• प्रधानमन्त्री मोदी से मिले रिज़र्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल..... सरकार और RBI के बीच चल रही खींचतान का होगा जल्द समाधान....!

    आवाज़(मुकेश शर्म, दिल्ली): पिछले कुछ समय से सरकार और रिजर्व बैंक के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर खींचतान जारी है....जिसे लेकर विपक्षी कांग्रेस रोज़ चुटकी तो ले ही रही है साथ ही सरकार पर संस्थानों की स्वायत्त को ख़त्म करने का आरोप भी लगा रही है.... लेकिन इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने 9 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी से मुलाकात की है.....सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को पटेल दिल्ली में थे और उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. साथ ही ये भी जानकारी मिल रही है इस मुलाकात के बाद अब RBI और सरकार के बीच चल रही इस खींचतान का अंत हो सकता है. जिसका सीधा फायदा छोटे और मंझोले उद्योगों को मिल सकता है.... दरअसल पिछले कई हफ्तों से सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है. उम्मीद की जा रही है कि पटेल की मोदी से मुलाकात का मकसद सरकार के साथ जारी खींचतान का समाधान खोजना हो सकता है. सूत्रों की मानें तो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा छोटे एवं मझोले उद्योगों को ऋण देने की विशेष व्यवस्था के संकेत मिले हैं. लेकिन यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए नकदी की स्थिति को आसान बनाने और आरबीआई के अपने अधिशेष में से कुछ राशि जारी करने पर कोई सहमति बनी है अथवा नहीं.  गौरतलब है कि सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच स्वायत्तता के मुद्दे को लेकर काफी तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस खींचतान के चलते वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक कानून की धारा सात के तहत विचार विमर्श शुरू किया है. जिसके मुताबिक सरकार को जनहित के मुद्दों पर रिजर्व बैंक गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार है. इससे पहले सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ जारी खींचतान के बीच बीते शुक्रवार को स्पष्ट किया वह इस समय इस विषय में चर्चा कर रही है कि केंद्रीय बैंक के पास आरक्षित पूंजी कितनी होनी चाहिए और इसका उपयुक्त पैमाना क्या हो सकता है? हालांकि सरकार ने इस बात से इंकार किया कि वह भारतीय रिजर्व बैंक के पास पड़े विशाल आरक्षित कोष में से कुछ राशि मांग रही है. दरअसल रिजर्व बैंक के पास 9.59 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का भंडार है. अगर खबरों को सही माना जाए तो सरकार इस राशि का एक तिहाई हिस्सा बाजार में डालना चाहती है. इसके साथ ही सरकार कमजोर वाणिज्य बैंकों पर लागू पाबंदियों में कुछ ढील की भी मांग कर रही है. लेकिन हाल ही में जिस प्रकार से देश के कई बड़े उद्योगपति देश का पैसा लेकर फरार हुए और कई एनपीए हुए उसके बाद आरबीआई ने कई तरह के कड़े नियम बनाए हैं जिसमे वो ढील देने को तैयार नहीं है.... सरकार और आर बी आई के बीच इसी बात को लेकर खींचतान चल रही है. Read More
  • नहीं रहे केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अनंत कुमार, PM ने जताया शोक, झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज....

    आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया है. वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे. अनंत कुमार कैंसर से पीड़ित थे. उन्होंने 59 साल की उम्र में बेंगलुरु में अंतिम सांस ली. अनंत कुमार कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ से सांसद थे.वह केंद्र  सरकार में संसदीय कार्यमंत्री थे. उन्होंने आज(सोमवार) 1 बजकर 50 मिनट पर अंतिम सांस ली. अनंत कुमार के पार्थिव शरीर को सुबह 9 बजे के बाद बेंगलुरु के नेशनल कॉलेज ग्राउंड पर रखा जाएगा, जहां पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे पाएंगे. उनके निधन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश में राष्ट्रध्वज आधा झुकाने का निर्देश दिया है. इसी के मुताबिक राष्ट्रीय शोक भी मनाया जाएगा. वहीँ अनंत कुमार के निधन पर शोक जताते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, 'अनंत कुमार का निधन देश के सार्वजनिक जीवन में बहुत बड़ी क्षति है, खासकर कर्नाटक के लोगों के लिए. उनके परिवार, सहयोगी और अनंत शुभेच्छुओं को मेरी सांत्वना.' पीएम मोदी ने ट्वीट कर अनंत कुमार के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने लिखा कि अहम सहयोगी और दोस्त के निधन से दुखी हूं. अनंत कुमार के परिवार और समर्थकों के लिए संवेदनाएं. उन्होंने कर्नाटक में पार्टी को मजबूत किया..... अनंत कुमार के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'अनंत कुमार जी के निधन से मैं दुखी हूं. उनके परिजनों और मित्रों को मेरी सांत्वना. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दुख जताते हुए कहा, 'मैंने अपना परम मित्र खो दिया. वे आदर्शों वाले राजनेता थे जिन्होंने एक सांसद और मंत्री के तौर पर देश को बहुत कुछ दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिजनों और सगे-संबंधियों को दुख सहने की क्षमता दे.' गौरतलब है कि अनंत कुमार पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे. बेंगलूरु साउथ से लगातार 6 बार जीत हासिल करने वाले अनंत कुमार को फेफड़ों का कैंसर था. उनका इलाज लंदन और न्यू यॉर्क में भी हुआ था.   Read More
  • कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी मोदी सरकार ने SC में बताया- क्यों और कैसे खरीदा राफेल, सार्वजनिक की पूरी प्रक्रिया.....

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): राफेल विमान डील पर छिड़े विवाद ने अभी भी राजनीतिक तूल पकड़ा हुआ है. राजनीति के अलावा इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई जारी है. सोमवार को केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपे. केन्द्र सरकार ने 36 राफेल विमानों की खरीद के संबंध जो भी फैसले लिए गए हैं, उन सभी की जानकारी याचिकाकर्ता को सौंप दी है. राफेल विवाद से जुड़ी याचिका वरिष्ठ वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी. केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 पेज के दस्तावेज सौंपे हैं, जिनमें इस डील का पूरा इतिहास, प्रक्रिया को समझाया गया है.  सरकार ने दस्तावेजों में कहा है कि उन्होंने राफेल विमान रक्षा खरीद प्रक्रिया-2013 के तहत इस खरीद को अंजाम दिया है. विमान के लिये रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी ली गई थी, भारतीय दल ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत की. दस्तावेजों में कहा गया कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी ली गई. साथ ही केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि राफेल पर भारतीय ऑफसेट पार्टनर चुनने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. ये पूरी तरह से ऑरिजनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरर ( OEM) यानी डेसाल्ट एविएशन का फैसला था. दस्तावेज में बताया गया है कि आफसेट पार्टनर का चुनाव दो निजी कंपनियों का फैसला था, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी. आपको बता दें कि अपनी याचिका में याचिकाकर्ता के द्वारा अपील की गई थी कि केंद्र सरकार को राफेल विमान के दाम सार्वजनिक करने चाहिए. देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस मामले में सरकार पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाती रही है. हालांकि, सरकार का पक्ष रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर राफेल विमान की कीमतों का खुलासा नहीं किया जा सकता है.       Read More
  • हरियाणा: अनुशासन समिति की सिफारिश के बाद दुष्यंत-दिग्विजय इनेलो से बाहर, बड़ा सवाल: क्या हरियाणा के इस सियासी घराने का सूरज भी डूब रहा है........!

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): हरियाणा के सबसे पुराने सियासी घरानों में से एक चौटाला परिवार की लड़ाई पहले जगजाहिर हुई और अब वर्चस्व की ये जंग एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गई जहाँ से ये सवाल उठना लाजिमी हो गया कि क्या अब इस सियासी घराने का भी सूरज डूबने की कगार पर है..... दरअसल इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने अपने पोतों दिग्विजय और दुष्यंत को अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद पार्टी से निकाल दिया है.... ख़ास बात ये है कि अनुशासनहीनता के आरोपों को झेल रहे दिग्विजय और दुष्यंत के खिलाफ चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ही गवाह बने हैं जिसके परिणामस्वरूप हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला को को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है वहीँ  दिग्विजय चौटाला इनसो के राष्ट्रिय अध्यक्ष पद से तुरंत प्रभाव से बाहर कर दिया गया है.... एक और गौर करने वाली बात ये है कि आमतौर पर अगर किसी को भी पार्टी से बाहर निकला जाता है तो उसमे कुछ समयसीमा तय होती है लेकिन इन दोनों के मामले में कोई समयसीमा तय नहीं की गई है यानी मतलब साफ़ है कि ओम प्रकाश चौटाला के इस कदम के बाद अब इनेलो की बागडोर अभय चौटाला के हाथों में रहेगी......और वो अपने हिसाब से पार्टी को चलाएंगे..... इनेलो सुप्रीमो ने ये कदम अपने ज्येष्ठ पुत्र अजय चौटाला के तिहाड़ जेल से बाहर आने से ठीक एकदम पहले उठाया है....साथ ही इनेलो सुप्रीमो ने दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया है..... गौरतलब है कि चौटाला परिवार के अभय चौटाला और दुष्यंत चौटाला के बीच पिछले काफी समय से वर्चस्व की ये जंग चल रही थी....सूबे में कई जगह से कार्यकर्ताओं के बीच बार-बार दुष्यंत को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग उठ रही थी....लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया.... जिसके परिणामस्वरूप 7 अक्टूबर को गोहाना में चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस के मौके पर आयोजित एक रैली में परिवार की ये जंग सार्वजनिक तौर पर सामने आई.... रैली के दौरान अभय चौटाला के भाषण के दौरान जबरदस्त हूटिंग हुई और उन्हें बोलने नहीं दिया गया....जिससे पार्टी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला काफी आहत हुए और उन्होंने दुष्यंत और दिग्विजय को इसके पीछे जिम्मेवार मानते हुए उन्हें 11 अक्टूबर को एक नोटिस जारी करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया....बाद में इस मामले को शमशेर सिंह बद्गामी की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति के पास भेजा गया जहाँ दिग्विजय और दुष्यंत को दोषी पाया गया.... सांसद बने रहेंगे दुष्यंत..... हालांकि इनेलो सुप्रीमो के इस कदम के बाद भी दुष्यंत सांसद बने रहेंगे...नियमों के मुताबिक अगर वो खुद पार्टी छोड़ते तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा देना पड़ता लेकिन यहाँ पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है तो ऐसे में वे सांसद बने रहेंगे.... इनेलो में शुरू हुआ इस्तीफों का दौर..... इनेलो सुप्रीमो के इस कदम के बाद पार्टी में अजय चौटाला के गुट के कई बड़े नेता नाराज़ बताये जा रहे है... जिसके चलते अब पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है.....पुण्डरी से इनेलो के पूर्व विधायक मक्खन सिंह ने पार्टी हाई-कमान के इस कदम के बाद फैसले के विरोध में अपना इस्तीफ़ा दे दिया है.... उनके बेटे और पार्टी के लीगल सेल के प्रधान रहे रणदीप कॉल ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.... साथ ही इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने भी इनेलो को अलविदा कह दिया है.... ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अब पार्टी में इस्तीफों का दुआर और तेज़ होगा और दुष्यंत और दिग्विजय से सम्बन्धित कई पार्टी अधिकारी इनेलो को अलविदा कह सकते हैं....जो निश्चित तौर पर इनेलो के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित होगा साथ ही अगर पार्टी दो धड़ों में बंट जाती है लम्बे समय बाद सत्ता में आने की उम्मीद भी धरी की धरी रह जायेगी.... दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से बाहर करना मेरे लिए सबसे कठिन फैसला: ओम प्रकाश चौटाला.... वहीँ इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने कहा है कि दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से बाहर करना उनके लिए बहुत मुश्किल फैसला था.... लेकिन मैं अपने सम्पूर्ण जीवन में जननायक चौधरी देवीलाल के सिद्धांतों का पालन करता रहा हूँ इसलिए मेरा मानना है कि पार्टी हमेशा परिवार से बड़ी होती है....मैंने पार्टी से कहा है कि दुष्यंत और दिग्विजय का निष्कासन तुरंत प्रभाव से लागू हो.....गौरतलब है कि इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला की तबियत अभी ख़राब चल रही है जिसके चलते वो लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती हैं..... पार्टी हितैषियों और समर्थकों को अब अंतिम उम्मीद अजय चौटाला से.... इनेलो के इस बिखराव के बाद पूरे हरियाणा में इनेलो के समर्थकों में मायूसी छाई हुई है... सब जगह इनेलो के इस विघटन के बाद ऐसी भविष्यवाणीयां की जा रही हैं की जैसे मानों इनेलो का अस्तित्व खतरे में आ गया है... लेकिन इन सब के बीच इनेलो समर्थकों को उम्मीद है कि जैसे ही अजय चौटाला बाहर आयेंगे तो वो अपनी दूरदर्शिता और परिवार की एकता के मद्देनजर ऐसे कदम उठायेंगे जिससे न केवल इनेलो फिरसे एक होगी बल्कि पूरे दम-खम के साथ आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सत्ता में काबिज़ होगी....क्या अजय चौटाला ऐसा कर पाएंगे...? क्या अजय चौटाला पार्टी को फिरसे एक कर पाएंगे.... या फिर पार्टी दोफाड़ हो जायेगी... ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि पिछले कई सालों से सत्ता से बाहर रहने वाली इनेलो के लिए ऐसे समय में ये कदम आत्मघाती साबित होगा जिसका खामियाजा उन्हें आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा.....     Read More
  • MP विधानसभा चुनाव: BJP ने जारी की 177 उम्मीदवारों की सूची, वरिष्ठ नेता माया सिंह का टिकट कटा, संगठन में जिम्मेवारी मिलने की सम्भावना......

    आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहलीसूची जारी कर दी है. जिसमे 177 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है. इसके अलावा बीजेपी ने तेलंगाना के लिए 28 और मिजोरम के लिए 24 उम्मीदवारों की घोषणा की. सूची पर एक नजर डालें तो इसमें ख़ास बात ये है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी परंपरागत सीट बुधनी से ही चुनाव लड़ेंगे जबकि  बीजेपी ने राज्य सरकार में मंत्री माया सिंह का टिकट काट दिया है. इस बार ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार को टिकट दिया गया है. माया सिंह का टिकेट कटा है और इस बात की सम्भावना जताई जा रही है कि माया सिंह को या तो संगठन में कोई बड़ी जिम्मेवारी दी जा सकती है या फिर उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकेट दिया जा सकता है........ मंत्रियों के नामों की सूची जिन्हें फिरसे मिला टिकेट...... भूपेन्द्र सिंह (खुरई), नरोत्तम मिश्रा (दतिया), यशोधरा राजे सिंधिया (शिवपुरी), गोपाल भार्गव (लहरी), राजेन्द्र शुक्ल (रीवा), संजय पाठक (विजयराघगढ़), विश्वास सारंग (नरेला), उमाशंकर गुप्ता (भोपाल  दक्षिण पश्चिम), गौरीशंकर बिसेन (बालाघाट), पारस जैन (उज्जैन उत्तर), सुरेंद्र पटवा (भोजपुर), रामलाल (सिलवानी), दीपक जोशी (हाटपिपल्या)...... दरअसल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 2 नवंबर से शुरू हो रही है, जो 9 नवंबर तक चलेगी. मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव होंगे. मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं. उम्मीदवारों के नाम बीजेपी की इलेक्शन कमेटी की बैठक में तय हुए. इस बैठक में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज समेत अन्य सदस्य शामिल हुए.   Madhya Pradesh BJP Candidate List:-   1. 1 Sheopur Shri Durgalal Vijay 2. 2 Vijaypur Shri Sitaram Aadiwasi 3. 3 Sabalgarh Smt. Sarla Rawat 4. 4 Joura Shri Subedar Singh 5. 5 Sumawali Shri Ajab Singh Kushwaha 6. 6 Morena Shri Rushtam Singh 7. 9 Ater Shri Arvind Singh Bhadiriya 8. 11 Lahar Shri Rashal Singh 9. 13 Gohad (SC) Shri Lalsingh Arya 10. 14 Gwalior Rural Shri Bharat Singh Kushwah 11. 15 Gwalior Shri Jaibhan Singh Pawaiya 12. 16 Gwalior East Shri Satish Sikarwar 13. 17 Gwalior South Shri Narayan Singh Kushwah 14. 20 Sewda Shri Radhelal Baghel 15. 22 Datia Shri Narottam Mishra 16. 23 Karera (SC) Shri Rajkumar Khatik 17. 24 Pohari Shri Prahlad Bharti 18. 25 Shivpuri Smt. Yashodhara Raje Scindia 19. 26 Pichhore Shri Pritam Lodhi 20. 28 Bamori Shri Brijmohan Azad 21. 29 Guna (SC) Shri Gopilal Jatav 22. 30 Chachoura Smt. Mamta Meena 23. 31 Raghogarh Shri Bhupendra Raghuvanshi 24. 32 Ashok Nagar (SC) Shri Ladduram Kori 25. 33 Chanderi Shri Bhupendra Dwivedi 26. 34 Mungaoli Shri K.P. Yadav 27. 35 Bina (SC) Shri Mahesh Rai 28. 36 Khurai Shri Bhuepndra Singh 29. 37 Surkhi Shri Sudhir Yadav 30. 38 Deori Shri Teji Singh Rajput 31. 39 Rehli Shri Gopal Bhargav 32. 40 Naryoli (SC) Shri Pradeep Lariya 33. 41 Sagar Shri Shialendra Jain 34. 42 Banda Shri Harvansh Rathore 35. 43 Tikamgarh Shri Rakesh Giri 36. 44 Jatara (SC) Shri Harishankar Khatik 37. 45 Prithvipur Shri Abhay Yadav 38. 47 Khargapur Shri Rahul Lodhi 39. 48 Maharajpur Shri Manvendra Singh 40. 49 Chandla (SC) Shri Rajesh Prajapati 41. 51 Chhatarpur Smt. Archana Singh 42. 53 Malhara Smt. Lalita Yadav 43. 55 Damoh Shri Jayant Malaiya 44. 57 Hatta (SC) Shri P.L. Tantuway 45. 58 Pawai Shri Brijendra Pratap Singh 46. 59 Gunnaor (SC) Shri Rajesh Verma 47. 61 Chitrakoot Shri Surendra Gaharwar 48. 62 Raigaon (SC) Shri Jugal Kishore Bagri 49. 63 Satna Shri Shankar Lal Tiwari 50. 64 Nagod Shri Nagendra Singh 51. 65 Maihar Shri Narayan Tripathi 52. 67 Rampur-Baghelan Shri Vikram Singh 53. 68 Sirmour Shri Divyaraj Singh 54. 69 Semariya Shri K.P. Tripathi 55. 70 Teonthar Shri Shyamlal Dwivedi 56. 71 Mauganj Shri Pradeep Patel 57. 72 Deotalab Shri Girish Goutam 58. 73 Mangawan (SC) Shri Panchulal Prajapati 59. 74 Rewa Shri Rajendra Shukla 60. 75 Gurh Shri Nagendra Singh 61. 76 Churhat Shri Shardendu Tiwari 62. 77 Sidhi Shri Kedar Nath Shukla 63. 79 Chitrangi (ST) Shri Amar Singh 64. 80 Singrauli Shri Ramlallu Vaishya 65. 81 Devsar (SC) Shri Subhash Verma 66. 82 Dhauhani (ST) Shri Kunwar Singh Tekam 67. 83 Beohari (ST) Shri Sharad Koul 68. 84 Jaisinghnagar (ST) Shri Jaisingh Maravi 69. 85 Jaitpur (ST) Smt. Manisha Singh 70. 86 Kotma Shri Dilip Jaiswal 71. 88 Pushprajgarh (ST) Shri Narendra Maravi 72. 89 Bandhavgarh (ST) Shri Shivnarayan Singh 73. 90 Manpur (ST) Sushree Meena Singh 74. 92 Vijayraghavgarh Shri Sanjay Pathak 75. 93 Murwara Shri Sandeep Jaiswal 76. 94 Bahoriband Shri Pranay Pandey 77. 96 Bargi Smt. Pratibha Singh 78. 97 Jabalpur Purba (SC) Shri Aanchal Sonkar 79. 99 Jabalpur Cantt. Shri Ashok Rohani 80. 101 Panagar Shri Sushil Tiwari (Indu) 81. 102 Sihora (ST) Smt. Nandini Maravi 82. 103 Shahpura (ST) Shri Omprakash Dhurve 83. 104 Dindori (ST) Shri Jaisingh Maravi 84. 107 Mandla (ST) Shri Devi Singh Sayyam 84. 107 Mandla (ST) Shri Devi Singh Sayyam 85. 108 Baihar (ST) Smt. Anupama Netam 86. 109 Lanji Shri Ramesh Bhatere 87. 110 Paraswada Shri Ramkishore Kanware 88. 111 Balaghat Shri Gourishakar Bisen 89. 112 Waraseoni Shri Yogendra Nirmal 90. 113 Katangi Shr K.D. Deshmukh 91. 114 Barghat (ST) Shri Kamal Marskole 92. 115 Seoni Shri Dinesh Rai (Mun Mun) 93. 116 Keolari Shri Rakesh Pal Singh 94. 118 Gotegaon (SC) Dr. Kailash Jatav 95. 119 Narsingpur Shri Jalim Singh Patel 96. 122 Junnardeo (ST) Shri Ashish Thakur 97. 123 Amarwara (ST) Shri Prem Narayan Thakur 98. 124 Churai Shri Ramesh Dubey 99. 125 Saunsar Shri Nanabhau Mahod 100. 126 Chhindwara Shri Choudhary Chandrabhan Singh 101. 127 Parasia (SC) Shri Tarachan Bawariya 102. 128 Pandhurna (ST) Shri Tikaram Korachi 103. 130 Amla (SC) Dr. Yogesh Pandagare 104. 131 Betul Shri Hament Khandelwal 105. 132 Ghoradongri (ST) Smt. Geetabai Uikey 106. 133 Bhainsdehi (ST) Shri Mahendra Singh Chouhan 107. 134 Timarni (ST) Shri Sanjay Shah 108. 135 Harda Shri Kamal Patel 109. 137 Hoshangabad Dr. Sitasharan Sharma 110. 138 Sohagpur Shri Vijaypal Singh 111. 139 Pipariya (SC) Shri Thakurdas Nagvanshi 112. 140 Udaipura Shri Ramkishan Patel   113. 141 Bhojpur Shri Surendra Patwa 114. 142 Sanchi (SC) Shri Mudit Shejwar 115. 143 Silwani Shri Rampal Singh 116. 144 Vidisha Shri Mukesh Tandon 117. 147 Sironj Shri Umakant Sharma 118. 149 Berasia (SC) Shri Vishnu Khatri 119. 151 Narela Shri Vishwas Sarang 120. 152 Bhopal Dakshin-Paschim Shri Umashankar Gupta 121. 153 Bhopal Madhya Shri Surendra Nath Singh 122. 155 Huzur Shri Rameshwar Sharma 123. 156 Budhni Shri Shivraj Singh Chouhan 124. 157 Ashta (SC) Shri Raghunath Malviya 125. 158 Ichhawar Shri Karan Singh Verma 126. 159 Sehore Shri Sudesh Rai 127. 160 Narsinghgarh Shri Rajyavardhan Singh 128. 162 Rajgarh Shri Amar Singh Yadav 129. 163 Khilchipur Shri Hajarilal Dangi 130. 164 Sarangpur (SC) Shri Kunwar Kothar 131. 165 Susner Shri Murali Patidar 132. 166 Agar (SC) Shri Manohar Untwal 133. 171 Dewas Smt. Gayatri Raje Panwan 134. 172 Hatpipliya Shri Deepak Joshi 135. 173 Khategaon Shri Ashish Sharma 136. 174 Bagali (ST) Shri Pahar Singh 137. 175 Mandhata Shri Narendra Singh Tomar 138. 176 Harsud (ST) Shri Vijay Shah 139. 177 Khandwa (SC) Shri Devendra Verma 140. 178 Pandhana (ST) Shri Ram Dangore 141. 179 Nepanagar (ST) Kum. Manju Rajendra Dadu 142. 180 Burhanpur Smt. Archana Chitnis 143. 181 Bhikangaon (ST) Shri Dhul Singh Dabar 144. 182 Badwah Shri Hitendra Singh Solanki 145. 183 Maheshwar (SC) Shri Bhupendra Arya 146. 184 Kasrawad Shri Atmaram Patel 147. 185 Khargone Shri Balkrishan Patidar 148. 186 Bhagwanpura (ST) Shri Jamna Solanki 149. 187 Sendhawa (ST) Shri Antar Singh Arya 150. 188 Rajpur (ST) Shri Devi Singh Patel 151. 189 Pansemal (ST) Shri Diwan Singh Patel 152. 190 Badwani (ST) Shri Prem Singh Patel 153. 191 Alirajpur (ST) Shri Nagar Singh Chouhan 154. 192 Jobat (ST) Shri Madho Singh Dabar 155. 194 Thandla (ST) Shri Kalsingh Bhabar 156. 196 Sardarpur (ST) Shri Sanjay Baghel 157. 197 Gandhwani (ST) Shri Sardar Meda 158. 198 Kukshi (ST) Shri Virendra Baghel 159. 199 Manawar (ST) Smt. Ranjana Baghel 160. 200 Dharampuri (ST) Shri Gopal Kanoje 161. 201 Dhar Smt. Nina Verma 162. 202 Badnawar Shri Bhanwar Singh Shekhawat 163. 212 Nagada-Khachrod Shri Dilip Singh Shekhawat 164. 214 Tarana (SC) Shri Anil Firojiya 165. 215 Ghatiya (SC) Shri Ashok Malviya 166. 216 Ujjain Uttar Shri Paras Jain 167. 219 Ratlam Rural (ST) Shri Dilip Makwana 168. 220 Ratlam City Shri Chetan Kashyap 169. 221 Sailana (ST) Shri Narayan Meda 170. 222 Jaora Shri Rajendra Pandey 171. 223 Alot (SC) Shri Jitendra Gehlot 172. 224 Mandsour Shri Yeshpal Singh Sisodiya 173. 225 Malhargarh (SC) Shri Jagdish Dewada 174. 226 Suwasra Shri Radhey Shyam Patidar 175. 228 Manasa Shri Madhav Maru 176. 229 Neemuch Shri Dilip Parihar 177. 230 Jawad Shri Om Prakash Saklecha   TELANGANA Candidate List 1. 1 Sirpur Dr. Srinivasulu 2. 5 Asifabad (ST) Sri Ajmira Athmaram Naik 3. 6 Khanapur (ST) Sri Satla Ashok 4. 9 Nirmal Dr.(Smt.) Aindla Suvarna Reddy 5. 17 Nizamabad (Urban) Sri Endala Lakshminarayana 6. 21 Jagityal Sri Muduganti Ravinder Reddy 7. 23 Ramagundam Smt. Balmuri Vanitha 8. 29 Siricilla Sri Mallagari Narsa Goud 9. 33 Siddipet Sri Naini Narotham Reddy 10. 46 Kukatpally Sri Madhavaram Kantha Rao 11. 51 Rajendranagar Sri Baddam Bal Reddy, Ex.MLA 12. 52 Sherlingampally Sri G. Yoganand 13. 58 Malakpet Sri Ale Jithendra 14. 66 Charminar Sri T. Uma Mahendra 15. 67 Chandrayangutta Kum. Syed Shahezadi 16. 68 Yakatpura Sri Charmani Roopraj 17. 69 Bahadurpura Sri Haneef Ali 18. 76 Devarkadra Sri Aggani Narsmulu Sagar 19. 78 Wanaparthi Sri Kotha Amarender Reddy 20. 81 Nagarkurnool Sri Nedanuri Dilip Chary 21. 87 Nagarjuna Sagar Smt. Kankanala Niveditha 22. 97 Alair Sri Donthiri Sridhar Reddy 23. 99 Ghanpur (Station) (SC) Sri Perumandla Venkateshwarlu 24. 105 Warangal West Sri M Dharma Rao, Ex.MLA 25. 107 Wardhannapet (SC) Sri Kotha Saranga Rao 26. 111 Yellandu (ST) Smt. Mokalla Naga Sravanthi 27. 115 Wyra (ST) Ms. Bhukya Reshma Bai (Resyma Rathore) 28. 118 Aswaraopeta (ST) Dr. Bukya Prasad Rao   MIZORAM Candidate List 1. 2 Dampa (ST) Er K Lalrimawia 2. 4 Tuirial (ST) Mr. Jacomn T Vanlawma 3. 5 Kolasib (ST) B Lianthlira 4. 7 Tuivawl (ST) Mrs Judy Zohmingliani 5. 8 Chalfilh (ST) P Sanghmingthanga 6. 11 Aizawl North-II (ST) Mrs. C Lalnunziri 7. 12 Aizawl North-III (ST) V L Awia 8. 17 Aizawl West-III (ST) Lalmingmawia 9. 19 Aizawl South-II (Aizawl X) (ST) Lalniliana Hauhnar 10. 20 Aizawl South-III (ST) Ms F Lalremsangi 11. 21 Lengteng (ST) Mrs Laldinngheti 12. 22 Tuichang (ST) Mrs Lalduhpuii 13. 25 East Tuipui (ST) Dr. V L Zahawma Chawgthu 14. 26 Serchhip (ST) C Lalchunglura 15. 27 Tuikum (ST) C Lalnunmawia 16. 28 Hrangturzo (ST) K Sangzuala 17. 29 South Tuipui (ST) Lalnunpuia Chawngthu 18. 30 Lunglei North (ST) Ramdinzuava 19. 32 Lunglei West (ST) C S Cwangchhuma 20. 34 Thorang (ST)Joseph Lazawmliana 21. 35 West Tuipui (ST)Dr. Kina Ranjan Chakma 22. 36 Tuichawng (ST)Buddha Dhan Chakma 23. 37 Lawngtlai West (ST)J B Rualchhinga 24. 39 Saiha (ST)S Vadyyu   Read More
  • राफेल सौदा: राहुल का फिर मोदी पर वार: मोदी ने किया भ्रष्टाचार, अंबानी की कंपनी ने दसॉ के पैसे से खरीदी जमीन.......

    आवाज़(मुकेश शर्मा, दिल्ली): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रफ़ाल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं..... वो कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौकीदार नहीं बल्कि भर्ष्टाचार में अनिल अम्बानी के साथ भागीदार हैं..... इसी मुद्दे को लेकर आज शुक्रवार सुबह राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस की..... जिसमे उन्होंने ये आरोप लगाया कि आखिरकार अनिल अंबानी की कंपनी को ही इसका ठेका क्यों दिया गया. जब अनिल अंबानी की कंपनी घाटे में चल रही थी तो उसे दसॉ ने 284 करोड़ रुपये क्यों दिए. उन्होंने इस पैसे को साफ़ तौर पर किक-बैक करार दिया और इसे अनिल अंबानी को दसां की तरफ से दी गई पहली क़िस्त करार दिया है..... राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया कि अनिल अंबानी की कंपनी के पास तो जमीन भी नहीं थी, जो पैसा दसॉ ने दिया उसी पैसे से उन्होंने जमीन खरीदी. अंबानी की कंपनी को जानबूझकर फायदा पहुंचाया गया. साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि राफेल डील की वजह से ही सीबीआई के चीफ को हटाया गया. क्योंकि नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के बीच में पार्टनरशिप थी, हमारा काम पूरे देश को सच बताना है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस पूरी डील में सिर्फ दो ही व्यक्तियों को फायदा पहुंचाया है, वो दो व्यक्ति हैं नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी. कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि पहले दसॉ ने कहा था कि क्योंकि अनिल अंबानी की कंपनी के पास जमीन थी, इसलिए उनके साथ सौदा किया गया. लेकिन अब सच सामने आया है कि जमीन तो दसॉ के पैसे से खरीदी गई थी, यानी जमीन तो दसॉ ने खरीदी थी. ये लोग जनता के पैैसे से राफेल विमान खरीद रहे हैं, लेकिन जनता को ही दाम नहीं बता रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नुकसान में चल रही 8 लाख रुपये की कंपनी में 284 करोड़ रुपये दसॉ ने क्यों डाले? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राफेल पर जो भी फैसला हुआ है वो तो सिर्फ 'बॉस' ने ही किया है. भ्रष्टाचार की पूरी किश्त अनिल अंबानी के खाते में गई है. जो राफेल में किया गया है, वह पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी राफेल डील के दाम की जानकारी मांगी है, लेकिन सरकार ने कहा है कि वह ये जानकारी नहीं दे सकते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि सीक्रेट प्रैक्ट में दाम छुपाने की बात है ही नहीं और ये हो ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि फ्रांस को भी पता है कि इस डील में भ्रष्टाचार हुआ है. राहुल गांधी ने कहा कि इस डील में मनोहर पर्रिकर की कोई गलती नहीं है, उन्होंने कहा कि पर्रिकर ने भी देश को बताया दिया कि फैसला मेरा नहीं बॉस का है. कोई भी डिफेंस डील करने से पहले कैबिनेट डील की जरूरत होती है, लेकिन ये बैठक डील होने के बाद हुई है. Read More
  • राम मंदिर पर फिर चढ़ेगा सियासी बुखार, RSS ने किया एलान: जरुरत पड़ी तो होगा 1992 जैसा आन्दोलन.......

    आवाज़(मुकेश शर्मा,दिल्ली): जैसे जैसे 2019 का महासमर करीब आ रहा है... फिर एक बार राम मंदिर का मुद्दा गर्माना शुरू हो गया है....यानी सियासी बुखार फिरसे अपने चरम पर पहुँचने वाला है.... तमाम राजनितिक पार्टियाँ अपने अपने तरीके से इस मुद्दे को भुनाने में लग गयी हैं... फिर चाहे वो बीजेपी हो या फिर दुसरे दल, अपना नफ़ा -नुक्सान देखकर एक दुसरे पर छींटाकसी करने में जुटे हुए हैं.... लेकिन बड़ी खबर इस मुद्दे पर ये आ रही है कि RSS राम मंदिर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा टाले जाने से बेहद दुखी है....जिसका इज़हार उन्होंने खुले तौर पर प्रेस कांफ्रेंस करके किया.... मुंबई में पिछले तीन दिन से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बैठक शुक्रवार को जैसे ही खत्म हुई, संघ के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और खुले तौर पर सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर अपनी नाराज़गी जताई..... भैयाजी जोशी ने कहा कि रामलला सिर्फ दिवाली नहीं हमेशा ही हैं. पिछले 30 साल से हम इस आंदोलन में हैं, सामूहिक रूप से सर्व हिंदू समाज की अपेक्षा है कि अयोध्या में राम मंदिर बने. इसमें कानूनी बाधाएं हैं, हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला देगा. उन्होंने कहा कि अगर जरुरत पड़ेगी तो हम एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करेंगे. उन्होंने साथ ही कहा कि कोर्ट के जरिए  इसके निर्माण में बहुत देरी हो रही है, 2010 में इलाहाबाद कोर्ट के फैसले के बाद से ही ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. जब मामला 3 सदस्य पीठ के पास पहुंचा, हम चाह रहे थे कि दिवाली से पहले कुछ शुभाचार मिलेगा. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे टाल दिया है, ये उनका अधिकार है. वो जो चाहें कर सकते हैं.... लेकिन हिन्दू समाज इस उम्मीद में था कि दिवाली से पहले इस मुद्दे पर उन्हें खुशखबरी मिलेगी...... उन्होंने कहा कि जब कोर्ट से पूछा गया कि इसके बारे में आप कब बताएंगे, तो उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता अलग है. इस बात से हमें दुख पहुंचा है, सुप्रीम कोर्ट के जवाब से आज हिन्दू समाज अपने आप को अपमानित महसूस करता है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले को जल्द से जल्द सुनें. साथ ही उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की उपेक्षा नहीं कर रहे हैं, हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन न्यायालय की जिम्मेदारी बनती है कि वे लोगों की भावनाओं का सम्मान करे.  साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई विकल्प नहीं बचता है, तो सरकार को इस पर भी विचार करना ही पड़ेगा. इसके अलावा उन्होंने इस प्रेस कांफ्रेंस में संघ के विस्तार की जानकारी दी.भैयाजी जोशी ने कहा कि हम हमेशा कार्यकारी मंडल की बैठक में हम समीक्षा करते हैं, शाखा के विकास की बात होती है. पिछले 6 वर्षों से एक गति से आगे बढ़ रहे हैं, इतने समय में डेढ़ गुना काम बढ़ा है. उन्होंने कहा कि संघ हम जिले के आगे बढ़कर गांव, तालुका तक आगे बढ़ रहा है. ऐसी करीब 70000 यूनिट बनानी हैं, 32000 जगह तक पहुंच गए हैं. इसके अलावा भी स्कूल, सेल्फ हेल्प ग्रुप, अस्पताल के जरिए संघ कई जगहों पर काम कर रहा है. गौरतलब है कि शुक्रवार को ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बैठक के खत्म होने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी. भागवत के अलावा शाह कई अन्य संघ नेताओं से भी मिले. सूत्रों की मानें तो भागवत और शाह के बीच हुई मुलाकात में राम मंदिर निर्माण के अलावा विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों के बारे में चर्चा हुई. अमित शाह गुरुवार देर रात ही मुंबई पहुंचे थे.  Read More
  • राजस्थान: टिकेट बंटवारे को लेकर बसुन्धरा और अमित शाह में रार , अब फैसला दिवाली के बाद आने की उम्मीद.......

    आवाज़(रेखा राव, दिल्ली): राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची निर्धारित नहीं कर पाई है.... सूत्रों के हवाले से ख़बरें आ रही हैं जिसमे ये कहा जा रहा है कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर एक बार फिरसे बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री राजस्थान बसुन्धरा राजे के बीच ठन गई है... जिसकी वजह से अभी तक उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पा रहा है... सूत्रों की मानें तो जहाँ बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अपने कराये गये सर्वे के आधार पर टिकेट देना चाह रहे हैं.... इसके अलावा वो आर एस एस के सर्वे को भी तरजीह दे रहे हैं... उनके मुताबिक चुनाव में बीजेपी को सिर्फ जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकेट देना चाहिए. अगर अमित शाह के फोर्मुले पर चलें तो मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों के टिकेट कट जायेंगे.... सूत्रों की मानें तो अमित शाह के फोर्मुले के मुताबिक बसुन्धरा के करीबी 6 मंत्रियों और 70 विधायकों  के टिकेट कट जायेंगे......जो निश्चित तौर पर बसुन्धरा के लिए एक बड़ा झटका होगा... इतना ही नहीं चुनावी नतीजों के बाद अगर बीजेपी सरकार बनाने के हालात तक पहुंची तो बसुन्धरा के लिए फिरसे मुख्यमंत्री बनना मुमकिन नहीं होगा, जिसे किसी भी हालत में बसुन्धरा को मंज़ूर नहीं होगा...... सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने साफ़ तौर पर ये कह दिया है कि बीजेपी को किसी को भी इस चुनाव में ओब्लाईज़ करने की जरुरत नहीं है.... अगर दोबारा राजस्थान में बीजेपी को सत्ता पर काबिज़ होना है तो कठोर कदम उठाने होंगे..... यानी अमित शाह ग्राउंड रिपोर्ट और अपने करवाए गये सर्वे के आधार पर टिकेट आवंटन करना चाह रहे हैं....इसके अलावा वो मौजूदा विधायकों के द्वारा पिछले 5 साल में करवाए गये काम और जातिगत आंकड़ों को भी तरजीह दे रहे हैं...... वहीँ बसुन्धरा का मानना है कि सभी को साथ लेकर चलना होगा.... जो लोग लम्बे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती.... यानी बसुन्धरा ने साफ़ तौर पर एक बार फिरसे पार्टी हिघ्कमान को आँख दिखा दी है... और वो इस मुद्दे को लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नही हैं..... वो बीजेपी राज्य इकाई द्वारा तय किये गये नामों को ही फाइनल करने की अपनी मांग पर अदि हुई हैं जिसके कारण अभी तक उम्मीदवारों की सूची तय नहीं हो पा रही है..... जानकारों की मानें तो दिवाली के बाद शाह एक बार फिर से एक एक उम्मीदवार के नाम पर पार्टी की राज्य इकाई से चर्चा करेंगे और उसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम की सूची तय होने की उम्मीद है...... Read More
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