सामने आया PNB में महाघोटाला, बैंक में जमा आपके हर 100 रुपये में से 30 गायब? अगर आपका खाता भी है इस बैंक में तो खबर आपके काम की है......

14 Feb 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): आप अपने पैसे बैंक में सुरक्षित समझते हैं. सरकार भी आपको बैंकों में पैसा रखने और सारा लेनदेन करने की गुज़ारिश क्र रही है. लेकिन अब खबर ऐसी आई है जिससे ये सवाल पैदा हो रहे हैं कि आखिर बैंकों में रखा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है? दरअसल देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,360 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन किया गया है. फर्जीवाड़ा कर बैंक को चपत लगाई गई यह रकम शेयर बाजार में बैंक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग एक तिहाई है. इसके चलते जहां शेयर बाजार पर कंपनी के शेयरों को 10 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा वहीं एक अनुमान के मुताबिक बैंक के आम खाताधारक को भी बैंक में जमा उसके 100 रुपये में 30 रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(NSE) के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 36,566 करोड़ रुपये है और उसने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार में कर्ज दे रखा है. बैंक में फर्जीवाड़े के खबर के बात बैंक के शेयर मूल्य में आई गिरावट से निवेशकों को एक दिन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

आखिर बैंक में कैसे हुआ इतना बड़ा फर्जीवाडा......

दरअसल पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई को लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था. इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी तो पता चला कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के और अतिरिक्त नुकसान में ला दिया. हालांकि बैंक को अभी यह साफ करना बाकी है कि 5 फरवरी को सीबीआई को सूचित किया गया 280 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा इस नए फर्जीवाड़े से अलग है अथवा दोनों मामले जुड़े हुए हैं.

सवाल ये की आखिर बैंक से साफ हुआ पैसा किसका ....

अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये पैसा किसका है. इसके लिए हमें बैंक की कार्यप्रणाली पर एक नजर डालनी होगी. आमतौर पर किसी भी बैंक के पास दो सूत्रों से पैसे का आदान-प्रदान होता है. पहला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और दूसरा बैंक के ग्राहक जो अपना पैसा ब्याज के लिए अपने खाते में जमा कराते हैं. हालांकि इसके अलावा कॉरपोरेट जगत से शेयर होल्डर का पैसा भी बैंक में जमा रहता है. मौजूदा मामला में बैंक ने फर्जी ट्रांजैक्शन का हवाला देते हुए 11,360 करोड़ रुपये की चपत की सूचना दी है लिहाजा यह साफ है कि यह पैसा शेयर होल्डर की तरफ से जमा कराया नहीं है. साथ ही न तो यह रुपया केन्द्रीय रिजर्व बैंक कि तरफ से कैश रिजर्व रेशियो को बनाए रखने के लिए बैंक को दी गई है. लिहाजा, एक बात साफ है कि फर्जी ट्रांजैक्शन से यदि किसी के पैसे को नुकसान पहुंचा है तो वह बैंक में जमा लाखों सामान्य खाता धारकों का पैसा है.

यहाँ एक बात और गौर करने लायक है कि यदि अपनी सूचना में बैंक किसी फर्जी ट्रांजैक्शन का हवाला दे रही है तो इसका साफ मतलब है बैंक के पास इस ट्रांजैक्शन की कोई सूचना उपलब्ध नहीं है लिहाजा वह यह जानने में सक्षम नहीं है कि बैंक से ट्रांजैक्शन के जरिए पैसा कहां पहुंच गया है. ऐसी सूचना के अभाव की स्थिति में इसकी भी संभावना बेहद कम हो जाती है कि बैंक इस फर्जी ट्रांजैक्शन में गंवाए पैसे को वापस पाने की स्थिति में है. लिहाजा एक सामान्य जोड़-घटाने से साफ है कि यदि बैंक को कुल मार्केट कैप में एक तिहाई का नुकसान हो चुका है तो इसकी भरपाई बैंक के ग्राहकों के पैसे से की जाएगी. ऐसी स्थिति में बैंक में यदि किसी ग्राहक का 100 रुपये जमा है तो उसके 30 रुपये इस फर्जीवाड़े में साफ हो सकते हैं.(सौजन्य:आजतक)

 

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