Items filtered by date: Monday, 04 June 2018

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

 

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): भारतीय सेना ने सरकारी आयुध फैक्ट्रियों (ऑर्डेनैंस फैक्ट्रियां) से आपूर्ति में कटौती करने का फैसला किया है. यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि इस कटौती से बची धनराशि को हथियार और छोटे युद्धों के लिए जरूरी सामान की खरीदारी में खर्च किया जा सके. इकॉनॉमिक टाइम्स को मानें तो  आयुध फैक्ट्रियों के उत्पादों की आपूर्ति 94 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी तक की जा सकती है क्योंकि केंद्र सरकार ने हथियारों और पुर्जों की आपात खरीदारी के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध नहीं कराया है, जिसके चलते भारतीय सैनिकों के कपड़े, कॉम्बैट ड्रेस, बेरेट्स, बेल्ट्स, शूज की आपूर्ति प्रभावित होगी. सैनिकों को यूनिफॉर्म व अन्य कपड़े खरीदने के लिए अपने पैसे खर्च करने पड़ेंगे. इतना ही नहीं बल्कि सेना के कुछ वाहनों के पुर्जों पर भी इसका असर पड़ेगा.

दरअसल भारतीय सेना हथियारों और गोलाबारूद के स्टॉक को बनाए रखने के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और इसके लिए उसे हजारों करोड़ रुपए फंड की जरूरत है. केंद्र ने यह फंड अभी उपलब्ध नहीं कराया है जिस वजह से आर्मी अपने थोड़े से बजट से ही काम चलाने को मजबूर है. सेना के अधिकारियों ने ईटी से बातचीत में कहा कि, 2018-19 के वित्तीय वर्ष के बजट को देखते हुए आर्मी के पास ऑर्डनैंस फैक्ट्री की आपूर्ति घटाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है. इन तीन प्रोजेक्ट में से अभी सिर्फ एक ही शुरू हो पाया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए आपातकालीन खरीदारी फंड ना हो पाने की वजह से कई सालों से प्रभावित हो रही है.

वहीँ एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आपातकालीन खरीदारी के लिए 5000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और अभी 6,739.83 रुपए का भुगतान बाकी है. 10 (1) ऑर्डर के इस प्रोजेक्ट की लागत 31,739.83 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि दो अन्य स्कीम पांच साल के लिए नहीं बल्कि तीन साल की ही हैं. सेना के सामने इन दो प्रोजेक्ट्स के बचे भुगतान को करने की है. केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि सेना को अपने बजट से ही यह खर्च वहन करना होगा. अधिकारी ने बताया कि मार्च में सेना ने ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज से आपूर्ति में कटौती करने का फैसला लिया. उन्होंने बताया कि कपड़े, पुर्जे और कुछ गोलाबारूद की सप्लाई के लिए फंड को 11000 करोड़ रुपये से नीचे लाया जाएगा. ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज के 94 फीसदी उत्पाद सेना को सप्लाई किए जाते हैं. हमने इसे 50 फीसदी तक लाने का फैसला किया है.

इसके लिए ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज को 11000 करोड़ रुपये के भुगतान को कम कर 8000 करोड़ रुपये के करीब लाया गया. उन्होंने आगे जोड़ा कि गोलाबारूद और स्पेयर की कमी इसलिए है क्योंकि ऑर्डनंस फैक्ट्रीज आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं. उन्होंने बताया कि इस कदम से हर साल करीब 3500 करोड़ रुपए की बचत हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हम इसमें 4000 करोड़ रुपये और जोड़कर इस राशि को सालाना 7000 से 8000 करोड़ रुपये तक लेकर आएंगे. तीन सालों के लिए हमारे पास करीब 24000 करोड़ रुपये होंगे जिसका इस्तेमाल आपातकालीन खरीदारी और 10 (1) ऑर्डर पूरा करने के लिए किया जाएगा.

2016 में हुए उड़ी हमले को देखते हुए आर्मी ने पाया कि 46 बेहद जरूरी हथियार, टैंक्स, एंटी मटीरियल और वाहनों के लिए 10 प्रकार के पार्ट्स और उपकरण 10 (I) से भी नीचे थे. बता दें कि 10 (I) 10 दिनों तक के युद्ध के लिए जरूरी हथियार और गोला बारूद की मात्रा है.(सौजन्य:आज्त्तक डॉट इन)

Published in देश

आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): किसी ने कहा है कि अगर अगला विश्व युद्ध होगा तो पानी के लिए होगा.मौजूदा हालात में उसकी बात भी वाजिब दिख रही है. आज पूरी दुनिया में पानी के स्त्रोत सूखते जा रहे हैं और हालात इसी तरह से बिगड़ते रहे तो शायद वो दिन भी दूर नहीं जब पानी को लेकर ही अगला विश्व युद्ध छिड़ जाए. अभी कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक अफ्रीकन देश का विडियो वायरल हुआ जिसमे पूरे देश में वाटर इमरजेंसी घोषित कर दी गई थी. लोगों को पीने का पानी ही नसीब हो जाए इसके लिए वहां की सरकार प्रयासरत थी. लेकिन अब ऐसा ही कुछ नज़ारा भारत में भी देखने को मिल रहा है जहां कई राज्यों में पानी का संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है.

पिछले 10-15 दिन पहले पहाड़ों की रानी शिमला में पानी लेकर हाहाकार मच गया जो अबतक जारी है. आलम ये है कि गर्मियों की छुट्टियों में शिमला जाने वाले लोगों को वहां आने से मना कर दिया गया. छोटे होटलों ने बुकिंग कैंसिल कर दिन और जिन होटलों ने कमरे दिए भी वो भी केवल एक शर्त पर कि केवल दो बाल्टी पानी ही मुहैया करवाया जाएगा. हालात अभी भी ठीक नहीं हुए हैं. सैलानी तो बेशक घूमने कहीं और चले जायेंगे लेकिन वो लोग कहाँ जायेंगे जो वहां के वाशिंदे हैं. मैं शिमला को अच्छी तरह जानता हूँ. वहां पला-बड़ा हुआ हूँ. शिमला शहर अंग्रेजों न बसाया था जो गर्मियों में देश की राजधानी होता था. उन्हीं के द्वारा रिज़ मैदान पर पानी की स्टोरेज के लिए तानकर बनाये गये हैं. लेकिन ये सब व्यवस्था उस समय के लिए थी अब तो शिमला में जनसंख्या विस्फोट हो रहा है. कई किलोमीटर तक बस गया है शिमला अब. फिर उस समय के इंतजाम कैसे इतनी भारी जनसंख्या की पानी की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. हाई-कोर्ट में भी इस मुद्दे क लेकर सुनवाई हो रही है. आलम ये है कि केवल राज्यपाल और मुख्यमंत्री को छोड़कर वाकी सब के लिए टेंकर से सप्लाई बंद कर दी गई है. फिर चाहे वो कोई वी वी आई पी ही क्यों न हो. इसमें सरकार के मंत्री और आला अफसर भी शामिल हैं. कंस्ट्रक्शन के कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है और लोगों से शिमला आने से बचने के लिए कहा जा रहा है.

कुछ ऐसे ही हालात उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी देखने को मिल रहे हैं. लोगों को 5-6 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है. पानी की कमी इतनी है कि लोगों को अब इसके चोरी होने का दर सताने लगा है. राजस्थान के अजमेर में कुछ ऐसा नज़ारा देखने को मिल रहा है जहाँ लोग पानी को ड्रम में रखकर ताला लगाकर सो रहे हैं. यानी मतलब साफ़ है कि पानी की वहां भी भयंकर कमी है जिससे लोगों को दो-चार ह्पना पड़ रहा है. इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों में भी पानी की भारी किल्लत है महिलाएंदूर दूर से जाकर पानी ला रही हैं तब उनके घर में खाना बन पा रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार ने तो 5 जिलों में सूखा भी घोषित कर दिया है जिसमें बुन्देलखण्ड और सोनभद्र शामिल हैं. आलम ये है कि हैण्ड-पंप सूख चुके हैं और लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है.

इसके अलावा मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ के कई इलाके भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं. यहाँ भी पानी के पारम्परिक स्त्रोत सूख गये हैं या फिर सूखने की कगार पर हैं. लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है. एनडीटीवी ने अभी हाल ही में एक खबर दिखाई थी जिसमे उन्होंने दिखाया कि किस प्रकार मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लोग अपनी जान खतरे में डालकर कुएं में उतर रहे हैं और गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं..

मतलब साफ़ है जिस तरह से हम विकाशील होते जा रहे हैं उसी तेज़ी से अपने पारम्परिक स्त्रोतों के रख-रखाव को भूलते जा रहे हैं. प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन ये भूल रहे हैं कि जैसा हम प्रकृति के साथ करेंगे कुदरत हमें वैसा ही लौटाएगी. अब वक़्त आ गया है जब हम सब को मिलकर इस समस्या से झूझने के उपाए करने होंगे क्योंकि इसके लिए हम केवल सरकार को ही दोषी नहीं ठेहरा सकते बल्कि हमें खुद ही आगे बढ़कर कुछ ऐसे कदम उठाने होंगे जिस-से इस दिनोंदिन बढती समस्या से निजात मिल सके. हमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू करना होगा. पारम्परिक स्त्रोतों का नियमित रख-रखाव करना होगा, और पानी कम से कम बर्वाद करना होगा जिस से आने वाली नस्ल हमें इस समस्या के लिए दोषी न ठेह्राए. आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क की आप सब से ये गुजारिश है कि आप सभी पाठक अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को पानी की अहमियत समझायें और सबसे गुज़ारिश करें की पानी को बर्बाद न करें क्योंकि जल ही जीवन है.......

Published in सोशल

आवाज़(रेखा राव, गुरुग्राम): हरियाणा की खटार सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. अभी एक मुद्दा ख़त्म होता नहीं कि दूसरा बांह फैलाये आगे खडा हो जाता है. ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब हरियाणा की खट्टर सरकार से नाराज़  दलितों ने भारी संख्या में धर्म परिवर्तन कर लिया. इन लोगों का कहना है कि सरकार दलितों को सुरक्षा मुहैया करवाने में नाकाम रही है जिससे परेशान होकर इन सबने धर्म परिवर्तन कर लिया. टाइम्स नाउ की मानें तो जींद जिले के लगभग 120 लोगों ने खटार सरकार से नाराज़ होकर धर्म परिवर्तन कर लिया है.

गौरतल है कि दलितों द्वारा इतनी भारी संख्या में धर्म परिवर्तन अचानक नहीं बल्कि खट्टर सरकार के खिलाफ 113 दिन के प्रदर्शन के बाद किया गया है. सूबे के दलितों के इस कदम को जहाँ खट्टर सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है वहीँ इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाएगी ये भी तय है. धर्म परिवर्तन करने वाले दलितों का कहना है कि खट्टर सरकार में उनकी बेकद्री हुई और सरकार उन्हें सुक्ष मुहैया करवाने में पूरी तरह नाकाम रही. जिस से निराश होकर इन सब ने धर्म परिवर्तन कर लिया.

वहीँ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुद्दे पर वैसे तो खट्टर सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता कुछ कहने से बाख रहे हैं लेकिन कुछ मंत्रियों ने कहा है कि ये एक राजनितिक साज़िश है. मंत्रियों का कहना है कि अगर कुछ लोग अपने फैसले की असल वजह बताये बिना अगर धर्म परिवर्तन करते हैं तो वो इसके लिए स्वतंत्र हैं. वहीँ इस मुद्दे पर दलित नेता दिनेश खापड़ ने मीडिया को बताया कि बीते 7 मार्च को सरकार के सामने दलितों ने कुछ मांगें रखी थीं और कहा गया था कि 10-15  दिनों में दलितों की मांगें पूरी की जाएँ. 20 मई को सरकार को चेतावनी दी गई थी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वो धर्म परिवर्तन कर बौद्ध धर्म में चले जायेंगे. लेकिन सरकार ने कोई मांग पूरी नहीं की, अंत में परेशान होकर दलितों ने ये कदम उठाया.

राजनितिक पंडितों की मानें तो दरअसल जैसे- जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे-वैसे खट्टर सरकार के खिलाफ गोलबंदी की जा रही है और आने वाले वक़्त में ये और बढ़ेगी. जानकार इसके पीछे विपक्षी दलों की रणनीति भी मान रहे हैं. क्योंकि ये कोई पह;अ मामला और पहला समुदाय नहीं है जिसने खट्टर सरकार पर उनकी अनदेखी करने का इलज़ाम लगाया है. इससे पहले जात समुदाय भी इसी तरह के इलज़ाम सरकार पर लगा चुका है. इतना ही नहीं जात समुदाय पिछले काफी समय से आरक्षण की मांग कर रहा है और खट्टर सरकार को इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा बता रहा है. इतना ही नहीं अभी हालिया फैसले में जाटों ने ये तय किया है कि वो खटार सरकार के किसी भी मंत्री का कार्यक्रम नहीं होने देंगे और जहां भी मुख्यमंत्री खट्टर या फिर उनके मंत्रियों का कार्यक्रम होगा वहां जाकर जाट धरना देंगे.

यानी बात साफ़ है जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आयेंगे ये धरने-प्रदर्शन और बढ़ेंगे, ऐसी धमकियाँ भी बढेंगी. लेकिन खट्टर सरकार इन सब के विरुद्ध क्या रणनीति बनाती है ये देखने वाली बात होगी.(इनपुट:जनसत्ता डॉट कॉम)

Published in हरियाणा

आवाज़(बी.डी. अगरवाल, रेवाड़ी): रेवाडी शहर में रविवार को प्रातः राजेश पायलेट चौक पर राहगीरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचे, जहां बच्चे युवा और बुजुर्गो ने विविध गतिविधियों में हिस्सा लिया खासकर युवाओं ने फिल्मी गीतों हरियाणवी, राजस्थानी व पंजाबी धूनों पर समूह डांस करके आयोजन का खूब मजा लिया। बच्चों ने खेल कूद, साईकलिंग व स्केटिंग में हिस्सा लेकर अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जबकि अनेक लोगों ने योगा करके आयोजन का लाभ लिया।

शहर में रविवार को राहगीरी डे पर कई एक्टिविटीज आयोजित की गई इसमें विशेष रूप से हरियाणवी गीत, राजस्थानी गीत, नशा खोरी, नुक्कड नाटक, रागनी, कच्ची घोडी, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ आदि शामिल रहे जिसमें राहगीरों ने भाग लेकर अपने संडे को फन-डे बनाया वहीं कुछ लोग अपनी पसंदीदा टीम का उत्साहवर्धन करते हुए भी नजर आए शहर में राहगीरों ने विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर राहगीरी की, यहां हजारो लोगों ने पहली बार जुंबा एरोबिक्स व स्केटिंग जैसी एक्टिविटी का मजा लिया तथा इस कार्यक्रम में बच्चों सहित बूढ़ों ने इसमें भाग लेकर खूब मस्ती की। पुलिस विभाग व जिला प्रशासन की ओर से मनोरंजन के लिए राहगीरी कार्यक्रम लोगों को तनाव मुक्त करने के लिए का आयोजन किया गया।
 
इस मौके पर रा.वि. पीथडावास की छात्राओं ने बीन बांसुरी, ढोल, नगाडे के साथ- यह धुन सुनो हरियाणे की, रा. वि. पाल्हावास की छात्राओं ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने हेतु प्रेरित समूह गान- दाखिला लो सरकारी में, रा.म. वि. पाली व बावल की छात्राओं ने नारी पर अत्याचार नशा मुक्ति व अन्य सामाजिक बुराईयों पर आधारित कार्यक्रम व बूढपूर स्कूल की छात्राओं ने टोकणी पीतल की, यंदुवंशी स्कूल की छात्राओं ने शानदार सांस्कृति प्रस्तुति दी, वहीं एक नन्हीं बच्ची मानवी भारद्वाज ने -ऐ मेरे वतन के लोगो के गीत पर लोगों में देशभक्ति का जज्बा भरने का कार्य किया। इस्कोन परिवार की और से हरे राम-हरे कृष्णा पर एसपी, डीएसपी सहित सभी ने भरपूर आनंद लिया। इस राहगीरी कार्यक्रम  में अलग-अलग जगहों पर लोग झूमते हुए कार्यक्रमों का आनंद उठाते नजर आये, उठ जाग मुसाफिर भौर भही अब रैन कहा सोवत प्रस्तुति का आनंद भी लोगों ने लिया।
 
राहगीरी कार्यक्रम में कहीं लोग अपना लाईव स्कैच तो कहीं लाईव पेंटिंग का आनंद उठा रहे थे तो कहीं बच्चें रेन डांस कर मस्ती लूट रहे थे। पायॅलेट चौक के सर्कल पर चारो तरफ अलग अलग रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। आकाश के अन्दर राहगीरी का लगा बैलून आकर्षण का केन्द्र बना रहा।
 
विधायक रणधीर सिंह कापडीवास ने इस मौके पर कहा कि पुलिस व जिला प्रशासन ने राहगीरी का बहुत ही अच्छा कार्यक्रम किया है और लोगों में भारी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लेकर इसकी शोभा बढाई है उसके लिए वे सभी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से देशभक्ति व पुराने संस्कार देखने को मिले है, वहीं सुबह का सुहावने मौसम में हर्षित व उल्लासित होकर इसका आनंद ले रहे है। वास्तव में यह कार्यक्रम लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाने में सार्थक सिद्ध हुआ है। विभिन्न संस्थाओं एवं विभिन्न स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहगीरों को थिरकने के लिए मजबूर किया है।
 
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने राहगीरी कार्यक्रम में मौजूद सभी राहगीरों का आभार करते हुए कहा कि लोगों की अपार भीड इस बात का प्रमाण है कि यह प्रोग्राम वास्तव में लोगों को पसन्द आया है और इस प्रकार का कार्यक्रम हर माह में एक बार पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये जाऐगें। उन्होंने कहा कि हर तीसरे महीने जिला स्तर पर इसी तरह राहगीरी की बडी ईवैंटस आयोजित कर लोगों को खुश रहने का मौका दिया जाएगा ताकि इस बहाने लोग आपस में मिलकर एक दूसरे से अपने विचार सांझा कर अपने आप को चिंतामुक्त बना सके और इन खुशी के पलों का आनंद उठा सके। राहगीरी कार्यक्रम में शकुन्तलम् संगीत एवं नाटय संस्थान, इस्कोन परिवार, आरएसओ सहित विभिन्न 42 इवैंटस की प्रस्तुति देने वाले सभी बधाई के पात्र है जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया वहीं कार्यक्रम में रिफ्रैसमैंट देने वाली संस्था भी बधाई की पात्र है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले 25 लोगों को सम्मानित भी किया।
 
 इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने स्वयं रेन डांस, साईकलिंग व तलवार बाजी कर राहगीरी कार्यक्रम का आनंद उठाया जबकि विधायक रेवाडी, पुलिस अधीक्षक रेवाडी व अन्य सभी मंचासीन ने कभी अलविदा ना कहना पर राहगीरों की खूब तालियां बटौरी। यहां यह भी बता दें कि राहगीरी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आये हुए सभी आगंतुको के लिए लाली की थाली की ओर से जलपान की विशेष नि:शुल्क व्यवस्था की गई, राहगीरी में शामिल हुए लोगों के लिए संत निरंकारी संस्था की ओर से ठण्डाई, फरूटी, कढी चावल की फ्री व्यवस्था की गई थी। संत निरकारी मण्डल के वॉलेटियरों ने इस कार्यक्रम में अपना अच्छा योगदान दिया गया।
निजी चिकित्सकों ने जनता का फ्री चेकअप किया व आयुष विभाग ने भी जड़ी बूटियों की पर्दाशनी लगाई।
 
एसपी दुग्गल ने बताया कि जल्द ही सीएम मनोहर लाल खट्टर को भी जिले में बुला कर फिर एक राहगीरी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राहगीरी के इस कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डा. अरविंद यादव, जिला अध्यक्ष भाजपा योगेन्द्र पालीवाल, व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक सतीश खोला, गुरूग्राम निगरानी समिति के समन्वयक लक्ष्मण यादव, जिला महामंत्री अमित यादव व प्रीतम चौहान, अजय मित्तल, व्यापार मंडल अध्यक्ष रतनेश बंसल सहित शहर के गणमान्य नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम जितेन्द्र कुमार, सीटीएम डा. विरेन्द्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक सतपाल, गजेन्द्र कुमार, सुरेश हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया, जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बलडोडिया, डीडीपीओ राजबीर खुण्डिया, सिविल सर्जन डा. कृष्ण कुमार सहित अन्य विभागों के  अधिकारीगण, पर्वतारोही आशा झांझडिया भी मौजूद रहे।

 

Published in हरियाणा

आवाज़(बी.डी.अगरवाल, रेवाड़ी): हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा है कि बावल विधानसभा क्षेत्र को विकास की दृष्टि से दूसरे क्षेत्रों से किसी भी सूरत में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा तथा बावल क्षेत्र के सभी गांवों को नेहरी पेयजल योजना से जोडने के लिए लगभग 300 करोड रूपये की राशि खर्च की जाएगी ताकि आने वाले 30 वर्षो तक भी लोगों को पेयजल की समस्या न हो। डा. बनवारी लाल रविवार को तिहाडा गांव में पिछडा वर्ग की चौपाल का उद्घाटन करने उपरांत लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा की सरकार मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। प्रदेश के हर गरीब से गरीब व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पंहुचे यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में विकास की जितनी भी घोषणाएं की थी उन सभी पर तेजी से कार्य हुआ है और कुछ प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पिछले10 वर्षो में कांग्रेस के कार्यकाल में केवल घोषणाएं ही हुआ करती थी और कार्य को पूरा नहीं कराती थी, लेकिन भाजपा सरकार जो घोषणा करती है उसे पूरा करती है। 

 
 उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में नौकरियां सिफारिश के आधार पर मिलती थी लेकिन हमारी सरकार ने योग्यता के आधार पर नौकरिया दी है। सरकार शीघ्र ही 34 हजार ग्रुप डी की भर्ती करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस घर में एक भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है उन्हें पांच अंक अतिरिक्त दिये जाऐगें ताकि वे लोग भी सरकारी नौकरी में आ सकें। गांव की मांगों के बारे में डा. बनवारी लाल ने कहा कि शमशान घाट की चारदिवारी व रास्ते को पक्का करवा दिया जाएगा तथा जो भी गांव की मांग है उनको एक एक करके पूरा करवा दिया जाएगा। इस मौके पर चेयरमैन नगरपालिका बावल अमरसिंह महलावत, विरेन्द्र छिल्लर, राजेश, मोहर सिंह, श्योराण सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
Published in हरियाणा

Error : Please select some lists in your AcyMailing module configuration for the field "Automatically subscribe to" and make sure the selected lists are enabled

Photo Gallery