नेतन्याहू ने भारत से संबंध मजबूत होने की जताई उम्मीद

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 14 जनवरी से भारत यात्रा पर आने वाले हैं, जहाँ के प्रधानमंत्री उनके अच्छे दोस्त भी हैं. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की दोस्ती के कारण दोनों देशों के रिश्ते भी मजबूत हो रहे हैं. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल गये थे तो जिस तरह से वहां पर उनका स्वागत हुआ था उसे पूरी दुनिया ने देखा था. अब बारी भारत की है क्योंकि अब इस्राइली प्रधानमंत्री भारत आ रहे हैं. हालांकि हालिया घटनाक्रम पर नज़र डालें तो जिस तरह से भारत ने यरुशेलम के मुद्दे पर भारत ने इस्राइल के खिलाफ वोट दिया था उस से ये सम्भावना जताई जा रही थी कि दोनों देशों के रिश्तों के कुछ खटास आ सकती है. लेकिन अब इन मुद्दों पर जब इस्राइली प्रधानमंत्री से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि वह यरुशलम के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा इस्राइल के खिलाफ वोट देने से निराश नहीं हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। गौरतलब है कि भारत ने दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था जिसमें यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिका के फैसले की आलोचना की गई थी।

दरअसल नेतन्याहू 14 जनवरी को भारत की यात्रा के लिए रवाना होंगे। अपनी इस यात्रा से पहले उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर है मैंने सोचा था कि अलग वोट होगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे भारत और इस्राइल के बीच रिश्ते में कोई बड़ा बदलाव आएगा।’’ इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जुलाई में यहूदी देश की यात्रा की थी और वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। नेतन्याहू ने कल एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर कोई वह देख सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा मील का पत्थर थी। भारत की मेरी यात्रा अन्य मील का पत्थर है।’’ यह पूछे जाने पर कि टैंक रोधी निर्देशित मिसाइलों को विकसित करने से संबंधित लाखों डॉलर का रक्षा सौदा रद्द करने के भारत के हालिया फैसले का क्या असर होगा, इस पर इस्राइली नेता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस सौदे पर ध्यान दिए बिना आप आर्थिक या अन्य संबंधों का विस्तार देखने जा रहे हैं।’’ सभी मोर्चों पर रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देते हुए नेतन्याहू ने उम्मीद जताते हुए कहा, ‘‘कुछ समय बाद मैं उम्मीद करता हूं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के वोट में बदलाव देखूंगा।’’ इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत के साथ, लातिन अमेरिका और अफ्रीका में अन्य देशों के साथ संबंध सभी मोर्चों पर मजबूत हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर इसमें समय लगेगा।’’

(इनपुट: भाषा)

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