Items filtered by date: Thursday, 17 May 2018
आवाज़(बी.डी. अग्रवाल): कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश भर में कांग्रेस विरोध जता रही है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है. यहाँ के भी तमाम बड़े नेताओं ने बीजेपी पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है. ऐसा ही कुछ रेवाड़ी से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टेन अजय यादव ने कहा. उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव नतीजों में कांग्रेस पार्टी और जेडीएस के 116 विधायक होने के बावजूद भी राज्यपाल द्वारा पहले भाजपा को बुलाया गया, जबकि मणीपुर और गोवा में कांग्रेस पार्टी के सबसे ज्यादा विधायक होने के बाद भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा नही बुलाया गया. यह सरेआम लोकतंत्र की हत्या है.
 
अजय यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जो मनमानी की जा रही है, यह देश के लिए बहुत बडा खतरा है. सत्ता हथियाने के लिए भाजपा द्वारा सारे अनैतिक काम किए जा रहे हैं. इसके लिए देश के सभी राजनीतिक दलों को एक होना चाहिए. साथ ही वनारस हादसे पर बोलते हुए कैप्टेन अजय सिंह यादव ने कहा कि बडे शर्म की बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में निमार्णाधीन पूल गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई. जिसके लिए मैं अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. लेकिन जब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ही इतनी बडी लापरवाही हो रही है तो फिर देश का क्या हाल होगा. लेकिन प्रधानमंत्री को इसकी कतई फिक्र नही है. वो तो कर्नाटक में सरकार बनवाने के लिए विधायकों की खरीद फ़रोख्त में व्यस्त हैं. पूर्व मंत्री ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में राज्यपाल को चाहिए कि सरकार बनाने के लिए सबसे पहले कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन को बुलाना चाहिए. ताकि सरकार स्थाई रह सके.
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आवाज़(मुकेश शर्मा, गुरुग्राम): इस देश में वैसे तो कई चीज़ों को लेकर विवाद होना रोज़ की बात है लेकिन कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जब हर कोई ये सोचने पर मजबूर हो जाता है की क्या वाकई हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. जहाँ हर कोई धर्म, जाती, पंथ से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की सोचे. लेकिन हरियाणा में हुए इस वाकये को देखकर ऐसा नहीं लगता जहाँ सरकार ने ही एक परीक्षा में जाती सूचक प्रशन पूछकर पूरे देश में हैरत में डाल  दिया. पूरे देश के ब्राह्मणों और ब्राह्मण संगठनों ने इसका विरोध किया. पहले तो सरकार ने इस विरोध को नज़रंदाज़ करने की कोशिश की लेकिन जब हालात काबू में आते न दिखे तो आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आखिरकार आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड करके मामले को शांत करने का प्रयास किया है.

गौरतलब है कि इस मामले में सरकार की और से कहा गया है कि मामले की जांच पूरी होने तक आयोग के चेयरमैन निलंबित रहेंगे जिसकी पुष्टि सूबे के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने भी कर दी है. साथ ही बताया जा रहा है कि सरकार जूनियर इंजिनियर की परीक्षा पत्र तैयार करने वाले परीक्षक के खिलाफ भी केस दर्ज़ कर सकती है. दरअसल आज ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने को लेकर सूबे के मंत्रियों, विधायकों और दूसरे ब्राह्मण नेताओं ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की जिसके बाद ये फैसला लिया गया की जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती निलंबित रहेंगे. हरियाणा के इतिहास में ये पहला मौका है जब कर्मचारी आयोग के चेयरमैन को किसी मामले में निलंबित किया गया हो.

गौरतलब है कि पिछले दस अप्रैल को हुई इंजीनियरिंग की परीक्षा का 75वां प्रशन विवादित रहा जहाँ ये पूछा गया था कि हरियाणा में क्या अपशकुन नहीं माना जाता है? जिसके चार विकल्प दिए गये थे. इसमें से दो विकल्पों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, तीसरे विकल्प में काले ब्राह्मण से मिलना और चौथे विकल्प में ब्राह्मण कन्या को देखना का विकल्प दिया गया था.इस प्रशन का सही उत्तर ब्राह्मण कन्या को देखना बताया गया था. जैसे ही ऐसे प्रशन का परीक्षा में आने की ख़बर हरियाणा के साथ-साथ देश में लोगों को लगी तो विरोध होना शुरू हो गया और विवाद इतना बढ़ गया की आखिरकार सरकार को आयोग के चेयरमैन को निलम्बित करना पड़ा.

आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क को पूरी उम्मीद है कि सरकार के साथ-साथ आयोग के चेयरमैन को अब हरियाणा में काले ब्राह्मण और ब्राह्मण कन्या की ताकत का एहसास हो गया होगा. एक इंसान होने के नाते मुझे खुद इस बात पर शर्म आती है की आज हम कहाँ खड़े हैं? 21 वीं सदी में जब हम धर्म जातपात से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की बात करते हैं ऐसे में हमारी सरकारें इस तरह के प्रशन पूछकर न केवल अपने दिमागी दिवालियेपन का सबूत देती हैं बल्कि समाज में एक ऐसे भयंकर बीज को रोपित कर रही हैं जो कभी भी इस समाज को एक नहीं होने देंगी. आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क की पूरी टीम की तरफ से हरियाणा के साथ-साथ पूरे देश के उन ब्राह्मणों को प्रणाम जिन्होंने सरकार के इस घटिया सवाल को लेकर आवाज़ उठाई और उम्मीद है की आगे से ऐसे किसी भी प्रशन को नहीं पूछा जाएगा फिर चाहे वो किसी भी धर्म, जाती पंथ, सम्प्रदाय से जुड़ा हुआ हो... भारती जी आपके लिए सलाह फ्री में है, ले लीजिये, काम आएगी...... भविष्य में ऐसे किसी भी विवाद कन्नी काटिएगा क्योंकि अगर आपको ऐसे ही प्रशन पूछने हैं तो जवाब मेरा ये है कि........ हाँ मैं भी हूँ काला ब्राह्मण.... आपके लिए अपशकुन.........

 

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