2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर RSS-BJP की समीक्षा बैठक शुरू, जनता के बीच मोदी सरकार की छवि को लेकर हो रही चर्चा.........

29 May 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): अब जब 2019 के लोकसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चूका है ऐसे में तमाम राजनीतिक दलों ने इसके लिए कमर कसना शुरू कर दी है. या यों कहें कि राजनितिक दलों के साथ-साथ उनसे जुड़े गैर-राजनीतिक संगठन भी अपने अपने हिसाब से चुनाव के लिए तैयार हो चुके हैं. ऐसे में बात अगर बीजेपी से जुड़े राष्ट्रित स्वयंसेवक संघ ने भी कमर कस ली है. वैसे तो केंद्र की बीजेपी सरकार का रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री मोदी के पास है, इसमें किसी कोई शक भी नहीं हैं लेकिन सरकार की नीतियों और योजनाओं की समीक्षा संघ करता आया है. इतना ही नहीं मोदी सरकार की योजनाओं और नीतियों में भी जो भी बदलाव होते हैं वो संघ से जुड़े हुए संगठनों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर होते हैं. यानी इस बात को यों भी कह सकते हैं कि बीजेपी अगर शरीर है तो संघ उसमे बसी आत्मा.

इन्हीं तमाम बातों के मद्देनजर इस सोमवार से संघ और बीजेपी की बैठक शुरू हुई जिसमें केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी के कामकाज की समीक्षा शुरू हो चुकी है. संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों और बीजेपी के बीच तीन दिन चलने वाली समन्वय बैठकों के दौर में पहले दिन की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ पांच मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, जेपी नड्डा, मेनका गांधी, महेश शर्मा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के मंत्रालयों को लेकर चर्चा हुई. अमित शाह के साथ में बीजेपी की तरफ से महासचिव रामलाल, राम माधव व विनय सहस्त्रबुद्धे मौजूद थे. वहीं संघ की तरफ से सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल व अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे. वहीँ संघ से जुड़े हुए एबीवीपी, एकल विद्यालय, सेवा भारती, आरोग्य भारती, राष्ट्रीय सेविका समिति, विद्या भारती और संस्कार भारती आदि संगठनों ने भी बैठक में हिस्सा लिया.

मंगलवार को किन-किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा....

वहीँ मंगलवार के कर्यक्रम पर नजर डालें तो सूत्रों के मुताबिक दूसरे दिन इस बैठक में एयर इंडिया के विनिवेश के साथ पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा भी चर्चा में रहेगा. संघ भली-भाँती इस बात से वाकिफ है कि दिनोंदिन बढ़ते पेट्रोल-डीज़ल के दामों से जनता में रोष है और विपक्ष भी इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. ऐसे में इस मुद्दे की काट ढूँढना भी संघ और बीजेपी के लिए प्राथमिकता होगी. बैठक में मोदी सरकार की तरफ से जहां वित्त मंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु रहेंगे, वहीं संघ से जुड़े संगठन भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ, लघु उद्योग भारती, स्वदेशी जागरण मंच हिस्सा लेंगे. सूत्रों की मानें तो संघ व भाजपा (सरकार सहित) के बीच इस समन्वय बैठक में चर्चा के लिए विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े समूह बनाए गए हैं. इनमें सेवा समूह, वैचारिक समूह, आर्थिक समूह, शिक्षा समूह, सामाजिक समूह, सुरक्षा समूह आदि शामिल हैं.

सरकार की छवि पर मंथन और घर-घर तक सरकार की नित्यों का प्रचार-प्रसार संघ की प्राथमिकता 

सूत्रों की मानें तो वैसे तो संघ बीजेपी सरकार के कामकाज और केंद्र की जन-कल्याणकारी नीतियों से संतुष्ट है, लेकिन विपक्ष द्वारा मोदी सरकार के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान और जनता के बीच सरकार के कामकाज को लेकर जनता में बन रही धारणा को लेकर चिंतित जरूर है. जिसे बदलने के लिए संघ जून महीने के तीसरे सप्ताह से जनता के बीच सरकार के सामाजिक कार्यों का बखान अपने स्वयं सेवकों के ज़रिए करेगा.

 

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