अब अपनी सलामती की दुआ मनाए हाफ़िज़ सईद, चीन ने भी पीछे खींचे हाथ, बोले: पाकिस्तान से हाफ़िज़ सईद को निकालिए......

24 May 2018
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आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली):  आतंक के मुद्दे पर पाकिस्तान पूरे विश्व में अकेला पड़ चुका चूका है, जिसके कारण न केवल उसे चारों तरफ किरकिरी झेलनी पड़ती है बल्कि अपने गृह पाकिस्तान में भी कई ऐसी वादातें होती हैं जिनके कारन जानो-माल का नुक्सान होता है. लेकिन अब तक पाकिस्तान केवल इस कारन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बाख जाता था क्योंकि उसका घनिष्ठ मित्र चीन[पूरी दुनिया के आगे पाकिस्तान को बचाने के लिए खडा हो जाता है. लेकिन अब आतंक के मुद्दे पर चौतरफा घिरे पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पाकिस्तान को बचाने वाले चीन ने भी अब अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं.

दरअसल चीन ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वो मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद को पाकिस्तान के बाहर कहीं भेज दे. क्योंकि हाफ़िज़ सईद के कारण पाकिस्तान की पूरे विश्व में किरकिरी हो रही है. सूत्रों की मानें तो ये सलाह खुद चीन के राष्ट्रपति सही-जिन-पिंग ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अब्बासी को दी है. जिन पिंग ने पिछले महीने बोआओ फोरम फॉर एशिया सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से करीब 35 मिनट मुलाकात की जिसमे उन्होंने कम से कम 10 बार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से कहा की वो सईद को पश्चिम एशियाई देशों में अपनी बाकी की जिंदगी जीने के लिए अनुमति दें.

"द हिन्दू" की मानें तो  चीन ने पाकिस्तान पर ये दवाब बनाया है कि वो सईद की चमक-दमक और दिमागी सोच से दुनिया को दूर रखे. वहीँ रिपोर्ट के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति की इस सलाह के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर अपनी टीम से कानूनी सलाह मांगी है. हालांकि इस मुद्दे का अभी तक कोई समाधान नहीं निकला जा सका है और ऐसा माना जा रहा है कि मौजूदा सरकार में इसका कोई समाधान हो भी नहीं पायेगा क्योंकि एक तो पूरे देश में ये चुनावी मुद्दा बन जाएगा साथ ही पाकिस्तान की मौजूदा सरकार का कार्यकाल इस साल 31 मई को पूरा हो रहा है जबकि अगली सरकार के गठन के लिए चुनाव जुलाई के अंत तक होंगे.

वहीँ जमात-उद-दावा ने पाकिस्तान पर अमेरिका और भारत के दवाब में आकर सईद के खिलाफ कार्यवाही करने का आरोप लगाया है. लेकिन संगठन प्रमुख हाफ़िज़ सईद ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया है कि पाकिस्तान चीन के दव्वाब में आकर उसे देश से बाहर भेजने की तैयारी कर रहा है. हालांकि उसने इतना तो माना कि चीन इस मुद्दे पर सुपर-रोले तो अदा करेगा लेकिन वो उसके साथ इस तरह का व्यवहार करेगा इसपर उसे संदेह है.

गौरतलब है कि सयुंक्त राष्ट्र, अमेरिका और भारत ने हाफ़िज़ सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर राका है और उसके सर पर 50 लाख डॉलर का इनाम है. हालांकि  वैश्विक दवाब के बाद पाकिस्तान ने उसे घर में नजरबंद रखा लेकिन पाकिस्तान में ही बढ़ते दवाब के बाद उसे वहां की सरकार ने रिहा कर दिया. लेकिन अब जब चीन ने इस आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को लताड़ा है और हाफ़िज़ सईद को पाकिस्तान से निकलने को कहा है तो ये पाकिस्तान के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है.

माना जा रहा है कि चीन के इसकदम का असर पूरे पाकिस्तान पर दिखेगा. ऐसे समय में जब पूरा विश्व पाकिस्तान से किनारा कर चूका है उस समय चीन ही एकमात्र उसका दोस्त बचा हुआ था. लेकिन अब उसने भी पाकिस्तान से किनारा कर लिया है तो पाकिस्तान के लिए ये एक बुरी खबर है. माना जा रहा है कि चीन का ये कदम प्रधानमंत्री के पिछले चीन दौरे में हुए वार्तालाप के बाद उठाया गया है. इसे भारत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. जानकारों की मानें तो हाफ़िज़ सईद के दिन अब लद चुके हैं और अब उसे अपनी सलामती की दुआ मनानी चाहिए, क्योंकि उसके पाप का घड़ा अब भर चुका है. अबन तो वह पाकिस्तान के काम का रह गया है और अमेरिका और भारत उसके पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं. ऐसे में चीन की पाकिस्तान को दो-टूक अपने आप में बहुत कुछ कहती है. जानकारों की मानें तो चीन के इस कदम के बाद भारत का मंसूबा हाफ़िज़ सईद को भारत लाकर उसे मुंबई हमलों का दोषी करार देते हुए सज़ा देना है. अब वाकई ऐसा हो पता है या नहीं ये तो देखने वाली बात होगी लेकिन इतना तय है कि सईद के बुरे दिनों की शुरुआत हो चुकी है और अब वो किस अंजाम तक पहुँचती है ये देखने वाली बात होगी.....

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