अगर नहीं मिला जाट आरक्षण तो 2018 में होगी निर्णायक लड़ाई: यशपाल मलिक Featured

27 Nov 2017
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आवाज़(रेखा राव, विशाल चौधरी, रोहतक): अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल अब सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. जिसके लिए मालिक ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 19 मार्च का समझौता लागू नहीं किया गया तो मार्च 2018 में आरपार की लड़ाई होगी. रोहतक के जसिया में रविवार को रैली में मलिक ने कहा कि इस बार आंदोलन लंबा नहीं चलेगा, ट्रैक्टर-ट्रालियों का मुंह दिल्ली की तरफ मोड़ देंगे. मलिक ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला के सामने कहा कि सीएम को समझा दें, नहीं तो मंत्रियों-विधायकों को किसी भी गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा. सीएम को चंडीगढ़ से ही सरकार चलानी पड़ेगी. साथ ही उन्होंने सूबे के वित्त मंत्री कैप्टेन अभिमन्यु पर निशाना साधते हुए कहा कि कि उन्हें गांवों में घुसने नहीं देंगे.


गौरतलब है कि रैली में सरकार को 31 मार्च 2018 तक के अल्टीमेटम तो दिया ही गया साथ ही 8 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गयी. मलिक ने कहा कि सरकार के साथ 6 मांगों पर समझौता हुआ था, लेकिन कई मांगें लंबित हैं. अगले माह तक आरक्षण मांगते हुए मालिक ने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 3 दिसंबर को कार्यकारिणी की बैठक होगी. वहीँ रैली से पहले दीनबंधु छोटूराम प्रतियोगिता परीक्षा एवं कौशल विकास संस्थान की नींव रखी गई. रैली में रामपाल के अनुयायियों ने बड़े स्तर पर हिस्सा लिया और 15 लाख रुपये दिये.

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