समय पूर्व दिसम्बर में ही हो सकते लोकसभा चुनाव, प्रधानमन्त्री मोदी के साथ अमित शाह के इलेक्शन मोड में आने से मिला अफवाहों को बल..........!

14 Jul 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): प्रधानमंत्री आज उत्तर प्रदेश में गरज़े, निशाने पर सीधे कांग्रेस थी और काग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी भी. वहीँ अमित शाह ने मध्य प्रदेश में जमकर कांग्रेस को घेरा. यानी मतलब साफ़ है की बीजेपी इलेक्शन मोड़ में आ चुकी है. हालांकि बीजेपी इसे साल के अंत में होने वाले कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी बता रही है लेकिन जानकारों की मानें तो इन्हीं राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ बीजेपी लोकसभा चुनाव भी करवा सकती है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह बीजेपी के प्रति दिनोंदिन बढ़ता असंतोष बताया जा रहा है. साथ ही विपक्ष के बीच जिस तरह से एकता की कवायद शुरू हो चुकी है ऐसे में अगर बीजेपी के खिलाफ एक महागठबंधन बन गया तो बीजेपी के लिए मुसीबत पैदा हो सकती है. 

जानकारों की मानें तो जिस तरह से उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा के गठबंधन ने बीजेपी को हर मोर्चे पर शिकस्त दी उसने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ा रखी है. बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद सपा-बसपा ने बीजेपी के हाथों से फूलपुर और गोरखपुर छीने तो बाद में नूरपुर और कैराना में बीजेपी को करारी मात देकर ये साबित किया की मोदी को हराना नामुमकिन नहीं है इसके लिए बस विपक्ष को अपने मतभेद भुलाकर एक साथ आना होगा. शायद इसी का नतीजा है कि अब देशभर में बीजेपी के खिलाफ सारा विपक्ष एक साथ मोदी के खिलाफ चुनाव में आने की मुहीम पर मेहनत कर रहा है जिसके नतीजे भी सामने आरहे हैं. कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर बीजेपी के सरकार बनाने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. अब यही विपक्षी एकता की क़वायद महाराष्ट्र में भी शुरू हो चुकी है जहाँ बीजेपी का पुराना साथी शिवसेना उनके साथ नहीं है. यहाँ एनसीपी-कांग्रेस एक मज़बूत गठबंधन की कवायद में जुटे हैं क्योंकि उन्हें मालूम है की अगर बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग लादे तो कांग्रेस-एनसीपी उन्हें मात दे सकते हैं.

वहीँ बंगाल में भी कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ ममता के साथ गठबंधन के लिए उत्सुक है. अगर ममता से बात नहीं बनती है वाम मोर्चा इ और विकल्प हो सकता है. इसके अलवा बिहार, झारखण्ड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, सब राज्यों में बीजेपी के खिलाफ़ विपक्ष एकजुट हो रहा है जो जाहिर तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का सबब है. ऐसे में जानकारों की मानें तो बीजेपी इस तरह से विपक्ष को एकजुट होने का समय नहीं देना चाहती. इससे पहले कि विपक्ष एकजुट हो बीजेपी साल के अंत में होने वाले कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लोकसभा चुनाव भी करवा सकती है. 

हालांकि बीजेपी इसे महज़ अफवाह ही बता रही है. बीजेपी के मुताबिक लोकसभा चुनाव अपने तय वक़्त पर ही होंगे. पार्टी की मानें तो अभी पार्टी का सारा ध्यान आने वाले कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों पर केन्द्रित है जिसके लिए बीजेपी तरह-तरह से लोगों तक अपनी पहुँच बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है. अब होता क्या है ये तो वक़्त ही बतायेगा लेकिन इतना तय है कि बीजेपी के चाणक्य अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ समय से जिस तरह से इलेक्शन मोड़ में आये हैं उससे इस तरह की अफवाहों को और बल मिला है.

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