सामान्य वर्ग को आरक्षण देकर मोदी ने चलाया ब्रह्मास्त्र, जानिये लोकसभा चुनाव में कैसे और कहां मिलेगा इसका फायदा...... Featured

09 Jan 2019
226 times

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): आख़िरकार मोदी सरकार ने 3 राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद एक ऐसा ब्रह्मास्त्र चलाया कि विपक्ष चारों खाने चित हो गया और अब ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.... सभी धर्मों के सामान्य वर्ग के गरीब नागरिकों को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान में लाया गया संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है. अब इसे आज राज्यसभा में 12 बजे लाया जायेगा.....गौरतलब है कि लोकसभा में बिल पर कुल 326 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 323 ने संशोधन का समर्थन किया, जबकि 3 सांसदों ने बिल का विरोध किया. यानी सवर्णों को आरक्षण देने वाला संशोधन बिल लोकसभा में उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत से पास हो गया.

हालांकि कुछ विपक्षी दल ये आदेश सुप्रीम कोर्ट में खारिज होने का दावा कर रहे हैं लेकिन सरकार का मानना है कि संविधान में संशोधन किए जाने से इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना आसान नहीं होगा.  सरकार को उम्मीद है कि इस कानून के खिलाफ जाने वालों को कोर्ट नकार देगी. लेकिन मोदी सरकार के इस फैसले के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. इस तरह के सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर संसद के आखिरी सत्र के आखिरी दिनों में ही यह क्यों लाया गया? आखिर अबतक इस मुद्दे पर खामोश रहने वाली मोदी सरकार ने अचानक से ऐसा कदम कैसे और क्यों उठाया.....और सबसे बड़ा सवाल ये कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका फायदा आखिर कैसे बीजेपी को मिलेगा......

सवर्ण आरक्षण से सियासी समीकरणों को अपने पक्ष में भुनाएगी बीजेपी......

राजनितिक पंडितों का मानना है कि इस बिल का सीधा असर देश के 14 राज्यों में पड़ेगा..... इन 14 राज्यों में लोकसभा की कुल 341 सीटें हैं, जिनमें से करीब 180 सीटों पर सवर्ण वोटर निर्णायक हैं.  2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो यहां बीजेपी को मिली 282 सीटों में 256 सीटें मिली थीं.  अगर गौर से नजर डालें तो महाराष्ट्र में करीब 25 सीट, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड की 5-5 सीट, हिमाचल की 4 सीट पर सवर्ण वोटर निर्णायक हैं. बात गुजरात की करें तो यहां 12, एमपी की 14, राजस्थान की 14, बिहार की करीब 20 सीट और झारखंड की 6 सीट पर इसका असर पड़ता है. अकेले यूपी में 35 से 40 सीटें ऐसी हैं, जहां सवर्ण वोटर किसी की जीत या हार तय करते हैं. ऐसे में 2019 के आम चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार का यह मास्टरस्ट्रोक विपक्षी एकजुटता के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है और बीजेपी की विजयी रथ को फिर से परवाज मिल सकती है.

बहरहाल इतना तो तय है कि मोदी ने अपने इस ब्रह्मास्त्र से विरोधियों को बुरी तरह से पस्त कर दिया है... जो उनके लिए न निगलते बन रहा है न उगलते... मजबूरी में इसका समर्थन करना सब विपक्षियों की मजबूरी बन गया है..... अभी विधेयक राज्यसभा में पेश होना बाकी है लेकिन स्वर्ण आरक्षण के मामले का श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है... उत्तराखंड के सीएम ने तो प्रधानमंत्री मोदी को सवर्णों ललका आंबेडकर करार दे दिया है... और जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आयेंगे वैसे वैसे इस आरक्षण का श्रेय लेने की होड़ सब पार्टियों में बढ़ेगी लेकिन जानकारों की मानें तो मोदी को इसका फायदा सीधे तौर पर मिलेगा.... हालिया 3 राज्यों में जिस तरह से सवर्णों ने बीजेपी का विरोध कर नोट को वोट डालकर बीजेपी को वहां की सत्ता से बेदखल कर दिया... अब बीजेपी को उम्मीद है कि इस आरक्षण के बाद नाराज़ स्वर्ण एक बार फिरसे बीजेपी की तरफ मुड़ेगा.... और इसका सीधा फायदा आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिलेगा.... 

Rate this item
(0 votes)

Latest from Super User

Error : Please select some lists in your AcyMailing module configuration for the field "Automatically subscribe to" and make sure the selected lists are enabled

Photo Gallery