राम मंदिर पर फिर चढ़ेगा सियासी बुखार, RSS ने किया एलान: जरुरत पड़ी तो होगा 1992 जैसा आन्दोलन.......

02 Nov 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा,दिल्ली): जैसे जैसे 2019 का महासमर करीब आ रहा है... फिर एक बार राम मंदिर का मुद्दा गर्माना शुरू हो गया है....यानी सियासी बुखार फिरसे अपने चरम पर पहुँचने वाला है.... तमाम राजनितिक पार्टियाँ अपने अपने तरीके से इस मुद्दे को भुनाने में लग गयी हैं... फिर चाहे वो बीजेपी हो या फिर दुसरे दल, अपना नफ़ा -नुक्सान देखकर एक दुसरे पर छींटाकसी करने में जुटे हुए हैं.... लेकिन बड़ी खबर इस मुद्दे पर ये आ रही है कि RSS राम मंदिर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा टाले जाने से बेहद दुखी है....जिसका इज़हार उन्होंने खुले तौर पर प्रेस कांफ्रेंस करके किया.... मुंबई में पिछले तीन दिन से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बैठक शुक्रवार को जैसे ही खत्म हुई, संघ के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और खुले तौर पर सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर अपनी नाराज़गी जताई.....

भैयाजी जोशी ने कहा कि रामलला सिर्फ दिवाली नहीं हमेशा ही हैं. पिछले 30 साल से हम इस आंदोलन में हैं, सामूहिक रूप से सर्व हिंदू समाज की अपेक्षा है कि अयोध्या में राम मंदिर बने. इसमें कानूनी बाधाएं हैं, हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला देगा. उन्होंने कहा कि अगर जरुरत पड़ेगी तो हम एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करेंगे. उन्होंने साथ ही कहा कि कोर्ट के जरिए  इसके निर्माण में बहुत देरी हो रही है, 2010 में इलाहाबाद कोर्ट के फैसले के बाद से ही ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. जब मामला 3 सदस्य पीठ के पास पहुंचा, हम चाह रहे थे कि दिवाली से पहले कुछ शुभाचार मिलेगा. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे टाल दिया है, ये उनका अधिकार है. वो जो चाहें कर सकते हैं.... लेकिन हिन्दू समाज इस उम्मीद में था कि दिवाली से पहले इस मुद्दे पर उन्हें खुशखबरी मिलेगी......

उन्होंने कहा कि जब कोर्ट से पूछा गया कि इसके बारे में आप कब बताएंगे, तो उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता अलग है. इस बात से हमें दुख पहुंचा है, सुप्रीम कोर्ट के जवाब से आज हिन्दू समाज अपने आप को अपमानित महसूस करता है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले को जल्द से जल्द सुनें. साथ ही उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की उपेक्षा नहीं कर रहे हैं, हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन न्यायालय की जिम्मेदारी बनती है कि वे लोगों की भावनाओं का सम्मान करे.  साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई विकल्प नहीं बचता है, तो सरकार को इस पर भी विचार करना ही पड़ेगा.

इसके अलावा उन्होंने इस प्रेस कांफ्रेंस में संघ के विस्तार की जानकारी दी.भैयाजी जोशी ने कहा कि हम हमेशा कार्यकारी मंडल की बैठक में हम समीक्षा करते हैं, शाखा के विकास की बात होती है. पिछले 6 वर्षों से एक गति से आगे बढ़ रहे हैं, इतने समय में डेढ़ गुना काम बढ़ा है. उन्होंने कहा कि संघ हम जिले के आगे बढ़कर गांव, तालुका तक आगे बढ़ रहा है. ऐसी करीब 70000 यूनिट बनानी हैं, 32000 जगह तक पहुंच गए हैं. इसके अलावा भी स्कूल, सेल्फ हेल्प ग्रुप, अस्पताल के जरिए संघ कई जगहों पर काम कर रहा है.

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बैठक के खत्म होने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी. भागवत के अलावा शाह कई अन्य संघ नेताओं से भी मिले. सूत्रों की मानें तो भागवत और शाह के बीच हुई मुलाकात में राम मंदिर निर्माण के अलावा विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों के बारे में चर्चा हुई. अमित शाह गुरुवार देर रात ही मुंबई पहुंचे थे. 

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