एससी-एसटी एक्ट पर दिए फैसले को स्टे करने से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार, केंद्र सरकार को लगा झटका .....

03 Apr 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली):  सुप्रीम कोर्ट के गलिआरे से बड़ी खबर ये है कि एससी-एसटी एक्ट में बदलाव अभी जारी रहेगा. आज मंगलवार (तीन अप्रैल) को कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसी प्रकार का स्टे नहीं लिया जाएगा. यानी कोर्ट अपने फैसले पर किसी प्रकार का बदलाव नहीं करेगा. गौरतलब है कि कोर्ट इस मसले पर केंद्र सरकार की ओर से दो अप्रैल (सोमवार) दी गई पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई कर रहा था. याचिका में स्टे की मांग उठाई गई थी, जिसके खारिज किए जाने के बाद केंद्र सरकार के लिए यह किसी तगड़े झटके से कम नहीं है.

साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस बाबत 10 दिनों में सुनवाई करेगा. तीन दिनों के भीतर सभी पक्षों को अपनी ओर से जवाब देना होगा. कोर्ट ने इसी के साथ स्पष्ट किया है कि शिकायत दर्ज करने वाले को मुआवजा दिया तुरंत दिया जाए. पीड़ित को किसी भी प्रक्रिया के कारण इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले के कारण सोमवार (दो अप्रैल) को देश हिंसा की आग में झुलसा था. दलित संगठनों ने एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया थाजो बाद में हिंसक हो गया था. फैसले के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आये थे. जगह-जगह हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं. मध्य प्रदेश में सबसे उग्र प्रदर्शन देखने को मिले, जहां एक शख्स पिस्तौल लहराते और गोलियां चलाते नजर आया था.

वहीँ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा ने इस पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई के लिए जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू.यू.ललित की बेंच का गठन किया था. आज मंगलवार को सुनवाई के बीच कोर्ट ने कहा कि हम इस एक्ट के खिलाफ नहीं है, लेकिन निर्दोष लोगों को बचाना बेहद जरूरी है. हमने एक्ट कमजोर नहीं की है, बल्कि गिरफ्तारी के सीआरपीसी के प्रावधान को परिभाषित किया है.(इनपुट:जनसत्ता)

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