Items filtered by date: Monday, 12 February 2018

आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): कहते हैं वक़्त के साथ बहुत कुछ बदलता है और जो वक़्त के साथ नहीं बदलता उसको दुनिया बदल देती है, और होना भी ऐसा ही चाहिए, अगर हम वक़्त के साथ नहीं चलेंगे तो इस रंग बदलती दुनिया के साथ नहीं चल पाएंगे और पिछड़े हुए माने जायेंगे. ऐसा ही कुछ देखने को मिला है अब भारत के कट्टर हिन्दू संगठनों की सोच में, जो अब तक केवल अपनी कट्टरता के लिए जाने जाते थे. जी हाँ हम बात कर रहे हैं विश्‍व हिंदू परिषद की. ये बदलाव हमें तब देखने को मिला जब विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने वैलेंटाइन डे के समर्थन का ऐलान किया. उन्‍होंने कहा क‍ि अगर युवक और युवती प्रेम नहीं करेंगे तो सृष्टि नहीं चलेगी. विहिप नेता ने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि युवाओं को प्रेम करने का अधिकार है और वैलेंटाइन डे पर किसी तरह का विरोध या हिंसा नहीं होगी.

गौरतलब है कि विहिप नेता और कार्यकर्ता वर्षों से प्रेम के प्रतीक वैलेंटाइन डे का विरोध करते रहे हैं. संगठन इसके खिलाफ फरमान जारी कर लोगों को आगाह भी करता रहा है. ऐसे में वैलेंटाइन डे से ठीक पहले विहिप नेता का यह रुख चौंकाने वाला है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवीण तोगड़िया 11 फरवरी को चंडीगढ़ में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘प्रेम नहीं करेंगे तो विवाह नहीं होगा, विवाह नहीं होगा तो सृष्टि कैसे चलेगी? युवा और युवतियों को प्रेम करने का पूरा अधिकार है. वह अधिकार उन्‍हें मिलना चाहिए. मैंने संदेश दे दिया है कि हमारी बेटी को भी प्‍यार करने का हक है और हमारी बहन को भी प्‍यार करने का अधिकार है., ’

बहरहाल तोगड़िया का इतना बड़ा ब्यान सच में सब को चौकाने वाला है क्योंकि अब तक तो विहिप और बजरंग दल भारत में वैलेंटाइन डे को प्रतिबंधित करने की वर्षों से मांग करते रहे हैं. दोनों संगठन इसे हिंदू-विरोधी के साथ भारत विरोधी भी मानते हैं, जो हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है. मतलब साफ़ है अगर कट्टर माने जाने वाले संगठनो की सोच में ऐसा बदलाव आया है तो ये उनकी दूरदर्शिता का परिचायक है. आज अगर हमें दुनिया के साथ चलना है तो फिर इस बदलती दुनिया के साथ अपनी सोच को भी बदलना होगा. तोगड़िया ने इसी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए अपने कार्यकर्ताओं को ये सन्देश दिया है क्योंकि वो ये जानते हैं कि वैलेंटाइन डे भारत के युवाओं और युवतियों में ख़ासा प्रसिद्ध है. उन्होंने जितना इसका विरोध किया ये त्यौहार यहाँ के युवा वर्ग में उतना ही पोपुलर हुआ. ऐसे में तोगड़िया का वैलेंटाइन डे का समर्थन करना और उसे अपने बहन-बेटी से जोड़ना की उन्हें भी प्यार करने का अधिकार है सच में स्वागत योग्य कदम है जिसकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है.

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