हिमाचल विशेषांक: पालमपुर में दो युवाओं ने पेश की मिसाल, चुनाव में हुई सिर्फ विचारधाराओं की लड़ाई... Featured

25 Nov 2017
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): अक्सर आपने और हमने चुनाव के समय बड़े-बड़े नेताओं को मर्यादा की सीमाएं लांघते देखा होगा. लेकिन आज हम आपको ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो राजनीति में एक मिसाल के तौर पर देखी जाएगी. जहाँ एक दूसरे पर न तो कोई निज़ी प्रहार हुआ और न ही कोई छींटाकशी. हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र की, जहाँ से इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही युवा उम्मीदवारों को उतारा था. बीजेपी ने जहाँ अपनी तरफ से प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष इंदु गोस्वामी को उतारा था वहीँ कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता ब्रिज बिहारी बुटेल के सुपुत्र आशीष बुटेल को इस सीट से चुनावी समर में उतारा था.

आवाज़ की टीम ने भी इस विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया. जहाँ ये देखकर बेहद ख़ुशी हुई कि दोनों ही पार्टियों ने युवाओं को इस बार इस सीट से मौका दिया है, दोनों ही अपने-अपने तरीके से चुनाव प्रचार में लगे हुए थे. लेकिन जो सबसे अच्छी बात लगी वो ये थी कि दोनों ही उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान न तो एक दूसरे पर कोई निज़ी आरोप लगा रहे थे और न ही कोई छींटाकशी कर रहे थे. बात हो रही थी तो केवल पालमपुर से जुड़े मुद्दों की. पालमपुर के विकास की, वहीँ ऐसा ही कुछ हलके की जनता में भी देखने को मिला. आवाज़ की टीम ने जब लोगों से बात की तो ये पाया कि लोगों में भी दोनों उम्मीदवारों को लेकर काफी उत्साह था. एक तो दोनों ही पहली बार चुनाव लड़ रहे थे और दूसरा दोनों के अंदर पालमपुर के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी.

दोनों अपने-अपने तरीके से  अपने विज़न को लोगों तक पहुँचाने में लगे थे. चुनावी समर में ऐसा कम ही देखने को मिलता है जो पालमपुर में इस बार देखने को मिला. अब चुनाव हो गया है और 18 दिसम्बर को नतीजे भी आ जायेंगे. ऐसे में जब हमने दोनों से संपर्क करने की कोशिश की तो कांग्रेस उम्मीदवार आशीष बुटेल से तो संपर्क नहीं हो पाया लेकिन बीजेपी प्रत्याशी इंदु गोस्वामी से बात हुई. इंदु का कहना था कि चुनाव तो आते-जाते रहते हैं. हमारी लड़ाई विचारधारों की लड़ाई है. विकास की लड़ाई है. ऐसे में मैंने पालमपुर के विकास को लेकर जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखा. अब जनता को ये तय करना है कि कौन पालमपुर में कितना विकास कर पायेगा. अब नतीजे भी आने वाले हैं. ऐसे में मैं अपने भाई आशीष को भी धन्यवाद देना चाहूंगी कि उन्होंने पालमपुर में साफ़ सुथरी राजनीति की. चुनाव का नतीज़ा तो जनता तय करेगी. लेकिन हमें ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए जो आपसी संबंधों में कड़वाहट पैदा करें.

बहरहाल पूरे हिमाचल प्रदेश की तरह पालमपुर में भी मतदान हो चुका है. नतीजे भी जल्द ही आ जायेंगे. लेकिन आज सुखद बात ये है कि पालमपुर में मतदाताओं के साथ-साथ उम्मीदवार भी ऐसे युवा हैं जिनमे युवाजोश तो है लेकिन इस जोश में उन्होंने अपने होश नहीं खोये.

 

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