Items filtered by date: Wednesday, 06 June 2018

आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली भी आज उन देश की गिनी-चुनी हस्तियों में शुमार हो गये जिनकी प्रतिमा मैडम तुसाद म्यूजियम में राखी गई है. आज दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में उनकी की मोम की प्रतिमा का अनावरण किया गया . गौरतलब है कि लियोनेल मेस्सी, कपिल देव और उसेन बोल्ट की प्रतिमाओं के बाद अब भारतीय क्रिकेट के स्टार विराट कोहली की प्रतिमा लगाईं गई है. इस मौके पर संग्रहालय द्वारा जारी विराट कोहली के एक बयान में कहा ,‘‘ मैं इस प्रतिमा को बनाने के लिये किये गए प्रयासों की सराहना करता हूं. मैं मैडम तुसाद म्युजियम को धन्यवाद देता हूं जिसने मेरा चयन किया. मैं अपने प्रशंसकों का भी शुक्रगुजार हूं.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह मेरे जीवन की अनमोल यादों में से एक होगा.’’ 

दरअसल कोहली की प्रतिमा उनसे मुलाकात के दौरान लिये गए 200 मापों और तस्वीरों से बनाई गई. वह इसमें भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी में है. कोहली ने अपने क्रिकेटिंग करियर के     दौरान अबतक अर्जुन पुरस्कार, आईसीसी विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर का पुरस्कार और बीसीसीआई के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के तीन पुरस्कार जीते हैं.(सौजन्य: भाषा, इमेज सोर्स: lifeberrys.com)

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): देश भर में किसान आन्दोलन चल रहा है. कोई दूध सड़क पर बहाकर अपना विरोध जता रहा है तो कोई सब्ज़ी सड़कों पर बिखेर रहा है.  इन सब के बीच राहुल गांधी अपने मिशन 2019 के लिए व्यस्त हैं और वो किसानों के बीच जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे. ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब राहुल गाँधी मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंचे जहां उन्होंने पहले तो पिछले साल किसान आन्दोलन के दौरान मारे गये किसानों के परिवारों से मुलाकात की और फिर अपनी मंदसौर रैली में प्रधानमंत्री पर जमकर हमला बोला. गौरतलब है कि आज मंदसौर में पिछले साल प्रशासन की गोली से मारे गये किसानों की बरसी थी जिस मौके पर कांग्रेस ने रैली का आयोजन किया था.

 राहुल गाँधी ने इस मौके पर शिवराज सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमकर निशाने पर लिया. राहुल ने कहा कि चाहे मध्य प्रदेश की शिवराज चौहान की सरकार हो या फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इनके दिल में किसानों के लिए कोई जगह नहीं है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिनभर पीएम मोदी और शिवराज सिंह चौहान बातें करते रहते हैं लेकिन किसानों के बारे में कुछ नहीं करते हैं. ये लोग किसानों की पूजा करते हैं लेकिन उनका कर्ज माफ नहीं करते हैं.  आज देश भर का किसान आत्महत्या करने को मजबूर है लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही. उन्होंने कहा कि जिस दिन मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी उसके दस दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा. वहीँ राहुल ने कहा कि जब हमारी सरकार आएगी तो हम खेतों के पास ही फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाएंगे जिससे किसानों को पूरा लाभ होगा. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यहां जो लस्सुन होता है, दस साल में वो लस्सुन चीन की राजधानी बीजिंग में चीनी लोग खाएं. 

वहीँ प्रधानमंत्री मोदी पर उन्होंने केवल भ्रष्टाचारियों का साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, ललित मोदी, विजय माल्या सारे के सारे घोटालेबाजों को विदेश भागने दिया. राहुल ने कहा कि पीएम मोदी, नीरव मोदी को 'नीरव भाई' और मेहुल चोकसी को 'मेहुल भाई' बुलाते हैं. साथ ही बेरोज़गारी के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, 15 लाख देने का वादा किया था लेकिन इन्होंने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया. 

वहीँ चीन के मुद्दे पर उन्होंने ओराधान्मंत्री को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चीनी राष्ट्रपति के साथ अहमदाबाद में झूला झूल रहे थे, लेकिन कुछ ही दिन बाद डोकलाम में चीन की सेना घुस गई. उन्होंने कहा कि मोदी जी की जेब में जो फोन है उसके पीछे भी मेड इन चाइना लिखा है, जिससे वो सभी को मैसेज करते हैं.

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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी है. 1984 के साल इसी दिन चलाये गये इस ऑपरेशन के दौरान ऐसा कहा जाता है कि स्वर्ण मंदिर के अंदर हजारों की तादाद में खालिस्तान समर्थक भिंडरावाला के नेत्रित्व में मजूद थे. कहा जाता है कि ये समर्थक भारत देश से अलग देश की मांग कर रहे थे और हथियारों से लेस थे. हालात बिगड़ते देख उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को ऑपरेशन ब्लू स्टार चलने की अनुमति दी थी. जिसके बाद सेना और खालिस्तान समर्थकों के बीच भारी गोलाबारी हुई और 492 खालिस्तान समर्थक मारे गये वहीँ 83 सैनिक भी शहीद हुए. लेकिन ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद इसी साल 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के दो अंगरक्षकों ने गोली मार दी जिसके बाद देश भर में दंगे भड़क गये और गुस्स्ये लोगों ने 8000 से ज्यादा सिक्खों की हत्या कर दी थी. अकेले दिल्ली में ही 3000 से जयादा सिक्खों की हत्या कर दी गई थी. गटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और आज सिख समाज आज तक इन ज़ख्मों को भूला नहीं है. क्योंकि दंगों में मारे गये हजारों परिवारों को आज भी न्याय नहीं मिला है.

आज 6 जून को जब पूरे विश्व का सिक्ख समाज में शोक की लहर है वहीँ अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के अंदर खालिस्तान समर्थन के नारे लगाये जाने की ख़बरें आ रही हैं. खबर है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के मौके पर आल इंडिया सिक्ख छात्र संघ मंदिर परिसर के अंदर प्रदर्शन करते नजर आये.प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यहां खालिस्तान समर्थन में नारे भी लगाये जिसका की विडियो भी सोशल मीडिया पर आ गया है. विडियो में नजर आ रहा है कि हाथों में तख्तियां और भिंडरावाला की तस्वीरें लिए ये लोग खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं.

हालांकि सरकार ने इसके लिए व्यापक सुरक्षा के इंतजाम कर रखे हैं. स्वर्ण मंदिर के आसपास 3000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं, वहीँ वाई-पास, रेलवे स्टेशन,हवाई अड्डे सहित शहर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचेंगे. इस बीच उग्र सिख संगठन खालसा ने अमृतसर बंद का ऐलान किया है. वहीँ अभी दो दिन पहले ही पंजाब के बटाला शहर में पुलिस ने तीन खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार भी किया है.(इनपुट:जनसत्ता डॉट कॉम, इमेज सोर्स: ANI)

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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): हमारे देश में सरकारें किस तरह से काम करती हैं और किस तरह से उनकी उदासीनता का खामियाज़ा उद्यमियों और कारोबारियों को भुगतना पड़ता है इसका एहसास आज फिर हुआ जब पतंजलि जैसे मशहूर ब्रांड ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नॉएडा से अपने फ़ूड पार्क को कहीं और शिफ्ट करने की बात कही. पतंजलि की और से आचार्य बल कृषण ने सरकार के इस उदासीन रवैये की आलोचना करते हुए पतंजलि के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर फूड पार्क को शिफ्ट करने की बात कही थी और यूपी में प्रशासन पर जमकर निशाना साधा था.  ये आलम तो तब है जब सूबे में बीजेपी की सरकार है और हर कोई ये जानता है कि बाबा बीजेपी की आँखों के तारे हैं. अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है तो दुसरे उद्यमियों के साथ क्या बीतती होगी इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

लेकिन जैसे ही ग्रेटर नोएडा में बनने वाले पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क पर ये बवाल शुरू हुआ तो उत्तर प्रदेश सरकार के हाथ-पांव फूल गए.खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ ही घंटे में बाबा रामदेव से बात की और मामले को जल्द सुलझाने का भरोसा दिलाया. जिसके बाद यूपी सरकार की ओर से ये भरोसा दिलाया गया कि फूड पार्क ग्रेटर नोएडा से बाहर नहीं जाएगा और मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. वहीँ पतंजलि ग्रुप के प्रवक्ता एस के तिजारावाला के मुताबिक, 'नोएडा में बनने वाले पतंजलि फूड पार्क की जमीन के टाइटल सूट के लिए केंद्र सरकार की ओर से दो बार नोटिस भेजा गया था. लेकिन योगी सरकार की ओर से पतंजलि को टाइटल सूट नहीं सौंपा गया. इस वजह से ये दिक्‍कत आई है. यही नहीं इस वजह से दो और फूड पार्क को लेकर भी दिक्‍कत हो सकती है.'

इन सब ख़बरों के बीच बाबा रामदेव का कहना है कि 'केंद्र सरकार के मंत्रालय फूड प्रोसेसिंग मिनिस्ट्री ने अनुमति दी थी और कहा था कि जल्द से जल्द यहां पर मेगा फूड पार्क बना लें. लेकिन योगी सरकार ने इसके प्रति उदासीन रवैया दिखाया और उसको निरस्त कर दिया.' सरकार के इस रवैये से बाबा बहुत नाराज़ हैं और इसी सब के चलते उन्होंने इस फ़ूड पार्क को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही थी.

आखिर क्या है ये पतंजलि फ़ूड पार्क परियोजना......!

दरअसल पिछली सरकार में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने बाबा रामदेव की पतंजलि को यहाँ ग्रेटर नॉएडा में फ़ूड पार्क खोलने के लिए स्वीकृति दी थी, जिसकी कुल लागत 1666.80 करोड़ रुपये थी. ये फूड पार्क 455 एकड़ में बनना था. यूपी में अखिलेश यादव ने मुख्‍यमंत्री रहते हुए इस फूड पार्क की आधारशिला रखी थी. इसे जल्द से जल्द बन जाना था लेकिन अब जमीन विवाद को लेकर मामला अटकता दिख रहा है. वहीँ  बाबा रामदेव के मुताबिक, इस फूड पार्क से 8000 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार और 80 हजार लोगों को परोक्ष रोजगार मिलता. अब देखने वाली बात ये है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद क्या ये मामला जल्दी से सुलझ जाता है या फिर से व्ही ढाक के तीन पात वाली कहानी दोहराई जाती है.

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