Items filtered by date: Wednesday, 07 February 2018

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): राजस्थान और पश्चिम बंगाल में उप-चुनावों में करारी हार झेल चुकी बीजेपी के लिए कुछ राहत भरी खबर है. खबरिया चैनल न्यूज़ एक्स के ओपिनियन पोल में त्रिपुरा में इस बार बीजेपी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है. गौरतलब है कि 60 सदस्यों वाली त्रिपुरा विधान सभा के लिए 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे लेकिन अभी से ही ये कयास लगाये जा रहे हैं कि इस बार त्रिपुरा लाल-सलाम को अलविदा कहकर भगवा को अपनाने जा रहा है. न्यूज एक्स के ओपिनियन पोल के मुताबिक 25 सालों से सत्ता पर काबिज सीपीआईएम इस बार सत्ता से बेदखल होती नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक यहां इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनती दिखाई दे रही है. चैनल ने ओपिनियन पोल में दावा किया है कि भाजपा और आईपीएफटी के गठबंधन को 31 से 37 सीटें मिल सकती हैं जबकि सीपीआईएम को 23 से 29 सीटें हासिल हो सकती हैं. कांग्रेस एवं अन्य दलों को यहां एक भी सीट नहीं मिलने का अनुमान जताया गया है. कहा जा रहा है कि त्रिपुरा में पिछले 25 सालों से सीपीआईएम की सरकार रही है इसलिए माणिक सरकार के खिलाफ एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर हावी है. हालांकि, मुख्यमंत्री माणिक सरकार फिर से धनपुर से चुनाव जीतने में सफल होंगे. 

देश के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों और राजनेताओं के दावों-प्रतिदावों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. सर्वे के मुताबिक राज्य में भाजपा का प्रसार-प्रचार बहुत ही तेजी से हुआ है. इस बार पूरे राज्य में बीजेपी की लहर दिख रही है. माणिक सरकार के खिलाफ उभरे असंतोष का फायदा यहां सिर्फ बीजेपी को मिलने का दावा किया गया है. सर्वे में कहा गया है कि बेरोजगारी और आदिवासियों के बीच स्वतंत्र त्रिपुरा की मांग एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है. पूरे राज्य में 18 फरवरी को मतदान होगा जबकि 3 मार्च को वोटों की गिनती की जाएगी. राज्य की सभी बूथों पर इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ VVPAT सिस्‍टम का प्रयोग किया जाएगा.

दरअसल कांग्रेस मुक्त भारत अभियान पर बढ़ रही बीजेपी असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में सरकार बनाने के बाद अब त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में भी कमल खिलाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है. अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां सभा कर लौटे हैं. इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी त्रिपुरा दौरे पर थे. सोमवार को मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने बीजेपी की हिन्दूवादी एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा था कि बीजेपी देश को बांटना चाह रही है.

Published in प्रदेश

आवाज़(ब्यूरो, लखनऊ): उन्नाव :उप्र:, जिले की बांगरमऊ तहसील में दस महीनों के दौरान एक ही सिरींज से इंजेक्शन लगाकर कई लोगों को एचआईवी संक्रमित करने वाले झोलाछाप डाक्टर को आज पकड़ा गया।कोतवाली प्रभारी अरूण प्रताप सिंह ने बताया कि झोलाछाप डाक्टर राजेन्द्र कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगायी गयी ​थीं। उसे आज गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन(नाको) और उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी की टीमें जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय पहुंची। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एस पी चौधरी ने भाषा को बताया कि दोनों ही संगठनों के सात सदस्यों ने घटनाक्रम का जायजा लिया। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा करेंगी।

उन्होंने बताया कि अब तक बांगरमऊ में 58 लोग एचआईवी संक्रमित पाये गये। अप्रैल से जुलाई के बीच नियमित परीक्षण के दौरान अकेले बांगरमऊ तहसील से एचआईवी संक्रमण के 12 मामले सामने आये। इसके बाद नवंबर 2017 में हुए एक अन्य परीक्षण में 13 अन्य मामले सामने आये। चौधरी ने बताया कि इतनी अधिक संख्या में मामले प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया, जो बांगरमऊ में विभिन्न जगहों पर संक्रमण फैलने की वजह पता लगाने गयी। उन्होंने बताया कि टीम प्रेमगंज और चकमीरपुर गयी और अपनी रिपोर्ट सौंपी। उसके आधार पर बांगरमऊ में तीन जगहों पर 24 , 25 और 27 जनवरी को परीक्षण शिविर लगाये गये। चौधरी ने बताया कि इन शिविरों में 566 लोगों की जांच की गयी, जिनमें से 33 लोग एचआईवी संक्रमित पाये गये।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता लगा कि झोलाछाप डाक्टर राजेन्द्र कुमार ने सस्ते इलाज के नाम पर एक ही सिरींज से कई मरीजों को इंजेक्शन लगाये। एचआईवी के इतने अधिक मामले होने की वजह यही थी। बांगरमऊ थाने में राजेन्द्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। चौधरी ने बताया कि संक्रमित लोगों का कानपुर के एंटी रेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर में इलाज चल रहा है।(सौजन्य:भाषा)

Published in यूपी