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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कर्नाटक में बीजेपी की गिरने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष भी अपनी ख़ुशी जताने सामने आये. इस मौके पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, आर एस एस और बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह पर ज़ोरदार हमला बोला. राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और देश के लोगों और संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर नहीं हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रवैया लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि तानाशाही वाला है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को अहंकारी बताते हुए कहा कि भारत में ताकत ही सब कुछ नहीं है, बल्कि लोगों की इच्छाशक्ति ही सबकुछ है. हमने जनता को इसके बारे में बताया और बीजेपी के अहंकार की सीमा भी गिनाई. इस देश को कैसे चलाया जाना है इसकी एक सीमा है. जबकि प्रधानमंत्री का मॉडल लोकतांत्रिक नहीं, तानाशाही वाला है. साथ ही राहुल ने कहा कि देश की जनता ने टेलीविजन पर देखा कि किस तरह कर्नाटक विधानसभा में राष्ट्रगान बजने से पहले ही बीजेपी के विधायक उठकर चले गए. ये उनका स्वभाव है कि वे हिंदुस्तान के किसी भी संस्थान की इज्जत नहीं करते हैं. मुझे गर्व है कि कर्नाटक की जनता ने प्रधानमंत्री, बीजेपी के अध्यक्ष और हत्यारोपी अमित शाह को दिखा दिया कि वे लोकतंत्र को खरीद नहीं सकते हैं,  मुझे उम्मीद है कि बीजेपी और आरएसएस ने कर्नाटक से सबक सीखा होगा.

राहुल ने कर्नाटक में बीजेपी के ऊपर खरीद-फ़रोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि मीडिया के सामने खुलेआम बीजेपी ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को खरीदने की कोशिश की. लेकिन उनकी एक न चली. वहीँ एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि विपक्ष अपने सहयोग से बीजेपी को हराएगा. देश भर में लगातार हमले हो रहे हैं, बीजेपी और आरएसएस को हम रोकेंगे, देश की जनता और कर्नाटक की जनता की रक्षा की. मैं कर्नाटक के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं. 

राहुल ने सीधे प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों की खरीद-फरोख्त को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री कहते हैं कि वे भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं, लेकिन असल में वे खुद भ्रष्टाचार हैं. हमने फोन पर हुई बातचीत सार्वजनिक रूप से रखी है. वे लोग सोचते हैं कि देश की हर संस्था को झुका सकते हैं, और तबाह कर सकते हैं. एक के बाद एक वे जनादेश का अपमान कर रहे हैं.

 

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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कर्नाटक का नाटक आख़िरकार ख़त्म हुआ और बीजेपी के मुख्मंत्री यदुरप्पा ने  महज़ ढाई दिन के मुख्यमंत्री बनकर इस्तीफ़ा दे दिया. यदुरप्पा ने विश्वास मत परीक्षण से पहले ही अपनी हार मानते हुए इस्तीफ़ा दे दिया. विश्वास मत पेश करते हुए यदुरप्पा ने कहा की कर्नाटक में कांग्रेस और जेडी(एस) ने हारी हुई बाज़ी जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया है. अपने भाषण के दौरान यदुरप्पा भावुक होते हुए कहा कि अगर राज्य और केंद्र दोनों में बीजेपी सरकार होती तो वो राज्य को एक मॉडल राज्य बनाते, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा. लेकिन वो किसानों की हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे. उन्होंने कर्नाटक के लोगों का शुक्रिया अदा किया और उम्मीद जताई की 2019 में जनता बीजेपी को स्पष्ट बहुमत देते हुए सारी लोकसभा सीट बीजेपी की झोली में डालेगी.

अब जब बीजेपी की सरकार गिर गई है तो माना जा रहा है कि राज्यपाल गठबंधन के नेता कुमारस्वामी को सरकार बनाने का न्योता देंगे. वहीँ इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आज़ाद ने कांग्रेस और जेडी(एस) के सारे एमएलए को धन्यवाद और बधाई दी. साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी का धनबल राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं बना सका. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी माननीय न्यायालय का धन्यवाद किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल अब उनके गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता देंगे और कांग्रेस और जेडी(एस) मिलकर कर्नाटक को अगले 5 साल तक स्थाई सरकार देंगे.

 

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