• कर्नाटक के नाटक के बाद राहुल गांधी ने बोला पीएम मोदी और आर एस एस पर ज़ोरदार हमला, बोले: मोदी और आर एस एस हिंदुस्तान के किसी संस्थान की इज्ज़त नहीं करते.......

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कर्नाटक में बीजेपी की गिरने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष भी अपनी ख़ुशी जताने सामने आये. इस मौके पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, आर एस एस और बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह पर ज़ोरदार हमला बोला. राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और देश के लोगों और संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर नहीं हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रवैया लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि तानाशाही वाला है. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को अहंकारी बताते हुए कहा कि भारत में ताकत ही सब कुछ नहीं है, बल्कि लोगों की इच्छाशक्ति ही सबकुछ है. हमने जनता को इसके बारे में बताया और बीजेपी के अहंकार की सीमा भी गिनाई. इस देश को कैसे चलाया जाना है इसकी एक सीमा है. जबकि प्रधानमंत्री का मॉडल लोकतांत्रिक नहीं, तानाशाही वाला है. साथ ही राहुल ने कहा कि देश की जनता ने टेलीविजन पर देखा कि किस तरह कर्नाटक विधानसभा में राष्ट्रगान बजने से पहले ही बीजेपी के विधायक उठकर चले गए. ये उनका स्वभाव है कि वे हिंदुस्तान के किसी भी संस्थान की इज्जत नहीं करते हैं. मुझे गर्व है कि कर्नाटक की जनता ने प्रधानमंत्री, बीजेपी के अध्यक्ष और हत्यारोपी अमित शाह को दिखा दिया कि वे लोकतंत्र को खरीद नहीं सकते हैं,  मुझे उम्मीद है कि बीजेपी और आरएसएस ने कर्नाटक से सबक सीखा होगा. राहुल ने कर्नाटक में बीजेपी के ऊपर खरीद-फ़रोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि मीडिया के सामने खुलेआम बीजेपी ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को खरीदने की कोशिश की. लेकिन उनकी एक न चली. वहीँ एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि विपक्ष अपने सहयोग से बीजेपी को हराएगा. देश भर में लगातार हमले हो रहे हैं, बीजेपी और आरएसएस को हम रोकेंगे, देश की जनता और कर्नाटक की जनता की रक्षा की. मैं कर्नाटक के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं.  राहुल ने सीधे प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों की खरीद-फरोख्त को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री कहते हैं कि वे भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं, लेकिन असल में वे खुद भ्रष्टाचार हैं. हमने फोन पर हुई बातचीत सार्वजनिक रूप से रखी है. वे लोग सोचते हैं कि देश की हर संस्था को झुका सकते हैं, और तबाह कर सकते हैं. एक के बाद एक वे जनादेश का अपमान कर रहे हैं.   Read More
  • कर्नाटक: ढाई दिन के मुख्यमंत्री बने यदुरप्पा, विश्वास मत परीक्षण से पहले ही मानी हार, दिया इस्तीफ़ा......

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कर्नाटक का नाटक आख़िरकार ख़त्म हुआ और बीजेपी के मुख्मंत्री यदुरप्पा ने  महज़ ढाई दिन के मुख्यमंत्री बनकर इस्तीफ़ा दे दिया. यदुरप्पा ने विश्वास मत परीक्षण से पहले ही अपनी हार मानते हुए इस्तीफ़ा दे दिया. विश्वास मत पेश करते हुए यदुरप्पा ने कहा की कर्नाटक में कांग्रेस और जेडी(एस) ने हारी हुई बाज़ी जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया है. अपने भाषण के दौरान यदुरप्पा भावुक होते हुए कहा कि अगर राज्य और केंद्र दोनों में बीजेपी सरकार होती तो वो राज्य को एक मॉडल राज्य बनाते, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा. लेकिन वो किसानों की हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे. उन्होंने कर्नाटक के लोगों का शुक्रिया अदा किया और उम्मीद जताई की 2019 में जनता बीजेपी को स्पष्ट बहुमत देते हुए सारी लोकसभा सीट बीजेपी की झोली में डालेगी. अब जब बीजेपी की सरकार गिर गई है तो माना जा रहा है कि राज्यपाल गठबंधन के नेता कुमारस्वामी को सरकार बनाने का न्योता देंगे. वहीँ इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आज़ाद ने कांग्रेस और जेडी(एस) के सारे एमएलए को धन्यवाद और बधाई दी. साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी का धनबल राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं बना सका. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी माननीय न्यायालय का धन्यवाद किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल अब उनके गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता देंगे और कांग्रेस और जेडी(एस) मिलकर कर्नाटक को अगले 5 साल तक स्थाई सरकार देंगे.   Read More
  • क्या आरक्षण के सहारे विश्वगुरु बनेगा भारत..... अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए हिन्दू समाज को बांट रही हैं सारी राजनीतिक पार्टियाँ........

    आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): आरक्षण इस देश में एक ऐसा विषय हो गया है जिसे हर राजनीतिक दल अपने हिसाब से भुनाने में लगा हुआ है. हरेक दल अपने आप को दलितों, पिछड़ों और जनजातियों का हितेषी बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा... लेकिन ऐसे में समाज के कई गैर राजनीतिक संगठन इसके विरोध में भी उतर रहे हैं. जो आरक्षण को ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं या फिर आरक्षण को जाती आधारित न करके बल्कि गरीबी पर आधारित करने की मांग कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब माँ कालका धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्षा और जीवनधारा संघ (एनजीओ) की राष्ट्रिय संरक्षिका सुधा भारद्वाज (माँ) ने आरक्षण के विरुद्ध आवाज़ उठाई. मौका सुधा भारद्वाज के जन्मदिन का था और उसे मनाने के लिए पूरे देश से उनके एनजीओ के पदाधिकारी भी आये हुए थे. ऐसे में आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क भी उनके बुलावे पर वहां पहुंचा और उनसे बातचीत की. सुधा भारद्वाज ने बातचीत में बताया कि आरक्षण एक ऐसा ज़हर है जो समस्त हिन्दू समाज को बांटने का काम कर रहा है. सारे हिन्दू समाज को जातियों में बांटकर राजनीतिक पार्टियाँ अपना उल्लू सीधा कर रही हैं. हर कोई अपने आप को दलितों, पिछड़ों और देश की कुछ जनजातियों का सबसे बड़ा पेरोकार और हितेषी बताने में तुला हुआ है. लेकिन वास्तव में ये कुछ नहीं बल्कि समाज को बांटने का काम हो रहा है जिसे हर एक को समझने की जरुरत है. सुधा भारद्वाज ने आगे कहा कि हमें आज़ाद हुए 70 साल हो चुके हैं. आजतक दलितों को उनका हक क्यों नहीं मिल पाया., और कितना समय लगेगा उनका हक उन्हें मिलने में. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आरक्षण जिस गरीब को मिलना चाहिए वहां तक तो पहुँच ही नहीं पा रहा है. केवल समाज का एक चालाक तबका उसका फायदा उठा रहा है और बाकी लोग केवल उनका मुंह ताकते रह जा रहे हैं. लेकिन अब वक़्त आ गया है जब आरक्षण जाती आधारित नहीं बल्कि गरीबी पर आधारित होना चाहिए. समाज में केवल आरक्षण उन्हीं लोगों को मिलना चाहिए जो इसके वास्तव में हकदार हों. सुधा भारद्वाज ने आगे कहा कि वो इस मुहीम को पूरे देश में लेकर जायेंगी. अभी उनका संगठन तकरीबन 12 राज्यों में समाजसेवा का काम कर रहा है. लेकिन अब वो आरक्षण के मुद्दे  को लेकर पूरे देश में जायेंगीं और जनजागृति का काम करेंगीं. वहीँ जब उनसे उनकी राजनीतिक मंशा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिलहाल राजनीति में जाने से मना किया, लेकिन इतना कहा कि आने वाले चुनावों में वो और उनका संगठन केवल उसी दल का समर्थन करेगा जो सब जातियों के हितों की बात करेगा और आरक्षण को जाती आधारित न करके गरीबी आधारित करने की वकालत करेगा. वहीँ जब उनसे दलित विरोधी होने क सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ़ कहा कि वो सब जातियों का सम्मान करती हैं. उनके लिए बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर भी उतने ही सम्माननीय हैं जितने की पंडित मदन मोहन मालवीय. इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि जब बाबा साहेब ने आरक्षण की व्यवस्था की थी तो साथ ही कुछ समय के पश्चात उसकी समीक्षा की बात भी कही थी. लेकिन आज हो क्या रहा है. समाज में केवल कुछ चालाक लोग उसका फायदा उठा रहे हैं जबकि जो उस आरक्षण का वाकई हक़दार है वो उससे महरूम है. ऐसे में क्या कसूर है उस ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समुदाय के बच्चे का जो इस आरक्षण के कारण दूसरों से बढ़िया नंबर लाने के बावजूद भी न तो कहीं दाखिला ले पा रहा है और न कहीं नौकरी. आखिर ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज के लोगों का क्या कसूर है जो ये सजा उनको दी जा रही है. और सरकार हमें ये बताये कि और कितने समय के बाद समाज के इन वर्गों को उनका हक मिलेगा? और कितने समय तक समाज में ऐसी व्यवस्था लागू रहेगी? अब वक़्त आ गया है जब समाज के सब वर्गों को इसके खिलाफ आवाज़ उठानी होगी. मैं इस मुहीम को पूरे देश में लाकर जाउंगी. हम सबको जगाने का काम करेंगे और अगर जरुरत पड़ी तो सब राजनीतिक पार्टियों को आने वाले चुनावों में सबक भी सिखायेंगे. इस मौके पर जीवनधारा एनजीओ के देश के काफी प्रदेशों के पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए जिनमें जीवन धारा संघ के राष्ट्रीय अध्य्क्ष गोविंद पाण्डेय, गौ रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री योगेश भाटी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रवि मित्तल ,राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रभुदयाल शर्मा , राष्ट्रीय संयोजिका श्री मति लक्ष्मी ठाकुर, राष्ट्रीय महिला सहसचिव मीनाक्षी शुक्ला, मुम्बई से आरिफ अली, हिमाचल से बिमला उत्तर प्रदेश से अध्यक्ष  श्री अभय शुक्ला, दिल्ली से आशु शर्मा,  नोएडा से अध्यक्ष श्री राहुल सिंह  और 50 से अधिक सदस्य के नाम शामिल हैं. Read More
  • हरियाणा: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद के घटनाक्रम को लेकर मोदी सरकार पर बरसे कैप्टेन अजय यादव, बोले: पीएम की मनमानी देश में लोकतंत्र के लिए खतरा, सब दलों को मिलकर करना होगा विरोध....

    आवाज़(बी.डी. अग्रवाल): कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश भर में कांग्रेस विरोध जता रही है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है. यहाँ के भी तमाम बड़े नेताओं ने बीजेपी पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है. ऐसा ही कुछ रेवाड़ी से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टेन अजय यादव ने कहा. उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव नतीजों में कांग्रेस पार्टी और जेडीएस के 116 विधायक होने के बावजूद भी राज्यपाल द्वारा पहले भाजपा को बुलाया गया, जबकि मणीपुर और गोवा में कांग्रेस पार्टी के सबसे ज्यादा विधायक होने के बाद भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा नही बुलाया गया. यह सरेआम लोकतंत्र की हत्या है.   अजय यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जो मनमानी की जा रही है, यह देश के लिए बहुत बडा खतरा है. सत्ता हथियाने के लिए भाजपा द्वारा सारे अनैतिक काम किए जा रहे हैं. इसके लिए देश के सभी राजनीतिक दलों को एक होना चाहिए. साथ ही वनारस हादसे पर बोलते हुए कैप्टेन अजय सिंह यादव ने कहा कि बडे शर्म की बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में निमार्णाधीन पूल गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई. जिसके लिए मैं अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. लेकिन जब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ही इतनी बडी लापरवाही हो रही है तो फिर देश का क्या हाल होगा. लेकिन प्रधानमंत्री को इसकी कतई फिक्र नही है. वो तो कर्नाटक में सरकार बनवाने के लिए विधायकों की खरीद फ़रोख्त में व्यस्त हैं. पूर्व मंत्री ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में राज्यपाल को चाहिए कि सरकार बनाने के लिए सबसे पहले कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन को बुलाना चाहिए. ताकि सरकार स्थाई रह सके. Read More
  • सम्पादकीय(हरियाणा):खट्टर ने काले ब्राह्मण वाले सवाल पर आयोग के चेयरमैन को किया सस्पेंड, उम्मीद है काले ब्राह्मण की ताकत भारत भूषण भारती को पता चल गई होगी.........

    आवाज़(मुकेश शर्मा, गुरुग्राम): इस देश में वैसे तो कई चीज़ों को लेकर विवाद होना रोज़ की बात है लेकिन कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जब हर कोई ये सोचने पर मजबूर हो जाता है की क्या वाकई हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. जहाँ हर कोई धर्म, जाती, पंथ से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की सोचे. लेकिन हरियाणा में हुए इस वाकये को देखकर ऐसा नहीं लगता जहाँ सरकार ने ही एक परीक्षा में जाती सूचक प्रशन पूछकर पूरे देश में हैरत में डाल  दिया. पूरे देश के ब्राह्मणों और ब्राह्मण संगठनों ने इसका विरोध किया. पहले तो सरकार ने इस विरोध को नज़रंदाज़ करने की कोशिश की लेकिन जब हालात काबू में आते न दिखे तो आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आखिरकार आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड करके मामले को शांत करने का प्रयास किया है. गौरतलब है कि इस मामले में सरकार की और से कहा गया है कि मामले की जांच पूरी होने तक आयोग के चेयरमैन निलंबित रहेंगे जिसकी पुष्टि सूबे के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने भी कर दी है. साथ ही बताया जा रहा है कि सरकार जूनियर इंजिनियर की परीक्षा पत्र तैयार करने वाले परीक्षक के खिलाफ भी केस दर्ज़ कर सकती है. दरअसल आज ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने को लेकर सूबे के मंत्रियों, विधायकों और दूसरे ब्राह्मण नेताओं ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की जिसके बाद ये फैसला लिया गया की जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती निलंबित रहेंगे. हरियाणा के इतिहास में ये पहला मौका है जब कर्मचारी आयोग के चेयरमैन को किसी मामले में निलंबित किया गया हो. गौरतलब है कि पिछले दस अप्रैल को हुई इंजीनियरिंग की परीक्षा का 75वां प्रशन विवादित रहा जहाँ ये पूछा गया था कि हरियाणा में क्या अपशकुन नहीं माना जाता है? जिसके चार विकल्प दिए गये थे. इसमें से दो विकल्पों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, तीसरे विकल्प में काले ब्राह्मण से मिलना और चौथे विकल्प में ब्राह्मण कन्या को देखना का विकल्प दिया गया था.इस प्रशन का सही उत्तर ब्राह्मण कन्या को देखना बताया गया था. जैसे ही ऐसे प्रशन का परीक्षा में आने की ख़बर हरियाणा के साथ-साथ देश में लोगों को लगी तो विरोध होना शुरू हो गया और विवाद इतना बढ़ गया की आखिरकार सरकार को आयोग के चेयरमैन को निलम्बित करना पड़ा. आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क को पूरी उम्मीद है कि सरकार के साथ-साथ आयोग के चेयरमैन को अब हरियाणा में काले ब्राह्मण और ब्राह्मण कन्या की ताकत का एहसास हो गया होगा. एक इंसान होने के नाते मुझे खुद इस बात पर शर्म आती है की आज हम कहाँ खड़े हैं? 21 वीं सदी में जब हम धर्म जातपात से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की बात करते हैं ऐसे में हमारी सरकारें इस तरह के प्रशन पूछकर न केवल अपने दिमागी दिवालियेपन का सबूत देती हैं बल्कि समाज में एक ऐसे भयंकर बीज को रोपित कर रही हैं जो कभी भी इस समाज को एक नहीं होने देंगी. आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क की पूरी टीम की तरफ से हरियाणा के साथ-साथ पूरे देश के उन ब्राह्मणों को प्रणाम जिन्होंने सरकार के इस घटिया सवाल को लेकर आवाज़ उठाई और उम्मीद है की आगे से ऐसे किसी भी प्रशन को नहीं पूछा जाएगा फिर चाहे वो किसी भी धर्म, जाती पंथ, सम्प्रदाय से जुड़ा हुआ हो... भारती जी आपके लिए सलाह फ्री में है, ले लीजिये, काम आएगी...... भविष्य में ऐसे किसी भी विवाद कन्नी काटिएगा क्योंकि अगर आपको ऐसे ही प्रशन पूछने हैं तो जवाब मेरा ये है कि........ हाँ मैं भी हूँ काला ब्राह्मण.... आपके लिए अपशकुन.........   Read More
  • हरियाणा: रेवाड़ी बार एसोसिएशन ने राजस्थान राज्यसभा सांसद भूपेंद्र से की राजस्थान पुलिस की शिकायत, दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग ......

    आवाज़(बी.डी. अगरवा, रेवाड़ी): राजस्थान के भिवाड़ी फूलबाग थाना के पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आज तीसरे दिन भी रेवाड़ी कोर्ट में वकीलों ने कामकाज ठप रखा । साथ ही वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान राज्यसभा से सांसद भूपेंद्र यादव से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचा जहां भूपेंद्र यादव ने राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से वकीलों के खिलाफ हुई ज्यादती को लेकर बातचीत की, जिसके बाद गुलाबचंद कटारिया ने वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को आज शाम 7:30 बजे जयपुर में मिलने के लिए आमंत्रित किया है। इसके साथ ही वकीलों का यह प्रतिनिधिमंडल बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा से मुलाकात कर लौटा है। चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर उनकी करतूतों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करने के लिए याचिका फाइल करेंगे। इसके बाद रविंदर यादव जिला बार प्रधान के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने बार एसोसिएशन ऑफ सुप्रीम कोर्ट के सचिव विक्रांत यादव से मुलाकात की और अपने साथ हुई ज्यादती का विस्तार से वर्णन किया जिसको सुनकर विक्रांत यादव ने कहा कि वह शीघ्र ही राजस्थान पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाएंगे ।दिल्ली मुलाकात करने के बाद यह प्रतिनिधिमंडल जयपुर के लिए रवाना हो गया जहां उनकी मुलाकात गुलाबचंद कटारिया गृह मंत्री राजस्थान सरकार से तय है। वकीलों के प्रधान रविंद्र यादव ने बताया कि सभी जगह से उन्हें व्यापक सहयोग मिल रहा है जिसके चलते बृहस्पतिवार को तिजारा ,भिवाड़ी ,नीमराना तथा बहरोड़ जिला बार एसोसिएशन ने भी आज पूरे दिन कार्य स्थगित रखा और पुलिस क्लब पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की इस दौरान तिजारा के वकीलों ने जुलूस भी निकाला जिला बार के प्रधान रविंदर यादव ने बताया कि उनके साथ प्रतिनिधि मंडल में सुरेश राव गजराज उपाध्यक्ष राजीव यादव कोषाध्यक्ष विशाल यादव राजेंद्र सिंह कामरेड, केवल खुराना, विश्वामित्र, एसएन वशिष्ठ, रविदत्त कोशिक, मनोज शर्मा, अनिल राव, ईश्वर यादव व बार कौंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के सदस्य प्रवेश यादव शामिल थे। Read More
  • कर्नाटक: सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस बरकरार, बीजेपी की और से यदुरप्पा चुने गये विधायक दल के नेता, वहीँ जेडीएस-कांग्रेस भी कर रहे सरकार बनाने का दावा, गेंद अब राज्यपाल के पाले में....

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कर्नाटक में सियासी नाटक अपने चरम पर है जहाँ विधानसभा चुनाव के नतीजों ने तमाम सियासी पार्टियों की नींद उड़ा रखी है और जोड़-तोड़ की राजनीति उफान ले रही है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी तो बनकर उभरी लेकिन बहुमत के आंकड़े को पा नहीं कर पाई. उसे 104 सीटों से ही संतोष करना पडा. वहीँ कांग्रेस ने 78 सीटें जीतीं तो जेडीएस के खाते में 37 सीटें आईं. अब राज्य में सरकार किसकी बने ये सबसे बड़ा यक्ष प्रशन बनकर सब पार्टियों के सामने खडा हो गया है. हालांकि कांग्रेस ने नतीजे देखकर तुरंत जेडीएस के सामने बिना शर्त समर्थन की बात कहकर बीजेपी को करारा झटका दिया और अब उनके पास वो अंक गणित है जिसके सहारे वो सरकार बना सकते हैं लेकिन सवाल यहाँ भी फिर से व्ही है कि क्या वाकई  चुनाव परिणामों के बाद हुए इस बेमेल गठबंधन से इन दोनों पार्टियों के विधायक संतुष्ट हैं. कांग्रेस की मुख्य लड़ाई बीजेपी को सत्ता से दूर रखना है वहीँ जेडीएस के दोनों हाथों में लड्डू हैं. लेकिन अब गेंद सीधे-सीधे राज्यपाल के पाले में है कि वो किसको सरकार बनाने के लिए पहले आमंत्रित करते हैं. संविधान विशेषज्ञों की मानें तो राज्यपाल  स्थिति में सबसे बड़े दल को ही सरकार बनाने के लिए न्योता देंगे जिसकी कि उम्मीद भी की जा रही है. अगर सबसे अ दल सरकार बनाने में सक्षम नहीं है तो वो इस स्थिति में जेडीएस-कांग्रेस को बुलाएँगे और अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए कहेंगे. इसी रस्साकसी के बीच बीजेपी विधायकों ने आज वीएस यदुरप्पा को विधायक दल के नेता चुन लिया है. उन्होंने दावा किया है कि वह कल (गुरुवार) को शपथ लेंगे. विधायक दल की बैठक के बाद येदियुरप्पा और प्रकाश जावड़ेकर राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं, जहाँ उन्होंने 104 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है वहीँ कुछ और विधायकों के समर्थन की भी बात कही है. वहीँ कांग्रेस और जेडीएस बीजेपी के ऊपर उनके विधायकों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस ने अपने तमाम विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करने की योजना बनाई है जिसके लिए उन्होंने एक रिसोर्ट में 120 कमरे भी बुक करवा दिए हैं. जेडीएस भी अपने विधायकों को एक करने की लामबंदी कर रही है. यानी सियासी ड्रामा अपने चरम पर है और क्या गुल खिलायेगा इसपर पूरे देश की नजर रहेगी..... आवाज़ न्यूज़ नेटवर्क भी आपको तमाम उप्दतेस देता रहेगा..... Read More
  • हरियाणा: कुमारी शैलजा को मिल सकती है हरियाणा कांग्रेस की कमान, साथ ही तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बनाई जा सकती है एक कमेटी.......!

    आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद देश भर में कांग्रेस पार्टी और संगठन में भारी फेरबदल देखने को मिल सकते हैं. जिसका सीधा असर हरियाणा कांग्रेस पर भी पड़ेगा. सूत्रों की मानें तो यहाँ भी पार्टी और संगठन में फेरबदल की सम्भावनाएं बढ़ गई हैं. सूबे में गुटबाजी पर रोकथाम लगाने और कांग्रेस के मिशन 2019 को सफल बनाने के लिए हरियाणा कांग्रेस में भी बड़े पैमाने पर बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान प्रदेश में गुटबाजी के मसले पर बेहद गंभीर है. अब वो कुछ इस   तरह से पार्टी की बुनियाद को मजबूत करना चाहती है कि कोई भी नेता सूबे में कांग्रेस से बड़ा न बन जाए. यानी सबकी पहचान कांग्रेस से हो, नाकि कांग्रेस की पहचान किसी बड़े हरियाणा के नेता से हो. मतलब साफ़ है कांग्रेस में अब सबको राहुल गाँधी के नेत्रित्व में आगे बढ़ना है जहाँ सबको उनके आदेशों का पालन करते हुए बिना किसी गुटबाजी के सबको साथ लेकर आगे बढ़ना होगा. सूत्रों की मानें तो सबसे बड़ा बदलाव जो देखने को मिल सकता है वह कांग्रेस अध्यक्ष पद होगा. जहाँ कांग्रेस पार्टी आलाकमान तंवर को हटाकर कुमारी शैलजा को मौका दे सकती है. राजनितिक पंडितों के मुताबिक पार्टी इस फैसले से एक तीर से कई शिकार कर रही है. एक तो सूबे में दो खेमों(हुड्डा-तंवर) में बंटी कांग्रेस किसी तीसरे के नेत्रित्व को आसानी से स्वीकार कर पायेगी, दूसरा सूबे में अभी हालिया हुए इनेलो-बसपा गठबंधन को भी मात दे पायेगी. क्योंकि पार्टी को डर है कि कहीं इनेलो कांग्रेस के दलित वोट-बैंक पर इस नए गठबंधन पर सेंध न लगा दे. ऐसे में कुमारी शैलजा एक ऐसा चेहरा हैं जो गाँधी परिवार के नजदीकी होने के साथ-साथ हरियाणा में भी अपना एक जनाधार रखती है. वहीँ बीजेपी को भी पार्टी अपनी इस रणनीति से घेरने की फिराक में है. कांग्रेस ये भली-भाँती जानती है कि अगर कुमारी शैलजा को हरियाणा की कमान सौंपी जाती है तो इसका असर पूरे में हरियाणा में तो होगा ही साथ ही अंबाला, यमुना नगर, पानीपत, सोनीपत से लेकर भिवानी-महेंद्रगढ़ तक पार्टी के साथ दलित वोट बैंक कांग्रेस के साथ जुड़ेगा जिसका फायदा उन्हें 2019 में मिलेगा और ये वो इलाके हैं जहाँ बीजेपी पिछले चुनावों में अच्छी सीटें जीतकर आई थी. लेकिन शैलजा की राहें भी यहाँ बहुत आसान नहीं होगीं क्योंकि सूत्रों का कहना है कि पार्टी का शैलजा को अध्यक्ष न्युक्त करने का मतलब ये कतई नहीं है कि सारी शक्तियां उनके पास रहेंगी, बल्कि पार्टी गुटबाजी पर रोकथाम लगाने के लिए अध्यक्ष पास के साथ एक कमेटी का भी गठन करने जा रही है जिसमे प्रदेश के कई बड़े चेहरों को तरजीह दी जायेगी. सूत्रों की मानें तो इस कमेटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी, अशोक तंवर जैसे कई नेता शामिल होंगे कोई भी फैसला कुमारी शैलजा अकेले नहीं बल्कि इन सब की सहमति से लेंगी. ताकि सूबे में बढती गुटबाजी पर भी लगाम लगाईं जा सके और सारे नेता मिलजुलकर सूबे में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए काम करें. अब क्या वाकई ऐसा होता है ये तो तब पता चलेगा जब कुमारी शैलजा अध्यक्ष बनेंगी और क्या वाकई सारे हरियाणा के नेता मिलजुल कर पार्टी के लिए काम करेंगे ये भी देखने वाली बात होगी. Read More
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