अब होगा हिमाचल में विकास-बीजेपी Featured

04 Oct 2017
1912 times

आवाज़ (रेखा राव,हिमाचल) तो चलिए दोस्तो एक बार फिर बात कर लेते है चुनावी माहौल कि आजकल देश के दो राज्यो में चुनावी मौहाल देखने को मिल रहा है, जिसकी शुरुआत हिमाचल में प्रधानमंत्री की रैली से गई,एक बार फिर बीजेपी सरकार ने हिमाचल की जनता को लुभाने के लिए तोहफों की झड़ी लगा दी, और लगाए भी क्यों ना भई एक तो चुनावी मौहाल तैयार करना है जनता को अपने फैवर में लना है और दूसरा दिवाली भी आ रही है तो ऐसे में तो जनता को तोफे मिलने भी चाहिए, वहीं हमारी बेचारी जनता तोफों की झड़ी देख कर उम्मीद भी कर रही है कि ये सरकार उनके सारे सपने पूरा करेगी,और इन तोहफो का फायदा भी जल्द, उन्हें मिल जाएगा,खैर ये तो बाद कि बात है कि सरकार चाहे जो भी बने, जनता जिस मर्जी को अपने सिर मथे चढाए,ये जनता का फैसला होगा,पर सरकार के फायदे और नुकसान भी जनता की भुगतने होगे,इस बात का ख्याल भी रखना होगा,

यहां एक बात तो गौर करने वाली है कि जिस राज्य की सत्ता पर बीजेपी का कब्जा वहां कांग्रेस अपनी सियासी जमीन तलाश रही है,तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार के राज्य में बीजेपी अपना मौहाल बना रही है,जो ठीक भी है, पर बात करे हिमाचल की,तो जनता का रुख साफ ही रहता है हर पांच साल में अपना रुख साफ कर देती है,

अब बात कर लेते है बीजेपी सरकार कि जो हिमाचल में अपनी राजनीति जमीन तलाश रही है,और लोगों के बीच चुनावी महौल बना रही है, औऱ लोगों को सपने भी दिखा रही है जो शायद चुनाव से पहले हर राजनीति पार्टी की आदत भी है, और दूसरी पार्टी को नकार साबित करती है,बड़े बड़े इलजाम भी लगा रही है,खैर ये सब तो चुनाव में हर पार्टी का फंडा है,दूसरे को गिरकर ही खुद को ऊपर दिखाना,लेकिन बीजेपी की चुनावी रणनीति पर गौर करे तो एक बात तो समझ आती है कि चुनाव से पहले  राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा सामने नहीं लाती,शायद इसलिए कि जनता उनके फैसले पर सहमत ना हो,और इसलिए इस बार हिमाचल में मुख्यमंत्री के पद के लिए कई चेहरे दिख रहे है,जो खुलकर तो सामने नहीं आ रहे,  हम तो पार्टी के नेताओ से बस ये ही कहेगे कि ये जनता ये सब जनती है,कि इन दिनों चुनावी माहौल में प्रधानमंत्री किस नेता कि तारीफ कर रहे है,और कौन प्रधानमंत्री कि उपलब्धियां जनता के सामने गिनवा रहा है,

खैर हमारा तो ये ही कहना है कि जनता इस बार अपनी सरकार देखभाल कर बनाए,क्योकि सरकार ने काम नही किया,तो उनके पास दूसरा मौका पांच साल बाद ही आएगा,और प्रदेश का क्या हाल होगा वो अभी तक सरकारों में देख लिया है और ना देखा हो तो एक नज़र अपने पड़ोसी राज्यों की तरफ भी डाल ले,सबकी तस्वीर साफ हो जाएगी,

अभी काफी समय है सोच समझ कर वोट डाले और एक अच्छे नेता का चुनाव करें,नहीं तो पर सरकार को कौसने का और मीडिया को कौसने का टाईम ही रह जाएगा,  

Rate this item
(0 votes)

Latest from Super User