RSS ने किया कांग्रेस पर पलटवार, बोले नेहरु ने दिया था न्योता, इंदिरा गांधी भी हो चुकी हैं संघ के कार्यक्रम में शामिल.......

30 May 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): आर एस एस के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होने के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने हामी क्या भरी कांग्रेस के कई दिग्गजों के पेट में दर्द शुरू हो गया है. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने अपनी तरफ से इसपर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन दबी जुबान सभी कांग्रेसी कह रहे हैं दादा के इस कार्यक्रम में शामिल होने से कांग्रेस को गहरी चोट लगेगी. जिस RSS का वो विरोध करते आये हैं अब उसी के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पूर्व राष्ट्रपति और दिग्गज कांग्रेसी प्रणव मुख़र्जी शामिल हो रहे हैं ये वाकई पूरे देश में कांग्रेस के प्रति नकारात्मक सन्देश देगा वहीँ बीजेपी को आने वाले चुनाव में भी इसका फायदा मिल सकता है. इसीलिए एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने प्रणव दा को चिट्ठी लिखकर इस कार्यक्रम में शामिल न होने का अनुरोध किया है. वहीँ बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने पूर्व राष्ट्रपति का पक्ष में बोलते हुए कहा कि RSS एक राष्ट्रवादी संगठन है न कि कोई पाकिस्तान का आतंकी संगठन जिसके कारण कांग्रेस को मिर्ची लग रही है. '

अब RSS ने भी कांग्रेस की तरफ से जताए जा रहे इस विरोध पर पलटवार किया है. RSS ने कांग्रेस को याद दिलाया है कि ये वही RSS है जिसे पंडित जवाहर लाल नेहरु ने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का न्योता दिया था. गौरतलब है कि RSS के 3000 स्वयंसेवकों ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के निमन्त्रण पर 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में हिस्स लिया था. पंडित नेहरु 1963 की लड़ाई में RSS स्वयंसेवकों द्वारा बॉर्डर पर किये गये कार्यों से बहुत प्रभावित थे. वैसे तो इस कार्यक्रम के लिए देश के कई एनजीओ और सामाजिक संगठनों को न्योता दिया गया था लेकिन ये वो दौर था जब चीन से युद्ध हारने के बाद जवाहर लाल नेहरु के प्रति देश भर में गुस्सा था. इसलिए कई संगठनों ने न्योता मिलने के बाद भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था, वहीँ RSS  ने सिर्फ दो हफ़्तों के नोटिस पर कार्यक्रम में भाग लिया था. 

साथ ही जो लोग प्रणव मुखर्जी के RSS के कार्यक्रम में शामिल होने पर नाराज़गी जता रहे हैं उनकी आलोचना करते हुए RSS ने कहा है कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी 1977 में आर एस एस के निमन्त्रण पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया था. इंदिरा गांधी को ये निमन्त्रण RSS के तत्कालीन वरिष्ठ नेता एकनाथ रानाडे ने दिया था. RSS के मुताबिक प्रणव मुखर्जी कोई पहले व्यक्ति नहीं हैं जो इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. आर एस एस के अनुसार महात्मा गांधी भी उनके एक कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा संघ के मुख्यपत्र "ओर्गेनाइज़ेर" ने अपने हालिया संस्करण में कहा है कि उनके इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ हस्तियाँ शामिल हो चुकी हैं जिनमे सर्वोदय नेता प्रभाकर राव, लोकमान्य जयप्रकाश नारायण, जस्टिस केटी थॉमस, जाने-माने वैज्ञानिक जी. माधवन नायर, के राधाकृष्णन, के कस्तूरीरंगन जैसी हस्तियों के नाम शुमार हैं.

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 7 जून को RSS मुख्यालय नागपुर में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने जा रहे हैं, इस दौरान वो स्व्यम्सेव्कों को सम्बोधित भी करेंगे. ऐसे में कांग्रेस को मिर्ची लग्न स्वाभाविक है. क्योंकि एक तो लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं और दूसरा उनके राष्ट्रिय अध्यक्ष हर मुद्दे पर RSS को निशाने पर ले रहे हैं, उनपर देश की संवैधानिक संस्थाओं को मिटाने का आरोप लगा रहे हैं ऐसे में पूर्व दिग्गज कांग्रेसी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ही RSS  के कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे हैं इससे देश में निश्चित पर क्या संदेश जाएगा इसका अंदाजा कांग्रेस को भली तरह है.

 

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