जेपी इन्फ्राटेक के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को

05 Sep 2017
418671 times

आवाज़ ब्यूरो(दिल्ली): सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी की ओर से शुरू की गई कार्यवाही पर रोक लगा दी। कोर्ट का यह फैसला उन 40,000 घर खरीदारों के लिए एक राहत की खबर लेकर आया है, जिन्होंने फ्लैट बुक कराए थे। ये लोग अब राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में कानूनी सहारा ले सकते हैं। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि निदेशक मंडल को बहाल कर दिया गया है या नहीं, इस पर स्पष्टता की आवश्यकता है। इस मामले पर अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होनी है। सर्वोच्च न्यायालय ने रियल एस्टेट कंपनी, वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किए हैं।

इस तरह का नोटिस कारपोरेट मामलों के मंत्रालय और आईडीबीआई बैंक को भी जारी किया गया है। आपको बता दें कि आईडीबीआई बैंक ने 9 अगस्त को एनसीएलटी से उस रियल एस्टेट फर्म के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए अनुरोध किया था जिस पर 526 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट करने और उन होम बॉयर्स को उनका घर न देने का आरोप है जिन्होंने अपनी गाढ़ी पूंजी इसमें निवेश कर रखी है और वो बीते कई सालों से इसका इंतजार कर रहे थे।

माननीय न्यायालय ने एक खरीदार चित्रा शर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया और केंद्र, कंपनी, नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार को सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायालय के इस फैसले से उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के तहत लंबित मामले फिर से खुल सकते हैं। अभी इन मामलों पर रोक लगी है। उपभोक्ताओं की मांग है कि इन मामलों में राहत देने की प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए।

Rate this item
(3 votes)