अच्छे दिन......आने वाले हैं..पेट्रोल की कीमत 80 हो जाएगी पार, कहाँ हो सरकार ?

13 Sep 2017
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आवाज़(मुकेश शर्मा,दिल्ली): पेट्रोल और डीज़ल की कीमत 2014 के बाद एक बार फिर से आसमान छू रही हैं. ये हाल तो तब है जब अन्तरराष्ट्रीयबाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें पहले के मुकाबले लगभग आधी रह गई हैं. फिर इसका फायदा आम आदमी को क्यों नही मिल रहा ये यक्ष प्रश्न अभी भी बना हुआ है. आम आदमी यानि की मेंगो पीपल बेचारा जाए तो कहाँ जाए? अपना दुखड़ा रोये तो कहाँ रोये? जिस तरह से पेट्रोल रोज़ बढ़ रहा है उसे देख कर तो लग रहा है कि ये पेट्रोल तो जान निकाल कर ही दम लेगा. और मेरी तरह सब देशवासियों को मोदी जी का वो डायलॉग याद आ रहा होगा कि ..... अच्छे दिन्न्नन्न... आने वाले हैं... और ऐसा भी हो सकता है कि आपको मोदी जी का वो 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय दिया गया भाषण भी याद आ रहा होगा, जिसमे उन्होंने अपने ख़ास अंदाज़ में कहा था " डीजल पेट्रोल के दाम कम हुए की नहीं...क्या आपकी जेब में पैसा बचने लगा है की नहीं...अब विरोधी कहते हैं कि मोदी नसीबवाला है..तो अगर मोदी का नसीब जनता के काम आता है तो इससे बढ़िया नसीब की क्या बात हो सकती है...आपको नसीब वाला चाहिए या बदनसीब"....


दरअसल आपको ये भाषण इसलिए याद दिलाया कि मोदी ने लोकसभा चुनाव में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बड़ा मुद्दा बनाया था और यूपीए सरकार को इस पर जमकर कोसा था. इसके बाद जब पीएम मोदी ने 26 मई को पीएम पद की शपथ ली तो दिल्ली में पेट्रोल 71.41 रुपये प्रति लीटर  डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरने लगीं जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम भी घट गए. इतना ही नहीं जिस दिन पीएम मोदी ने यह भाषण दिया था उस समय दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 58.91 रुपये और डीजल 48.26 रुपए प्रति लीटर थी.

अब बात आज की कर लेते है...मोदी सरकार आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लगभग 53 फीसदी तक कम हो गए हैं, लेकिन पेट्रोल डीजल के दाम घटने की बजाय आसमान छू रहे हैं. मुंबई में तो पेट्रोल के दाम बुधवार को करीब 80 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. इसके पीछे असली वजह यह है कि तीन सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कई गुना बढ़ा दी है. मोटे अनुमान के मुताबिक पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपये लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपये हो गई है. 

गौरतलब है कि जुलाई से पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. पेट्रोल की कीमतों में प्रतिदिन मामूली संशोधन होता है. दिल्ली में 16 जून को पेट्रोल का दाम 65.48 रुपये लीटर था, जो 2 जुलाई को घटकर 63.06 रुपये लीटर पर आ गया था. हालांकि उसके बाद से सिर्फ गिनती के दिन छोड़कर प्रतिदिन पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इन मौकों पर पेट्रोल का दाम 2 से 9 पैसे लीटर घटा था. 

आइये अब खबर को समाप्ति की और लिए चलते हैं... कहने का अभिप्राय ये है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम कम हुए हैं तो फिर आम आदमी को इसका फायदा क्यों नही मिल रहा है? और सरकार सो क्यों रही है? या फिर सरकारी खजाना खाली है जिसको आम आदमी को निचोड़कर भरा जा रहा है? या फिर कांग्रेस पर जो आर्थिक आतंकवाद का इलज़ाम उस समय बीजेपी ने लगाया था जब उनके राज़ में दाम बढे थे,अब बीजेपी खुद उनके नक्शेकदम पर चल पड़ी है.. आप भी सोचिये..और हम भी सोचते हैं.. रात को सोते वक़्त भी और दिन में जागते वक़्त भी... लेकिन हाँ अगर गाडी चला रहे हों तब मत सोचियेगा क्योंकि वो कहते हैं ना कि सावधानी हटी, और दुर्घटना घटी... 

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