औपचारिक रूप से आज राहुल संभालेंगे कांग्रेस की कमान, पूरे देश में कांग्रेस समर्थकों ने की ज़ोरदार जश्न की तैयारी

16 Dec 2017
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): आज से औपचारिक रूप से कांग्रेस में नये युग की शुरुआत होने जा रही है. आज गाँधी परिवार की एक पीढ़ी अपनी विरासत दूसरी पीढ़ी को सौंपने जा रही है. यानी राहुल गाँधी अध्यक्ष तो चुने जा चुके हैं लेकिन आज वो औपचारिक रूप से अध्यक्ष का काम काज संभाल लेंगे. यानी कहा जा सकता है कि देश की सबसे पुराणी पार्टी में आज से नये युग की शुरुआत होने जा रही है. 47 साल के राहुल 132 साल पुराणी पार्टी के 49वें अध्यक्ष होने जा रहे हैं. अब ये तय हो गया है कि सोनिया गाँधी के बाद अब कांग्रेस राहुल गाँधी के के राज में आगे बढ़ेगी. जिसके लिए आज राहुल को सर्टिफिकेट मिल जायेगा. यानी आज से 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सब बदल जायेगा, फिर चाहे वो कामकाज का तरीका हो या फिर वहां की नेम प्लेट. यानी फिजायें भी बदली हैं और हवाएं भी.

वहीँ राहुल के स्वागत के लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी खूब तैयारी की है. देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली के लिए कूच कर गये हैं. पूरे देश के साथ-साथ दिल्ली में भी अलग-अलग तसवीरें देखने को मिल रही हैं. कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे पोस्टर पर नज़र डालें तो इसमें "आदरणीय पंडित राहुल गाँधी" लिखा गया है. वहीँ अमेठी में लगे पोस्टर और बैनर पर नज़र डालें तो उसमे लिखा गया है, 'शिव भक्त, भगवान परशुराम के वंशज जनेऊधारी पंडित राहुल गांधी जी' को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने हार्दिक बधाई. यानी तस्वीर साफ़ है. कांग्रेस अब बदल गयी है. जो अब सारे समीकरणों को धयान में रखकर आगे बढ़ रही है. अब राहुल गाँधी को पंडित कहा जा रहा है ताकि देश का बहुसंख्यक समुदाय भी उनसे कनेक्ट कर सके. यानी रणनीति और राजनीति पूरी तरह से बदल गई आया है. जो पार्टी अबतक अपने आप को किसी भी धर्मं से सीधे-सीधे जोड़ने से बचते हुए तमाम धर्मों का सम्मान करने की बात करती थी वो अब सीधे-सीधे राहुल को पंडित कहने से गुरेज़ नहीं कर रही है. शायद ये कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब कांग्रेस प्रमाण के साथ राहुल गांधी को पंडित और हिन्दू घोषित कर रही है. यानी बहुसंख्यक समुदाय पर कांग्रेस की सीधी नज़र है क्योंकि राहुल को ये भली-भाँती पता है कि मोदी के सत्ता में आने का मूल मंत्र हिन्दू एकीकरण था, फिर चाहे वो गुजरात में हो या फिर पूरे हिंदुस्तान में. यानी कांग्रेस भी बदल रही है और राहुल भी बदले-बदले नज़र आ रहे हैं. उन्हें अपने आप को हिन्दू कहलाने में गुरेज़ नहीं.

कांग्रेस पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी भी पहुंचेंगी कांग्रेस दफ्तर

माना जा रहा है कि आज राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभालने के मौके पर राहुल गांधी के अलावा उनकी मां और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कांग्रेस दफ्तर पहुंचेंगी. राहुल को सर्टिफकेट मिलने के बाद नेताओं के भाषण होंगे, जिसमे सबसे पहले सोनिया गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी. उनके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भाषण होगा. सोनिया और मनमोहन के बाद अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी का पहला भाषण होगा. राहुल तकरीबन 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेगे और अध्यक्ष का काम-काज औपचारिक रूप से संभाल लेंगे. 

दिल्ली के साथ-साथ देश भर में जश्न की तैयारियां

राहुल के लिए इस दिन को खास बनाने के लिए पूरे देश के साथ-साथ कांग्रेस मुख्यालय में जबरदस्त तैयारियां की गई हैं. जश्न के लिए विशेष तौर पर दिल्ली के चांदनी चौक से आए हलवाई जलेबी और लड्डू समेत कई तरह की मिठाइयां बनाने में जुटे हुए हैं. दिल्ली के यूथ कांग्रेस दफ्तर में मिठाई के साथ ही लोकगीतों की भी तैयारी की गई है. इसके अलावा देश भर में कांग्रेस कार्यालयों में जश्न मनाया जाएगा. राहुल गांधी की ताजपोशी को लेकर देश भर के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है. पार्टी मुख्यालय में खास स्टेज बनाया गया है.

बहरहाल इतना तो तय है कि अब कांग्रेस में राहुल गांधी अध्यक्ष बन गये हैं और औपचारिक तौर पर वो अध्यक्ष पद आज संभाल लेंगे. इसके साथ ही गाँधी परिवार की अगली पीढ़ी पुराणी पीढ़ी की जगह लेने जा रही है. ये उनसब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और कांग्रेस का समर्थन करने वाले लोगों के लिए बी=खुशखबरी है जो देश में लोकतंत्र के साथ-साथ गाँधी परिवार में भी गहरी आस्था रखते हैं. साथ ही राहुल के लिए एक चुनौती भी क्योंकि राहुल गांधी ऐसे समय में कांग्रेस की कमान सँभालने जा रहे हैं जा कांग्रेस पार्टी अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है. राहुल के सामने न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास जगाकर कांग्रेस में नये प्राण फूंकने की चुनौती है बल्कि 2019 में मोदी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट कर बीजेपी के विकल्प के रूप में उभरने की भी गंभीर चुनौती होगी. अब राहुल क्या करते हैं ये तो वक़्त ही बताएगा जिसका इंतजार सबको रहेगा.

 

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