फैसला आया सकता है.


दरअसल दिवंगत पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया और सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ सिटीजन फार जस्टिस एंड पीस ने दंगों के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश के आरोपों के संबंध में मोदी और अन्य को एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखने के मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ आपराधिक पुनर्विचार याचिका दायर की थी. याचिका में मांग की गई कि मोदी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं नौकरशाहों सहित 59 अन्य को साजिश में कथित रूप से शामिल होने के लिए आरोपी बनाया जाए. इसमें इस मामले की नए सिरे से जांच के लिए उच्च न्यायालय के निर्देश की भी मांग की गई.

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