हरियाणा के कलियुगी टीचर ने दो स्टूडेंट्स की जूते से की पिटाई, विडियो वायरल Featured

13 Oct 2017
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आवाज़(रेखा राव, गुरुग्राम): एक वक़्त था जब समाज में गुरु का दर्ज़ा भगवान से भी ज्यादा था, लेकिन जैसे जैसे वक़्त बदला तमाम रिश्तों की परिभाषाएं भी बदली. आज गुरु शिष्य परम्परा के उदहारण तो देखने को कम मिलते हैं लेकिन अपनी मर्यादा को लांघते कभी गुरु सामने आते हैं तो कभी शिष्य. ऐसा ही एक मामला हरियाणा के रेवाड़ी से आया है जहां गुरु ने एक मामूली से विवाद पर अपनी मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी, वो भी जूते से. अब इस घटना का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे वहां मौजूद एक स्कूली छात्र ने बनाया है.

सूत्रों की मानें तो क्लास में शिक्षक के पढ़ाने के दौरान दो छात्रों की आपस में किसी बात को लेकर बहस हो गई. जैसे ही इसकी भनक शिक्षक को लगी उसने दोनों को अपने पास बुलाया और फिर बड़ी बेरहमी से उन दोनों की जूते से पिटाई कर दी.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस विडियो में आप देख सकते हैं कि दो छात्र शिक्षक के पास बैठे हैं. शिक्षक उनसे कुछ कहता है और फिर अपना जूता निकालकर एक छात्र को पीटना शुरु कर देता है. शिक्षक छात्र के मुंह पर जूता मारता है. इसके बाद वह खड़े होकर दूसरे छात्र को थप्पड़ मारता हुआ इस विडियो में दिखाई दे रहा है. खबरों के मुताबिक छात्र जब घर पहुंचे तो उन्होंने आपबीती अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद दोनों छात्रों के परिजन गुस्से में स्कूल पहुंचे. स्कूल प्रशासन ने परिजनों से बातचीत कर मामले को तुरंत रफा-दफा कर दिया.

वहीं इस बारे में जब स्कूल प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिक्षक ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए छात्रों के परिजनों ने भी पुलिस में कोई केस दर्ज नहीं कराया. गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक शिक्षक द्वारा छात्र को डस्टर से बुरी तरह पीटने का मामला सामने आया था. इस घटना में 14 वर्षीय छात्र को हाथ में फ्रैक्चर आया था. इसी तरह का एक मामला मेरठ के एक स्कूल में देखने को मिला था जहां पर शिक्षक ने छात्र को इतनी बेदर्दी से पीटा कि उसकी आंखों की रोशनी चली गई. छात्रों के साथ स्कूल में घट रहीं इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकारों को कोई ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि स्कूल में बच्चे सुरक्षित रहें. समाज में जिस तरह की मानसिकता पनप रही है वो भी एक चिंता का विषय है, जिसके लिए सरकारों के साथ साथ हमें भी गंभीरता से विचार करना चाहिए.

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