अमेरिका, ब्रिटेन की तर्ज पर होगा बड़े पैमाने पर कांग्रेस में बदलाव, राहुल गांधी ने बनाई है बड़ी रिसर्च टीम

08 Jan 2018
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कांग्रेेेस का धयान इस साल आठ राज्‍यों और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर है और इसके लिए राहुल गाँधी अभी से जुट गये हैं.......

 

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्‍यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस में व्‍यापक पैमाने पर बदलाव लाने की तैयारी में जुटे हैं. पर इसके लिए वो कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखा रहे. शायद यही वजह है कि राहुल गाँधी ने मौजूदा संगठन में अब तक कोई बदलाव नहीं किया है और नया आदेश तक मौजूदा स्थिति बनाये रखने का आदेश पारित किया है. दरअसल राहुल के अध्यक्ष बनने के उपरान्त ये सम्भावना जताई जा रही थी कि अब कांग्रेस में उन चेहरों को तरजीह दी जायेगी जो राहुल की पसंद के हैं. लेकिन राहुल अभी हडबडाहट में कोई फैसला नहीं ले रहे हैं. दरअसल राहुल ने पार्टी और संगठन दोनों को और मजबूत करने का फैसला किया गया है, जिसके लिए उन्होंने एक मजबूत रिसर्च टीम बनाई है.असल में राहुल की कांग्रेस पार्टी को ब्रिटेन की लेबर और अमेरिका की डेमोक्रेट पार्टी की तर्ज पर तैयार करने की योजना है. इसका उद्देश्‍य पार्टी के अंदर एक मजबूत ‘थिंक टैंक’ बनाना है, ताकि पार्टी को तथ्‍यों के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े. केंद्र में सत्‍तारूढ़ भाजपा पहले से ही अपनी मीडिया टीम को मजबूत कर चुकी है.

कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी रिसर्च टीम को और दुरुस्‍त करने के लिए पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ मिल कर काम कर रहे हैं. सोशल मीडिया टीम को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि मीडिया में पार्टी को लेकर बेहतर छवि बनाई जा सके, जोकि एक बहुत बड़ी चुनौती है. सूत्रों ने बताया कि रिसर्च टीम के लिए जर्मनी और जापान के राजनीतिक दलों के मॉडल का भी अध्‍ययन किया गया है. कांग्रेस की रिसर्च टीम के मौजूदा प्रमुख और राज्‍यसभा सदस्‍य राजीव गौड़ा फिलहाल 15 युवाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस टीम को अप्रैल तक देश के प्रत्‍येक राज्‍य में रिसर्च डिपार्टमेंट गठित करने का निर्देश दिया गया है. गौरतलब है कि सांसदों की मदद करने के लिए जुलाई, 2017 में रिसर्च टीम का विस्‍तार किया गया था. टीम में 12 पूर्णकालिक सदस्‍य हैं, जबकि तीन इंटर्न भी हैं. पंद्रह लोगों की इस टीम के लिए गुजरात चुनाव पहली बड़ी चुनौती थी. फिलहाल ये लोग त्रिपुरा, मेघालय और कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए काम कर रहे हैं. इसके साथ ही कांग्रेस की रिसर्च टीम पंजाब सरकार के संपर्क में है, ताकि पहले साल के मौके पर उपलब्धियों को बेहतर तरीके से पेश किया जा सके.

अब इस रिसर्च टीम का विस्‍तार राज्‍यों तक करने की योजना है. जानकारों की मानें तो तेलंगाना और मध्‍य प्रदेश कांग्रेस ने रिसर्च टीम से संपर्क साध कर राज्‍य में यूनिट खोलने की मांग की है. बताया जाता है कि तेलंगाना कांग्रेस की सात सदस्‍यीय टीम अनुभव लेने के लिए गुजरात चुनाव के वक्‍त केंद्रीय टीम के साथ थी. सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा विभिन्‍न राज्‍यों के विधायकों को भी संबंधित राज्‍य की रिसर्च टीम सहयोग देगी. राज्‍यों द्वारा इसके प्रति रुचि दिखाने के बाद यह फैसला लिया गया है.

बहरहाल इतना तो तय है कि राहुल अब कांग्रेस को नए ज़माने की कांग्रेस बनाने की कवायद में जुटे हैं, जो बीजेपी को तो टक्कर तो दे ही सके साथ ही दुनिया भर में कांग्रेस को मजबूती के साथ पेश कर सके. इसके लिए राहुल अब गहरी रिसर्च कर रहे हैं और कांग्रेस को मजबूत करने का प्लान तैयार कर रहे हैं, क्योंकि राहुल को यर मालूम है कि इस साल कर्नाटक, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान समेत आठ राज्‍यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके अलावा 2019 में लोकसभा का चुनाव होगा. अगर पार्टी में जल्दबाज़ी में कोई बदलाव किया जाता है तो इसके फायदे की जगह नुक्सान भी हो  हैं.

 

 

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