2019 के लिए लालू को राहुल की सरपरस्ती मंज़ूर, बन सकते हैं यू.पी.ए. के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार!... Featured

07 Dec 2017
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आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): साल 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए राहुल कर नेत्रित्व में विपक्ष का जमावड़ा होने लगा है, क्योंकि विपक्ष को ये दिख गया है कि अगर 2019 में नरेंद्र मोदी से मुकाबला करना है तो एकजुट होकर ही लड़ना होगा. जिस तरह से नरेंद्र मोदी 2014 के बाद के चुनावों में भी एक के बाद एककिला फतह किये जा रहे हैं उसे देखकर विपक्ष हैरान, परेशान ही नहीं बल्कि लाचार भी नज़र आ रहा है. ऐसे में ये सच्चाई सबको मालूम हो गयी है कि अगर 2019 सबके लिए इम्तिहान की घडी है और सत्ता में वापसी करनी है तो सब मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा. ऐसे में राहुल गाँधी तमाम विपक्षी पार्टियों के लिए उम्मीद बनकर उभरे हैं. अब ये कहा जा सकता है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में राहुल गाँधी विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं. राहुल चाहे किसी की पसंद हों या नहीं पर मजबूरी जरुर हो गये हैं क्योंकि सब विपक्षियों को अपना अस्तित्व बचाना है और अगर राजनीति की ज़मीन में टिके रहना है तो राहुल के नेत्रित्व को मंज़ूर करना ही होगा. ऐसे ही एक विपक्षी धुरंदर हैं आर.जे.डी. प्रमुख लालू प्रसाद यादव जिन्हें अब राहुल का नेत्रित्व मंज़ूर है. गुरूवार को उन्होंने राहुल गाँधी को को कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि राहुल के नेतृत्व में देश सुरक्षित रहेगा. लालू ने एक निज़ी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि ये देश युवाओं का हैं और राहुल युवा हैं और कांग्रेस पार्टी ने उनको नेतृत्व देकर एकदम सही क़दम उठाया है. साथ ही लालू ने कहा कि अगले लोक सभा चुनाव में यूपीए की सभी पार्टी राहुल के ही नेतृत्व में लोक सभा चुनाव लड़ेगी.


वहीँ लालू ने इस बात से इंकार किया कि उनकी राहुल गांधी से नहीं बनती. इस बारे में जब लालू से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये सब मीडिया के मन की उपज हैं. उन्होंने कहा की उनके और राहुल गाँधी के बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है और इस तरह की ख़बरें केवल मीडिया की उपज हैं. जब उनसे  गुजरात चुनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देश की जनता अब नरेंद्र मोदी के करतूत से ऊब चुकी हैं लेकिन फ़िलहाल शांत हैं और चुनाव में ये अपना ग़ुस्सा सरकार पर अवश्य निकलेगी. लालू यहीं नहीं रुके उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर कहा कि नरेंद्र मोदी राजनीति के दशानन हैं और गुजरात की जनता उनका राजनीतिक वध करेगी. लालू ने कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसको नरेंद्र मोदी ने ठगा नहीं. साथ ही अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर लालू यादव का कहना था कि ये मुद्दा जानबूझकर चुनाव के समय भाजपा को याद आता है लेकिन जब इस मामले की सुनवाई सप्रीम कोर्ट में चल रही है तो सबको उसके फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.

बहरहाल इतना साफ़ है कि पिछले काफी समय से विपक्ष को एकजुट करने में जुटे लालू यादव को भी ये लगता है कि राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनावों में यू.पी.ए. की तरफ से एक सशक्त उम्मीदवार हो सकते हैं. जिनके नेत्रित्व में अगर चुनाव लड़ा जाए तो न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला किया जा सकता है बल्कि सत्ता में वापसी भी हो सकती है.अब होगा क्या ये तो वक़्त की बताएगा लेकिन इतना तय है कि राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद वो एकमात्र ऐसा चेहरा बन सकते हैं जिनके नेत्रित्व में यू.पी.ए. 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ सकता है.(इनपुट:एनडीटीवी)

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