लोकसभा चुनाव नज़दीक आते ही गरमाई बिहार की राजनीति, एक तरफ शत्रुघन के बिफरे बोल बने बीजेपी का सरदर्द तो वहीँ कीर्ति आज़ाद ने भी खोला वित्त मंत्री के खिलाफ मोर्चा,,,,,,,,

15 Jun 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे सियासी पार्टियों में हलचल बढ़ गई है. इस सब से बिहार की राजनीति भी अछूती नहीं है जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री  नरेंद्र  मोदी के धुरविरोधी शत्रुघन सिन्हा अपनी ही पार्टी के खिलाफ झंडा उठाए हुए हैं वहीँ  बीजेपी के बागी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी बीजेपी और ख़ासकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सूत्रों की मानें तो कीर्ति आज़ाद जल्द ही कांग्रेस में जा सकते हैं जिसका इशारा उन्होंने दे भी दिया है. उनके मुताबिक बीजेपी में जो परिस्थितियां बन रही हैं उसके बाद उनके पास दूसरी पार्टियों का ही विकल्प बचा है. जानकारों की मानें  तो कीर्ति आज़ाद ने जिस तरह पिछले दिनों राहुल गांधी की शान में कसीदे गड़े थे उसी वक़्त ये तय हो गया था कि वो कांग्रेस की तरफ जायेंगे. वहीँ दुसरे सांसद शत्रुघन सिन्हा को लेकर सस्पेंस बरकरार है. उन्हें लेकर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो आरजेडी का दामन थाम सकते हैं या फिर कांग्रेस में जा सकते हैं. हालांकि शत्रुघन ने ऐसी किसी भी खबर से इनकार किया है और बीजेपी में रहकर ही वो प्रधानमंत्री के खिलाफ अपना झंडा बुलंद किये हुए हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) अध्यक्ष अरुण जेटली पर बीजेपी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भर्ष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि पार्टी ने उन्हें उसके बाद निलंबित भी कर दिया था. तब से कीर्ति आज़ाद अरुण जेटली के खिलाफ लड़ाई लाद रहे हैं. उनके मुताबिक भ्रष्टाचार 1-2 करोड़ का नहीं बल्कि 400 करोड़ का है. कीर्ति आज़ाद ने पिछले दिनों इस मुद्दे पर अपने समर्थकों की राय भी मांगी थी जिसमे उन्होंने डीडीसीए के भर्ष्टाचार को लेकर अपने समर्थकों से राय मांगी थी तो वहीँ भक्तगणों को उपोदेश न देने की बात भी कही थी.

समर्थकों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी जिसमें किसी ने उनका समर्थन किया तो वहीँ किसी ने उन्हें सलाह दी कि अगर भर्ष्टाचार के खिलाफ अगर उनके पास सबूत हैं तो उन्हें सुब्रमण्यम स्वामी के पास जाना चाहिए. इसको लेकर आज़ाद ने कहा था कि स्वामी भी इस मुद्दे पर वेबस हैं, वो उनसे सहमत तो हैं लेकिन इस मुद्दे पर उन्होंने मेरी कोई भी मदद करने से मना किया है. उसके बाद लगभग ये तय हो गया था कि आज़ाद अब बीजेपी को छोड़कर किसी दूसरे विकल्प के बारे में सोच रहे हैं. उनकी पत्नी तो पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं वहीँ अब उनके भी कांग्रेस में जाने की सम्भावनाएं बढ़ गई हैं.

वहीँ शत्रुघन सिन्हा को लेकर भी बिहार बीजेपी अध्यक्ष का ब्यान आया है कि उन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और पार्टी जल्द ही उनके खिलाफ भी कोई बड़ी कार्यवाही कर सकती है. गौरतलब है कि शत्रुघन सिन्हा आरजेडी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में गये थे जिसके बाद उन्होंने ब्यान दिया था कि लालू यादव का परिवार और उनके बच्चे शत्रुघन के अपने परिवार की तरह हैं. जानकारों की मानें तो शत्रुघन को लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने पटना साहिब की सीट से ही आरजेडी की टिकेट से चुनाव लड़ने की बात भी कही है, हालांकि शत्रुघन इस मुद्दे पर अंत तक अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं और अभी वो बीजेपी में रहकर ही प्रधानमंत्री का विरोध कर रहे हैं, साथ ही कदम कदम पर नसीहत देते रहते हैं.

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