जारी है मोदी का ग्रैंड शो, गुजरात में अपने दोस्त और इस्राइली प्रधानमंत्री नेतान्याहू का पीएम मोदी ने कुछ ऐसे किया स्वागत कि थम गई दुनिया की नजरें.....

17 Jan 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के स्वागत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई कसार नहीं छोड़ना चाहते. क्योंकि सवाल दोस्ती का है और जिस तरह से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसराइल गये थे तो इसराइल ने भी उनके स्वागत में अपनी पलकें बिछा दी थीं उसे देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी भी दोस्त के साथ दोस्ती निभाने में सबसे आगे नजर आना चाहते हैं. आज जब नेतान्याहू गुजरात पहुंचे तो मोदी उनका स्वागत करने के लिए उनसे पहले ही गुजरात पहुंच गए थे. प्रधानमंत्री ने उनको रिसीव किया और फिर उनका काफिला भारी सुरक्षाबलों के साथ अहमदाबाद में रोड शो करता हुआ साबरमती आश्रम पहुंचा. चारों और लोगों का हूजूम उम्दा हुआ था. मानो सारा गुजरात नेतान्याहू के स्वागत में खडा था. हजारों लोगों ने मोदी और नेतन्याहू का स्वागत किया. उसके बाद दोनों राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के साबरमती आश्रम गये जहाँ नेतान्याहू ने मोदी के साथ मिलकर पतंग उड़ाई और पूरा श्रम घूमा. गांधी जी के चरखे के साथ-साथ उनकी तस्वीरों से लेकर वहां मौजूद हर सामग्री को ध्यान से देखा. इजरायल के पीएम और उनकी पत्नी ने साबरमती आश्रम के दौरे को काफी प्रेरणादायी भी बताया. उन्होंने संदेश दिया, ‘इंसानियत के महान पैगम्बरों में से एक महात्मा गांधी के घर का दौरा काफी प्रेरणादायी रहा.’

गौरतलब है कि इससे पहले भी सोमवार को भी नेतन्याहू ने अपनी पत्नी के साथ राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की थी. साबरमती आश्रम से दोनों देशों के प्रधानमंत्री बावला स्थित ‘आई क्रिएट’ केंद्र जाएंगे और युवाओं को संबोधित करेंगे, साथ ही यहां वे उद्योगपतियों के साथ दोपहर का भोजन लेंगे. यहां से दोनों नेता अपराह्न दो बजे प्रांतिज स्थित बागवानी केंद्र जाएंगे.

यानी नेतान्याहू भी भारतीय रंग में रंग चुके हैं और वो भी मोदी की दोस्ती और मेजबानी का लुत्फ़ उठा रहे हैं. मानो उनकी नज़र में भारत और भारतीयता साकार हो रही हों. इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को नेतन्याहू और उनकी पत्नी देश के पहले अजूबे ताज महल को देखने आगरा गए थे. जहाँ उनके स्वागत के लिए यूपी में बेहतरीन इंतजाम किए गए थे. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी नेतन्याहू से मुलाकात की और एयरपोर्ट में उनका स्वागत किया.

बहरहाल इतना तो तय है कि ये दोस्ती का नया दौर है जिसकी इबारत मोदी और नेतान्याहू मिलकर लिख रहे हैं. हालांकि कई विपक्षी हैं जिन्हें इस दोस्ती से मिर्ची लगना स्वाभाविक है. लेकिन उनकी फ़िक्र न तो मोदी को लग रही है और न ही नेतान्याहू इन बातों को तरजीह देने के चक्कर में हैं. क्योंकि दोनों देशों को ये मालूम है कि बदलते वक़्त के साथ भारत और इसराइल दोनों एक दुसरे के पूरक हैं. दोनों को एक दूसरे की जरुरत है. ऐसे में मोदी और नेतान्याहू कि जोड़ी हिट है और मौजूदा दौर में पूरी तरह फिट है. फिर चाहे किसी को मिर्ची लगे तो लगे.....

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