क्या हरियाणा में मिलाए जाएगें यू.पी. के तीन जिले?, सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर ने मचाई सियासी गलिआरों में खलबली

01 Jan 2018
538 times

आवाज़(संजीत खन्ना, झज्जर): देश की सियासत में एक कहावत है, जिसने यू.पी. जीत लिया उसने देश जीत लिया. या फिर यों कहें कि देश पर राज़ करने का रास्ता उत्तर प्रदेश से गुजरता है. तभी तो प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रूख किया था. लेकिन सोशल मीडिया में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं अगर वो सच साबित होती हैं तो शायद ये कहावत सच न रहे. दरअसल उत्तर प्रदेश को छोटा करने की चर्चाएं इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. चर्चाएं तो यहां तक है कि इस राज्य के तीन जिलों को हरियाणा व दो जिलों को उत्तराखंड से जोड़ा जाएगा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज ने न केवल यू.पी. बल्कि हरियाणा की राजनीति में भी खलबली मचा दी है. हांलाकि अभी अधिकारिक रूप से इन जिलों को हरियाणा व उत्तराखंड में जोड़े जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है,लेकिन जितनी तेजी से सोशल मीडिया पर यह चर्चाएं वायरल हो रही है उससे नेताओं की प्रतिक्रियाओं की गरमाहट हल्की-फुल्की शुरू होने लगी है. परन्तु सत्ता पक्ष व विपक्ष का कोई भी नेता इन चर्चाओं पर मीडिया के सामने किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से साफ कन्नी काट रहे है.

गौरतलब है कि गुजरात व हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर यू.पी. के तीन जिले जिनमें मेरठ, मुज्जफरनगर व शामली को हरियाणा से जोड़े जाने की चर्चाएं जोरों पर चल रही है. इनके अलावा यू.पी. के दो अन्य जिले भी उत्तराखंड में शामिल कराए जाने की चर्चा है. ऐसे में बात यदि हरियाणा की की जाए तो इन जिलों के हरियाणा में जुडऩे से न केवल हरियाणा की राजनीति में उथल-पुथल होने की पूरी संभावना है बल्कि आगामी 2019 के लोकसभा व विस चुनाव में भी परिणाम पूरी तरह से बदल सकते हैं. सोशल मीडिया पर तो चर्चाएं यहां तक है कि केन्द्र सरकार अपने फायदे के लिए देश की राजनीति का इतिहास लिखने वाले यू.पी. प्रदेश को छोटा करने की कवायद में लगी है.

खबर को लेकर सांसद दीपेन्द्र हुड्डा जल्दबाज़ी में नहीं...


आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क संवादाता संजीत खन्ना ने जब झज्जर आगमन के दौरान सांसद दीपेंदर हुड्डा से यू.पी. के तीन जिलों को हरियाणा में मिलाए जाने सम्बन्धी खबर पर उनसे सवाल किया तो कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने इस बात की तो हामी भरी कि यू.पी. के एक कार्यक्रम में भाग लेेने के दौरान उनसे वहां की मीडिया ने भी कुछ ऐसा ही सवाल किया था. लेकिन इस प्रकार की अभी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है. उनके मुताबिक अभी इस बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि जब तक इस बारे में अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो जाती तब तक वह कुछ भी नहीं कहेंगे. लेकिन जैसे ही इस बात की पुष्टि होती है तो फिर वह मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे कि उनका अगला रूख क्या होगा.

बहरहाल इतना तो तय है कि सोशल मीडिया पर आजकल वायरल हो रही इस खबर ने सियासी गलियारों में हडकंप मचाया हुआ है. हर कोई अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहा है और ये इंतज़ार कर रहा है कि क्या वाकई ये सच  वाला है, और अगर ये सच होता है तो फिर किसे कितना नुक्सान और कितना फायदा होगा. ज़ाहिर  पर इल्ज़ाम बीजेपी के ऊपर आएगा. पर क्या फायदा भी उन्हें ही होगा ये देखने वाली बात होगी.

Rate this item
(0 votes)

Latest from Super User