राहुल राज में बदलेगा कांग्रेस का चाल चरित्र और चेहरा, चुनावी हार के बाद आत्ममंथन बैठक में शिमला आये राहुल ने दिए संकेत.....

29 Dec 2017
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): राहुल गांधी जब कांग्रेस अध्यक्ष बने थे तब ही आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क ने आपको बताया था कि जल्द ही कांग्रेस के चाल, चरित्र और चेहरा सबकुछ बदलेंगे, यानी अब राहुल कांग्रेस को अपने हिसाब से चलाएंगे. जिसका असर अब दिखना शुरू हो गया है. हिमाचल प्रदेश चुनाव में पार्टी की हार के बाद आत्ममंथन बैठक में पहुंचे राहुल ने माना कि कांग्रेस को हिमाचल में स्वयं कांग्रेस ने ही हराया है. पार्टी यहाँ गुटबाजी का शिकार रही और एकजुट होकर नहीं लड़ी, जिसकी वजह से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. उन्होंने पार्टी नेताओं को साफ़ लफ़्ज़ों में कहा कि अब से कांग्रेस में किसी भी तरह की अनुशाशनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

राहुल यहीं नहीं रुके उन्होंने साफ़ शब्दों में सबसे ये कह दिया कि कोई भी नेता अपने आप को बड़ा नेता समझने की भूल न करे. कांग्रेस में जो लोग ज़मीन से जुडकर काम करेंगे वही आगे बढ़ेंगे. पार्टी उन्हें पूरा मान-सम्मान देगी. उन्होंने ये दोहराया कि अगर हम यहाँ मिलकर लड़े होते तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता. गुजरात का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी गुजरात में एकजुट होकर लड़ी तो वहां के परिणाम सकारात्मक आये और यहाँ हम बिखरे रहे, आपस में ही लड़ते रहे, गुटबाजी के शिकार रहे तो हार का सामना करना पड़ा. राहुल गाँधी ने कहा कि ऐसी सूचनाएं मिली हैं जिनके मुताबिक हमारे नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से सम्पर्क ही छोड़ दिया. खुद को बड़ा नेता समझने लगे. वहीँ कई जगह से खिलाफ़त की खबर भी मिली है. गुटबाजी के कारण अपने ही लोग हमारे उम्मीदवारों को हराने में लगे रहे.  इसी वजह से हमें हार मिली.

राहुल गांधी ने ये साफ़ कहा कि पार्टी की खिलाफत करने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जायेंगे. फिर चाहे वो मंत्री हों या फिर कोई दूसरा बड़ा नेता. वहीँ कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होने कहा की हम हारे हैं इसका मतलब ये नहीं कि हम हाथ पर हाथ धरकर बैठ जाएँ. हम कई जगह बहुत कम अंतर से हारे हैं. ऐसे में हमारे कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहना चाहिए. केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनता के बीच में जाना चाहिए. जनता के बीच रहना चाहिए, उनकी समस्याओं को उठाना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं को कहा कि आइये हम सब एकजुट हो जाएँ. अपनी बात जनता के बीच रखें और जनता से जुड़े रहे. वहीँ आज हुए आशा कुमारी प्रकरण पर उन्होंने साफ़ कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए. इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम गांधीवादी लोग है. गुस्से और नफरत को प्यार से जीतना ही कांग्रेस की विचारधारा है. उन्होंने इस घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि आज जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था. गौरतलब है कि डलहौज़ी से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने महिला कांस्टेबल से हुई किसी मुद्दे पर बहंस के बाद कांस्टेबल को थप्पड़ जड़ दिया था. हालांकि उसके बाद महिला कांस्टेबल ने भी थप्पड़ का जवाब देते हुए आशा कुमारी को थप्पड़ रशीद कर दिया था. जिसकी वजह से आशा कुमारी की चारों और किरकिरी तो हो ही रही है साथ ही उनके खिलाफ FIR  भी दर्ज हो चुकी है.

बहरहाल इतना तो तय है कि राहुल गाँधी अब पार्टी को अनुशाशन में लाना चाह रहे हैं और आज के बाद इतना साफ़ है कि राहुल ने कांग्रेस नेत्ताओं और कार्यकर्ताओं को ये साफ़ सन्देश दे दिया है कि पार्टी के लिए कोई भी नेता बड़ा नहीं है. अब पार्टी में वही आगे बढेगा जो काम करेगा, जनता से जुडकर रहेगा. मतलब साफ़ है आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी और संगठन में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे जिससे हिमाचल भी अछूता नहीं रहेगा.

 

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