राज्यसभा चुनाव 2018: राज्यसभा में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से अब भी दूर, क्या मोदी पूरा कर पाएंगे अपना एजेंडा?

24 Mar 2018
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(इमेज सोर्स: द हिन्दू)

 

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): पिछले कल काफी देर चली सियासी उठापटक के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए 23 मार्च की तारीख हमेशा के लिए खास बन गई. क्योंकि शुक्रवार को पार्टी संसद के उच्च सदन में कुल 12 सीटें जीतने के बाद राज्यसभा की सबसे बड़ी पार्टी बनी. ये मौका बीजेपी के लिए तो ख़ास था ही साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी ये मौकाकुछ खास था. उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में मिली हार का बदला चुकता कर दिया. चुनाव जीतने के बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर ताना मारा. योगी बोले कि सपा केवल लेना जानती है देना नहीं. और बीएसपी को इशारों-इशारों में निशाना बनाते हुए कहा कि समझदार लोगों के लिए ठोकर ही काफी है.

दरअसल शुक्रवार को कुल 17 राज्यों में राज्यसभा के चुनाव हुए थे, जिसमे 33 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि बाकी के सात राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर मतदान हुआ. इन सीटों में से 12 पर कमल खिला. बीजेपी के उत्तर प्रदेश के सभी उम्मदीवारों के हाथ जीत लगी है, साथ ही सपा के एकमात्र उम्मीदवार के रूप में जाया बच्चन का भी चयन हुआ है. लेकिन बीजेपी के लिए ख़ुशी की बात ये है कि वो अब उच्च सदन(राज्यसभा) में 73 सांसद हो गये हैं, जिससे वह राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

सारे चुनाव पर नजर डालें तो यूपी की एक सीट पर पूरे दिन हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. इस सीट पर पूरे देश की नजर थी. मजे की बात ये थी कि इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस एक-दूसरे पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाती दिखीं, क्रॉस वोटिंग को लेकर पूरे दिन ड्रामा चलता रहा, लेकिन आखिरकार ये सीट बीजेपी के हाथ लगी. उत्तर प्रदेश की कुल 10 सीटों में से 9 सीटें बीजेपी के हाथ आईं हैं. जिसे बीजेपी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है. राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा के नौ उम्मीदवारों के हाथ जीत लगी है, जिनमें अरुण जेटली, जीवीएल नरसिम्हा राव, अनिल जैन, डॉ.अशोक वाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, हरनाथ सिंह यादव, अनिल अग्रवाल और कांता कर्दम जीते हैं.

राजनितिक पंडितों की मानें तो इस जीत के साथ अब राज्यसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है जिसका फायदा उन्हें निश्चित तौर पर मिलेगा, लेकिन बहुमत से अभी भी वो दूर है, जिसके कारण सरकार को अपना एजेंडा लागू करने में अभी दिक्कतें आयेंगी. लोकसभा चुनाव में अब काफी कम वक़्त बचा है और ऐसे में बीजेपी चाह रही है कि वो अपने एजेंडा को लागू करने में आगे बढ़े लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से कोई काम नहीं हो पा रहा.

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