लोकसभा चुनाव 2019: पौत्रमोह के चक्कर में कांग्रेस नेता पंडित सुखराम की हुई घरवापिसी, पुत्र अनिल शर्मा आज शाम दे सकते हैं बीजेपी सरकार से इस्तीफ़ा...... Featured

25 Mar 2019
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंडित सुखराम ने फिर एक बार कांग्रेस का दामन थाम लिया है.......वो अपने पौत्र आश्रय शर्मा को लोकसभा टिकेट न मिलने के चलते खासे नाराज़ चल रहे हैं.....पार्टी ने अपने पुराने उम्मीदवार रामस्वरूप शर्मा को ही फिर से टिकेट देकर एक तरह से पंडित सुखराम के राजनीतक वर्चस्व को किनारे कर दिया है..........जिसको लेकर सुखराम काफी नाराज़ चल रहे थे .....अपनी इस नाराज़गी का इज़हार उन्होंने किसी सार्वजनिक मंच पर तो नहीं किया लेकिन वो अपने पौत्र आश्रय शर्मा के लिए मंडी से बीजेपी की लोकसभा सीट चाह रहे थे ये बात किसी से छिपी हुई नहीं है..........अब खबर आ रही है कि पंडित सुखराम अपने पौत्रमोह के चलते एक बार फिर से कांग्रेस में घर वापिसी कर ली है....कांग्रेस मुख्यालय से हमें जिसकी एक तस्वीर भी हासिल हुई है जिसमे वो प्रदेश पार्टी प्रभारी, पार्टी अध्यक्ष और अपने पौत्र आश्रय शर्मा के साथ राहुल गांधी के साथ खड़े हैं......

हिमाचल की राजनीति पर विशेष रूप से मंडी लोकसभा सीट पर अच्छी पकड़ रखने वाले पंडित सुखराम की वापिसी  निश्चित तौर पर बीजेपी के सियासी समीकरणों को काफी हद तक बिगाड़ सकता है..... गौरतलब है कि मंडी लोकसभा में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं जिनमे से 9 पर इस समय भाजपा काबिज़ है वहीँ एक विधासभा सीट पर आज़ाद उम्मीदवार प्रकाश राणा जीते थे जिन्होंने बाद में बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया. यानी इस बार ऐसा माना जा रहा था कि बीजेपी के लिए मंडी लोकसभा सीट जीतना कोई बड़ी बात नहीं है.... एक तो सारे सियासी समीकरण बीजेपी के पक्ष में और दूसरा मुख्यमंत्री भी जिला मंडी के... यानी सोने पे सुहागा... लेकिन अब पंडित सुखरामका कांग्रेस का दामन थाम लेने के बाद निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए ये एक झटका साबित होगा.....क्योंकि मंडी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 विधान सभा क्षेत्रों में 4-5 ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं जिन्हें पंडित सुखराम की राजनितिक विरासत के तौर पर देखा जाता है.....यानी वहां से किसी भी उम्मीदवार का पंडित सुखराम के आशीर्वाद के बिना जीता पाना बहुत मुश्किल है...... यानी भाजपा के लिए पंडित सुखराम अब सरदर्द बन चुके हैं जो उसके राजनीतक समीकरणों को पूरी तरह से बिगाड़ सकते हैं........

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार पंडित सुखराम कांग्रेस में शामिल होने के बाद मंडी लोकसभा सीट से  कांग्रेस आश्रय शर्मा को अपना उम्मीदवार बना सकती है.... जिससे खामोश पड़ी पार्टी के अंदर एक नै उर्जा का संचार होगा.......ख़ास बात ये है कि इसके लिए पार्टी के दिग्गज नेता और कभी पंडित सुखराम के धुरविरोधी रहे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी हामी भर दी है....  क्योंकि उन्हें भी ये बात भली भांति मालूम है कि पंडित सुखराम की इच्छा के बिना मंडी लोकसभा से कांग्रेस उम्मीदवार का जीतना बहुत मुश्किल है..... ऐसे में आश्रय शर्मा को अगर कांग्रेस का उम्मीदवार बना दिया  जाए तो कोई बड़ी बात नहीं.....

साथ ही एक बड़ी खबर और आ रही है जिसके मुताबिक आज शाम 7 बजे पंडित सुखराम के पुत्र और बीजेपी सरकार में मंत्री अनिल शर्मा भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे सकते हैं..... यानी एक बात साफ़ हो गई है कि इस लोकसभा सीट से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ना तय हैं.........

बहरहाल अब पंडित सुखराम कांग्रेस में आ गये हैं.....पौत्रमोह उन्हें एक बार फिरसे कांग्रेस की तरफ खींच लाया है...... अब आश्रय मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे ये भी तय है....... साथ ही ये भी तय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मुश्किलें भी बढेंगी........ और अगर गलती से भी मंडी लोकसभा सीट बीजेपी के हाथ से गई तो मुख्यमंत्री जयराम का नया-नया साम्राज्य भी बिखर जायेगा.......

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